Dec 11, 2019

क्योंकि महान चीज़ें हमेशा काम नहीं करती.



अगर आप सीधे तौर पर देख सकें तो पायेंगे
कि
महान बनना और शानदार होना
दोनों बिलकुल अलग-अलग चीज़ें हैं.
किसी का महान होना थोड़ा 
अनकॉमन और इम्पोर्टेड भी हो सकता है.

कोई महान आदमी शानदार भी हो, ये ज़रूरी नहीं
लेकिन हर शानदार आदमी महान होता ही है.

आप किसी बहुत सफ़ल को महान मान सकते हैं,
जिसे सामूहिक रूप से कभी पूजा गया हो
या लोगों द्वारा उसके गुण गाए जाते रहे हों,
या किसी के आगे कोई उदाहरण देना हो
जैसे वो ये था,
उसनें ये किया, वो किया, ऐसे किया आदि-आदि.

वो महान आदमी आपके आस-पास का नहीं होता
वो कभी किसी किताब से उठाया हुआ होता है
या किसी इतिहास से पकड़ा हुआ
या कभी कभी किसी और कंट्री के ट्रेडमार्क से.

अधिकतर समय वो पुराना कोई होता है
जिसे लोगों ने अपनी मेमोरी में बसाया होता है,
फ़िर चाहे आप उसके बारें में कुछ 
जानें या ना जानें,
सब चलता है.
इसे फॉलो करते हुए ट्रेंड बना दिया जाता है
और महानता का डीजे बजने लगता है.

एक शानदार आदमी कोई पुराना मॉडल नहीं होता.
वो जीवित होता है, आपके आस-पड़ोस,
मोहल्ले या आपके जिले में भी हो सकता है.
ऐसा आदमी जो गाहे-बगाहे 
आपकी हेल्प की लिए हमेशा रेडी रहता है.
वो सचमुच आपके काम आता है,
सिचुएशन फ़िर चाहे कुछ भी हो.
वो कतई महान नहीं होता.
लेकिन उसे डिफाइन करते हुए 
आपके चेहरे पर स्माइल आ सकती है.
या उसकी अच्छी नीयत देख कर 
आप भावुक भी हो सकते हैं.
वो उदारता लिए हुए एक आम इंसान ही होता है.
यक़ीनन उसे महान होने के झंझट से भी मुक्ति है
क्योंकि वो जहां भी रहता है, 
उसे स्वर्ग बना देता है.

तो जब भी आपको कोई आप्शन दे
कि महान बना जाए या कि शानदार
तो आप आसानी से सिलेक्शन कर सकते हैं.

इन दिनों पूरी दुनिया को
शानदार लोगों की ज्यादा ज़रूरत है
क्योंकि महान चीज़ें हमेशा काम नहीं करती.
रास्ते पकड़ने के लिए उनका जिक्र 
किया जा सकता है,
लेकिन लाइफ़ को शानदार होना पसंद है.
महानता इसका एक छोटा हिस्सा है,
जो समय के साथ अपाहिज भी हो सकता है.

शानदार होने का मतलब है,
अपने आस-पास के जीवन को 
मुस्कराहट से भर देना.

ये सबसे कठिन है,
लेकिन महान बन के किसी के 
काम ना आने के मुकाबले कहीं आसान.

और हां,
आप वाकई शानदार हैं.
शुक्रिया.


इमेज सोर्स: गूगल