Aug 17, 2019

बेहतर होने के लिए आपको सिर्फ़ अपने मन की “हाँ” चाहिए.






आप कहीं से भी हों,
कहीं पर भी हों,
आपको अक्सर वो मिल ही जाता है,
जिसकी आपको तलाश रहती है.

यदि आपको पढ़ने का शौक है
तो वैसा माहौल आप तलाश ही लेंगे.

यदि आपको खेलने का शौक है
तो खेल का मैदान और खिलाड़ी आप तलाश ही लेंगे.

यदि आपको  मुस्कुराने का शौक है
तो आप मौका तलाश ही लेंगे.

यदि आपको पेंटिंग करने का शौक है
तो आप शीट और ब्रश तलाश ही लेंगे.

यदि आप ख़ूब अमीर होना चाहते हैं
तो वैसा रास्ता, आप तलाश ही लेंगे.

यदि आप मन की शांति के साथ जीना चाहते हैं
तो ऐसा माहौल, तलाश ही लेंगे.

यदि आप किसी की भी अच्छाई देखना पसंद करते हैं
तो आप, उसे तलाश ही लेंगे.

यदि आपको हमेशा किसी की गलती 
देखने से ही प्यार है,
तो आप कहीं भी, उसे तलाश ही लेंगे.

यदि आपको घूमना-फिरना पसंद है
तो आप ऐसा मौका तलाश ही लेंगे.

यदि आपको सोशल लाइफ़ सपोर्ट करती है
तो आप कहीं भी, उसे तलाश ही लेंगे.

यदि आपको क्रिएटिविटी पसंद है
तो कहीं भी, उसे तलाश ही लेंगे.

यदि आपको दुखी दिखना पसंद है
तो आप ऐसा संग तलाश ही लेंगे.

यदि आपको सुखी दिखना पसंद है
तो आप वैसा संग भी तलाश ही लेंगे.

कुल मिलाकर
परिस्थितियाँ चाहे जैसी भी हों,

लेकिन ये अलग-अलग आदमी के ऊपर है
कि वो कब, क्या और कैसे रियेक्ट करेगा?

और
यदि कोई भी,
इंसान से,
एक बेहतरीन इंसान बनने की तरफ़
क़दम आगे बढ़ाता है  
तो निश्चित रूप से
वो इसके लिए ज़रूरी मानसिक
शक्तियां तलाश ही लेगा,

क्योंकि बेहतर होने के लिए
आपको सिर्फ़ अपने मन की “हाँ”
चाहिए.

फ़िर जीवन आपको तलाशना शुरू करता है.


इमेज सोर्स: गूगल