Mar 13, 2021

ख़ुश रहना आखिर किस बारे में हैं?

 




ख़ुशी कौन है?

ख़ुशी क्या है?

ख़ुश रहना आखिर किस बारे में हैं?

क्या ये आपके रिश्तों के बारे में है

जैसे रिश्ते, वैसी ख़ुशी

यानि अभी आज़ादी की झलक बेहद दूर है.

अभी आप आत्म-निर्भर नहीं है.

रिश्ता टिका तो कुछ पल की ख़ुशी

वर्ना ख़ुशी गायब.

क्या आप इस तरह ही जीते हैं

और अगर सच में ऐसा है तो आपका

फुल-टाइम ख़ुश रहना मुश्किल ही होगा.

 

ठीक इसी तरह आपका काम.

क्या आपका काम आपको हमेशा ख़ुश रखता है

या

कभी-कभी ये बोरियत भी अपने साथ लाता है.

कभी तो ढेर सारी उदासी भी.

चाहे आप नौकरी में हो या

किसी बिज़नेस में.

अक्सर आपके साथ क्या होता है,

इसे नोट करें.

ये समझदारी भरा कदम होगा,

ये जानने के लिए कि आखिर

काम से जुड़ी ख़ुशी की परसेंटेज क्या है?

 

अब पैसा.

क्या ये 100 % ख़ुशी लाता है.

जरा देखिये,

ध्यान से देखिये.

बचपन में जब हर बच्चा जो कुछ नहीं कमाता.

क्या वो ज्यादा ख़ुश है बजाय के ढेर सारे 

पैसों के साथ,

जो कि आप अब हैं.

ये भी कोई गारंटी नहीं देता.

 

कुल मिलाकर पूरी तरह ख़ुश रहने के लिए 

कुछ और चाहिए.

शायद रिश्ते, काम-धंधे या पैसों के अलावा.

जी हां.

आपको इसे जानना चाहिए.

अगर आप इसे तराश लेते हैं तो

ये काम करेगा,

वरना रेस जारी है.

भागते रहिये,

जब तक आपकी टांगों में जान है.

 

 

इमेज सोर्स: गूगल