Jan 25, 2018

सिर्फ़ परिवर्तन ही Stable है


लोगों को ऊपर उठते देखा गुब्बारों की तरह
लोगों को फटते देखा गैस सिलेंडरों सा
टूटते देखा क्रोकरी सेट जैसा
नीचे गिरते देखा कटी पतंग जैसे
लोगों को हसतें हुए देखा मगरमच्छ के मुहं जैसा
रोते हुए देखा अधखुले नल की तरह
लोगों को बजतें देखा कोई ढपली जैसे
मगर
लोगों को खड़े हुए नहीं देखा पर्वतों की तरह
वो पत्थर थोड़े ही हैं ?

मीनिंग : हर व्यक्ति को अपनी लाइफ में अलग-अलग मोमेंट्स से गुजरने का मौका मिलता रहता है. कभी हंसी, कभी गम, कभी सम्मान, कभी फज़ीहत, कभी आश्चर्य, कभी गंभीरता, कभी मेजबानी तो कभी मेहमान-नवाजी. सब किसी ना किसी रूप में इसी चक्र का हिस्सा बनते हैं और ये परिवर्तन ही हमारी जिंदगी की स्टेबिलिटी है. सबसे महत्वपूर्ण है की सभी मोमेंट्स का स्वाद चखना, सबसे प्रेम का भाव और स्वीकार करने की कैपेसिटी बढ़ाना क्योंकि इंसान कठोर हो सकता है लेकिन पत्थर नहीं बन सकता. पिघलेगा ज़रूर.