Sep 20, 2019

तो अब आपको क्या चुनना चाहिए?





डिजिटल मीडिया के आने से कोई भी, कैसी भी  
इनफार्मेशन, लोगों तक बहुत जल्दी पहुँच जाती है.
कभी-कभी आपको अच्छी बातें भी पता चलती हैं,
और कभी कभी बुरी चीज़ों से भी सामना होता है.
जिंदगी इनफार्मेशन के साथ, 
आगे का रास्ता तय करते चलती है.

इन दिनों जो एक अच्छी चीज़ हम देख पा रहे हैं,
वो ये है कि साइंटिफिक रिसर्च के 
अलग-अलग आयामों को,
घर बैठे जान लेना.

वैसे तो अब तक आनुवंशिक बीमारियों को,
डीएनए की गड़बड़ी ही माना जाता रहा है,
लेकिन कल ही समाचारों में पढ़ने को मिला कि
हमारा खान-पान यानि फूडिंग की आदतें,
आदमी के शरीर पर सबसे ज्यादा असर
डालने वाला पैरामीटर है.

जर्मनी की ल्यूबेक यूनिवर्सिटी के साइंटिस्ट
डॉ. अर्तेम वोरोवयेव, डॉ. यास्का शेजिन और 
डॉ. तान्या गुप्ता ने,
फ़ूड पर अपनी रिसर्च में इस बात की पुष्टि की है.
उनकी रिसर्च प्रसिद्ध “नेचर मैगज़ीन” के 
लेटेस्ट इशू में पब्लिश हुई है.

उनके शोध में भारतीय खाने को बेमिसाल 
तारीफें मिली हैं.

जहां एक तरफ़,
वेस्टर्न कन्ट्रीज के फ़ास्ट फ़ूड को, 
आनुवांशिक बीमारियों का
स्वागत करने वाला फ़ूड बताया जा रहा है.
वहीँ दूसरी ओर,
भारतीय देसी खाने जैसे दाल-चावल और
अन्य फ़ूड वैरायटी के गुणों को,
हेल्थ के लिए बेहतर और 
बीमारियों से फाइट कर सकने वाले,
फ़ूड के रूप में जगह मिलती नज़र आ रही है.
और ये सब साइंटिफिक वर्कआउट 
करके सामने आया है.

तो अब आपको क्या चुनना चाहिए?
फ़ास्ट फ़ूड यानि हाई कैलोरी फ़ूड
या इंडियन फ़ूड यानी लो कैलोरी फ़ूड.

फ़ैसला आपके हाथों में है.
स्वस्थ शरीर
या के
जीभ-लपलपाता मन.

तो सही खाना चुनिए
और जितना बच सकते हैं,
बचिए.

इमेज सोर्स: गूगल