Jan 23, 2018

दोस्त और दोस्ती





सच्चे दोस्त की पहचान 

सच्चा दोस्त की पाने की ख्वाहिश किसकी नही होती. हम चाहते हैं कि कोई तो हो जिससे दिल की सारी बातें कर सकें, कह सकें, बिना हिचक, बिना झिझक और पूरे यकीन से. पर उसके लिए हमें भी उतना ही ईमानदार, विश्वसनीय और भरोसेमंद बनना ज़रूरी है. जैसे एक चोर को भी चोर पसंद हो सकता है एक दोस्त के रूप में, बशर्ते वो दोस्ती में कोई चोरी न करे. आज की भागदौड़ भरी लाइफ में हालाँकि दोस्ती लगभग अपना काम निकालने तक सीमित होती जा रही है पर फिर भी हमें हमेशा ही एक सच्चे दोस्त की जरुरत रहती ही है और ऐसा चाहना और निभाना कोई गलत बात नहीं.


आइए जाने कि कौन हैं आपके सच्चे और रियल दोस्त.

·     सच्चे दोस्त हमेशा प्रोत्साहन देते हैं. वे आप को हमेशा आश्वस्त और खुश महसूस कराने की कोशिश करते हैं. जब कभी वे आप से सहमति न भी रखते हों, तब भी आप की जितनी हेल्प कर सकते हैं, ज़रूर करेंगे.

·       यदि आप का दोस्त हर एक चीज़ पर आप की सच्ची तारीफ करता है, तो यह एक अच्छा संकेत है.

·      क्या आप का दोस्त हमेशा आप का गुणगान करता है? यदि आप का दोस्त सच्चा है, तो वह हर समय आप का गुणगान नहीं करेगा. यह सिर्फ़ आप की सही बातों का ही गुणगान करेगा और आप को और अधिक सफलता के लिए प्रेरित करेगा.


·     यदि आप का दोस्त हमेशा आप की सफलता को खारिज़ करता है, या खुद को आप से एक कदम आगे बताता है, आप को नीचा दिखाता है या फिर आप कभी सफल भी हो सकते हैं, इस बात पर कभी विश्वास ही नहीं करता, तो यकीन मानिये कि वो आप का सच्चा मित्र नहीं है.



·      जब आप अपने दोस्त से बात करें, तो ध्यान दें कि कहीं वो कमरे में चारों ओर या फिर बार-बार अपने फ़ोन की तरफ तो नहीं देख रहा है, और आप की बातें भी उसे याद नहीं रह पा रही हैं, तो वो आप का सच्चा दोस्त नहीं होगा.


·   सच्चे दोस्त आपस में खुलकर बात करते हैं. सच्चे दोस्तों के साथ आप अपने कुछ शर्मनाक पल और राज़ भी खुलकर बाँट सकते हैं और वे भी आप के साथ ऐसा ही करेंगे. ये आप के बताए बिना भी आप के मूड को पहचान सकते हैं.

·      जब भी कुछ गड़बड़ होती है, तो सच्चे दोस्त उस की चर्चा चारों तरफ नहीं करते, वे आप के साथ बात कर के मसले को सुलझाएँगे.


·   मुझे बहुत ख़राब लगा, तुम मेरी बर्थडे पार्टी में नहीं आए" यदि आप या आप का दोस्त ऐसा कहने में नहीं हिचकिचाते, तो आप ने एक अच्छा दोस्त पा लिया है.

·       यदि आप को उस से अपनी चीज़ें छिपाने की, ज़रूरत महसूस हो रही है, या फिर आप उसे कोई भी अच्छी बात या अपना राज़ छिपाते हैं, या फिर वह आप के साथ अभी तक सहज नहीं हो पाया है, तो शायद वह भी आप का सच्चा दोस्त नहीं है.

·       सच्चे दोस्त अफवाहों से दूर रहते हैं. हर किसी को मजेदार गपशप करने में मज़ा आता है, लेकिन एक सही समय पर ही. पर यदि आप का दोस्त हर समय किसी ना किसी के बारे में बुराई करता रहता है तो संभावना है, कि आप का दोस्त आप के पीठ पीछे आप की बुराई भी करता होगा.

·     यदि आप का दोस्त किसी के कमरे से निकलते ही उस की बुराई करना शुरू कर देता है, तो आप का यह दोस्त एक बहुत ही ख़तरनाक व्यक्ति है. जिससे आपको ही नहीं, सबको बचकर रहने की जरुरत है.  


·     यदि आप का वह दोस्त जिस व्यक्ति को अपना सब से करीबी मित्र बताता है और उस के बारे में नियमित रूप से बात करता है, तो वह अन्य लोगों के सामने आप को लेकर भी कुछ ऐसा ही करता होगा.

·     यदि आप का दोस्त हमेशा ऐसे लोगों के बारे में बुराई करता है, जो उस के आसपास नहीं है, तो आपका यह दोस्त पक्का आप का सच्चा नहीं है.


·     सच्चे दोस्त हमेशा आप के लिए समय निकालते हैं. हर कोई अपने जीवन में व्यस्त होता है, यहाँ तक कि उस के पास सोने तक का वक़्त नहीं होता, लेकिन एक सच्चे दोस्त के पास हमेशा आप के लिए समय रहता है. यदि वह आप से बात करने का समय भी नहीं दे पाता, तो फिर ऐसे दोस्त होने का क्या फायदा?

·    यदि आप का दोस्त कभी भी आप के लिए समय नहीं निकाल पाता, और हमेशा ही अपने जीवन की शिकायत करता रहता है और आप से उस के समयानुसार ही सब कुछ करने को कहता है, तो यह एक समस्या है.


·   सच्चे दोस्त हर चीज़ को समान रूप से रखते हैं. एक सच्ची मित्रता में, दोनों ही अपने रिश्ते को बनाए रखने में समान रूप से मेहनत करते हैं, भले ही फिर यह बातचीत करना हो, साथ में कुछ पल बिताना हो, या फिर आप के लिए कोई चीज़ खरीदना हो। यह एक तरह से लेन-देन वाला रिश्ता है, तो यदि आप का यह दोस्त सिर्फ़ चीज़ों को लेने वाला हो, तो आप ज़रा संभल जाएँ. ऐसे मित्रों से दूर रहना ही बेहतर होगा. सच्चे दोस्त आप के सोचने और माँगने से पहले ही आप की चीज़ें वापस लौटा देते हैं.

·      दोस्तों को एक दूसरे से स्नेह दिखाना होता है. हर कोई अपनी भावनाओं को गले लगा कर नहीं दर्शाता, लेकिन हर एक के पास इसे व्यक्त करना का कोई ना कोई तरीका ज़रूर होता है. जब भी ज़रूरत हो तो उसे मदद के लिए जरुर पूछें. आप दोनों को समय-समय पर एक दूसरे के पास जाते रहना चाहिए, ना सिर्फ़ उन के मदद माँगने तक का इंतज़ार ना करें, कभी-कभी अपनी तरफ से भी मदद का हाथ बढ़ाएँ.


·    सच्चे दोस्त हमेशा आप को सच्ची बात बताते हैं. कई चेहरों वाला व्यक्ति किसी का दोस्त नहीं होता. यदि आप का दोस्त जो कहता है, वो नहीं करता, जैसे आप की बनाई योजनाओं को भूल जाता है या आप को कहीं पर फँसा कर छोड़ देता है, तो वह आप का सच्चा दोस्त नहीं है. ऐसा हमारे साथ भी हो सकता है कि हम कोई योजना बना कर आख़िरी समय में उसे पूरा नहीं कर पाते, लेकिन यदि वो बार-बार ऐसा करता है, तो शायद उसे आप के समय की कोई कद्र नहीं है.

·    यदि आप का दोस्त आप के साथ कोई भी योजना बनाता है, और बनाकर भूल भी जाता है, तो वह आप का सच्चा दोस्त नहीं है.


·   सच्चे दोस्त के पास आप के दोस्त बने रहने का कोई और उद्देश्य नहीं होता. कुछ समय लेकर इस बारे में सोचें कि आप का मित्र किस उद्देश्य से आप के साथ समय बिताता है.

·    सच्चे दोस्त आप को अपने बारे में अच्छा महसूस कराते हैं. ये आप के साथ रहकर आप को दुनिया जीत सकने वाली भावना दिलाते हैं. यदि आप ने अपने दोस्त के साथ अपने कुछ रहस्य वाली बातें नहीं बाँट पा रहे हैं, तो फिर किस तरह की दोस्ती?


·   यदि आप को अपने दोस्त को अलविदा कहते वक़्त हर समय ऐसा महसूस होता है, जैसे आप कुछ ग़लत कर रहे है, आप ने कोई ग़लती कर दी है, दोस्त को दुख पहुँचाया है या फिर आप बहुत बेकार इंसान हैं, तो यह एक समस्या की बात है. यदि आप का मित्र खुद की खुशी के लिए आप को नीचा दिखाता है, तो यह भी एक समस्या है.

·   सच्चे दोस्त आप को अपनी अहमियत महसूस कराते हैं. एक सच्चा मित्र हमेशा आप को महसूस कराता है, कि आप बहुत महत्वपूर्ण और अति आवश्यक हैं. वे आप से सलाह माँगते हैं, और उन पर गौर भी फरमाते हैं और किसी और मित्र के आने पर भी आप को छोड़ कर कहीं नहीं जाते.


·   झूठे दोस्त आप के साथ अकेले में तो अच्छा व्यवहार करेंगे, लेकिन जब किसी ग्रुप में मिलेंगे तो इन्हें आप की उपस्थिति तक का एहसास नहीं होगा। जब ये लोगों के साथ होंगे तो ये आप की सारी सलाह या विचारों को एकदम खारिज़ कर देंगे.

·    सच्चे दोस्त आप को हमेशा खुश रखेंगे. सच्चे दोस्त वही होते हैं, जिन के आसपास आप भी खुशी महसूस करें. यदि आप उस से बात करते वक़्त ज़्यादा खुशी महसूस नहीं कर पाते, तो वह आप का सच्चा दोस्त नहीं है.


·     हर किसी में कोई ना कोई कमी होती है. लेकिन यदि आप को ऐसा लगता है जैसे आप का दोस्त हर समय किसी ना किसी समस्या से घिरा रहता है और आप कभी भी उस के साथ खुल कर आनंद नही ले पाए क्योंकि आप हमेशा ही उस की मदद करने में लगे रहते हैं, तो यहाँ पर भी एक समस्या है. आप एक दोस्त हैं, ना कि सिर्फ़ रोने के लिए एक कंधा.

·     दोस्त को ढूँढते वक़्त अपने अंदर से आने वाली आवाज़ को सुनें. यदि कुछ ऐसा है, जो ग़लत लग रहा है, तो वह ग़लत है. यदि आप उन के साथ में खुश नहीं हैं, या फिर उस पर विश्वास नहीं कर पा रहे है, तो उन के दोस्त ना रहें. मानते हैं कि सच्चा दोस्त किसी को ऐसे ही नहीं मिलता, लेकिन इस का मतलब यह तो नहीं है, कि आप किसी ऐसे व्यक्ति के भी साथ में दोस्ती निभाते रहें, जो आप के साथ एक तुच्छ व्यक्ति की तरह व्यवहार करता हो.


·    सच्चे दोस्त हमेशा आप के पास रहते हैं. ये लोग मुश्किल हालात से निपटने में आप की मदद करते हैं और हर घड़ी आप का साथ देते हैं.

·     एक सच्चा दोस्त कभी भी आप की पीठ-पीछे बुराई नहीं करता या फिर वह कभी भी आप की चीज़ें नहीं चुराता या आप से झूठ भी नहीं बोलता.


·     यदि आप का दोस्त किसी और से बात कर रहा है और जब तक आप खुद ही बात शुरू नहीं करते, वो भी आप से बात नहीं करता, एक अच्छा रिश्ता नहीं है. सच्चे मित्र आप को हर चीज़ में शामिल करते हैं.

·      किसी समस्या को सुलझाने में, हमेशा अपने दोस्त की मदद करें.

·    सच्चा दोस्त जो भी बोलेगा आप के सामने बोलेगा, ना की आप के पीछे. सच्चा दोस्त हमेशा आप को सम्मान देता है. जब सारी दुनिया आप का साथ छोड़ देगी, तब भी आप का सच्चा दोस्त आप का साथ देगा.


·     आप जिसे नहीं बदल सकते, उसे बदलने की कोशिश ना करें. यदि आप का दोस्त सच में बहुत बुरा दोस्त है, तो उस से दोस्ती बनाए रखने से कोई फायदा नहीं होगा। उसे भूल जाएँ और कोई नया और सच्चा दोस्त ढूँढने की कोशिश करें.

·       आप किसी के सच्चे दोस्त हैं, ऐसा सोच कर खुद से झूठ ना कहें, विशेष रूप से यदि वह भी आप के बारे में ठीक आप की तरह कुछ भी महसूस नहीं करता हो, तब। इस तरह से आप खुद को ही दुख पहुँचा रहे हैं.

·    अपने दोस्त से झूठ ना बोलें क्योंकि यदि आप ऐसा करते हैं, तो बदले में आप को भी झूठ ही मिलेगा। और यदि आप किसी महत्वपूर्ण बात पर भी अपनी ईमानदारी नहीं दिखाते और वे आप को झूठ बोलते हुए पकड़ लेते हैं, तो हो सकता है कि वे आप के साथ अपनी इस दोस्ती को भी तोड़ दें. तो कुछ भी हो जाए, आप हमेशा उन से सच ही कहें.


·      एक झूठे दोस्त के आप से मित्रता करने के पीछे बहुत सारे कारण हो सकते हैं, यदि वे आप के सच्चे मित्र नहीं हैं, तो आप को कोई ना कोई संकेत तो मिल ही जाएगा.

·   फिर भी ऐसे दोस्तों को पहचानें, जो आप के साथ कुछ इन कारणों से हो सकते हैं :
1.  लोकप्रियता:  लोकप्रिय होना कोई बहुत बड़ी बात नहीं है। कुछ लोग आप के बहुचर्चित होने के कारण आप से जुड़ेंगे, लेकिन आप के सच्चे दोस्त आप से हमेशा जुड़े रहेंगे, भले ही फिर आप लोकप्रिय हों या ना हों.
2.  धन-संपत्ति: यदि आप के दोस्त आप से, आप की धन-संपत्ति के कारण स्नेह रखते है, तो ये आप के धन के ख़त्म होने के कुछ पल पहले ही भाग खड़े होंगे.
3.  सुविधा: क्या आप उन्हें ऑफिस तक अपनी गाड़ी में ले जाते हैं या फिर घर के कामों में उन की मदद करते हैं? क्या वे इस के बदले में आप को कुछ दे रहे हैं?
4.  अपना मतलब: गर्मी की छुट्टियाँ आ गई हैं और आप का पड़ोसी एकदम से आप के साथ घुल मिल गया है. स्कूल शुरू होने के बाद अब वह आप को नज़र भी नहीं आता? इस तरह के दोस्त आप के झूठे मित्र होते हैं, और ये किसी नए दोस्त के मिलने के बाद, आप को कभी भी छोड़ सकते हैं.

इसीलिए अच्छे बने, अच्छे दोस्त बनाएं जो सही समय पर आपके काम आयें न कि आपको मुसीबत के समय अकेला छोड़ जायें. 


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स्त्रोत: हाय.विकिहाउ.कॉम