Jan 22, 2018

जिंदगी की राहों में ....


जिंदगी की राहों में ..................

उसे समझा होता तो वो ना फिर गया होता
उसे जाना तो था पर ऐसे ना वो गया होता.

अब फ़िज़ा में धूल का आलम, उदासी का सबब
वो अगर लौट के आता तो कुछ नया होता.

गहरे पानी में डूबकर तैरना सीखो
किनारे बैठकर कुछ भी नहीं बयां होता.

हर जगह जिंदगी उत्पात करे बैठी है
किसी का शोर तुमने अंदर कभी सुना होता.

दगा न दीजिये, ख़ुदा राज़ी नहीं होगा बरसों
वो जो कल उसको मिला, तुमको भी ग़र मिला होता.

कोख़ की चीख़ सुनो, अंश वो तुम्हारा था
जब वो बोलता, पहले “माँ” तुम्हें कहा होता.