Feb 20, 2018

स्टार्टअप इंडिया




देश की आबादी एक अरब से कहीं ज्यादा.

Structured और Unstructured Employments फील्ड Specification करना फ़िलहाल बेहद मुश्किल.

सरकारी नौकरी की इच्छा सभी की लेकिन Apply करने वालों की संख्या Jobs की तुलना में हजारों गुना. यानि मेहनत करने के बावजूद भी गारंटी कहां? गांरटी तो लाइफ की ही नहीं तो....

अब भारतीय युवा क्या करे?

या तो System को Criticise करता करता बुजुर्ग हो जाये या फ़िर कुछ नया करने का रिस्क उठा ले?

इस पहेली को सुलझाना इतना आसान होता तो हमारा देश भी आज Realistic Developed कहलाता.

Efforts जारी हैं. आगे क्या होगा और क्या नहीं होगा, ये तो वक़्त की तिजोरी में है पर आप कोशिश करिए क्या पता कुछ नया, कुछ बेहतर हो. और कोशिशें कामयाब होती हैं.  

सभी लोग एक ही Mount Everest पर नहीं चढ़ते. वो ही चढ़ते हैं, जो वहा जाना चाहते हैं या जिसे पैशन है. आप भी देखिये कि कहां जाना चाहते हैं या क्या आपका पैशन है? फ़िर आसानी हो जाएगी. और इतना तो आपको पता है ही कि आपका Mount Everest कौन सा है. बस उसे पहचानना बाक़ी है.

क्या और कैसे कोशिश करें?

स्टार्टअप इंडिया और स्टैंडअप इंडिया आपके लिए बेहतर साबित हो सकती है. थोड़ा समय निकालिए. स्टडी कीजिये. देखिये कि क्या Suit करता है आपको? और फ़िर ख़ुद को खड़ा होते देखिये.

अगर आप कोई छोटा मोटा कारोबार शुरू करना चाहते हैं, लेकिन वित्तीय अड़चनों और सुविधाओं एवं मार्गदर्शन के अभाव में ऐसा नहीं कर पा रहे हैं तो केंद्र सरकार की स्टार्टअप इंडिया और स्टैंडअप इंडिया आपके लिए काफी बेहतर साबित हो सकती है.

1. यह योजना 2016 में लॉन्च की गयी.

2. इस योजना का मकसद छोटे-बड़े कारोबार की योजना बनाने वाले उद्यमियों की मदद करना है. इसमें लोन की सुविधा दी जाती है. उचित मार्गदर्शन के साथ साथ आपको बिजनेस के लिए आसान पॉलिसी के बारे में भी बताया जाता है. इस योजना के तहत स्किल डिवेलपमेंट ट्रेनिंग भी दी जाती है.

3. यह योजना उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो लोग अपना खुद का कारोबार शुरू करना चाहते हैं. कारोबार शुरू करने की इच्छा रखने वाले लोगों को आर्थिक मदद की जाती है. साथ ही उन्हें इस आर्थिक मदद के साथ साथ टैक्स छूट भी मिलती है.

4. खुद का स्टार्टअप शुरू करने से पहले कुछ बातों का विशेष ध्यान रखें -
4.1   आप जिस उद्देश्य को लेकर अपना स्टार्टअप शुरू करने जा रहे हैं उसके उद्देश्य को पूरा करने के लिए आपके साथ काम करने वाली टीम कैसी है? यह बात सबसे ज्यादा मायने रखती है.

4.2   किसी भी स्टार्टअप को शुरू करने से पहले यह बात जरूर परख लें कि आप जो शुरू करने जा रहे हैं उसकी बाजार को जरूरत है या नहीं? हां अगर आपके प्रॉडक्ट से मिलता जुलता कोई और प्रॉडक्ट बाजार में पहले से ही मौजूद है, तो आपको इस बात पर ध्यान देना होगा कि आपके प्रॉडक्ट में ऐसा क्या खास होगा जो बाजार में पहले से मौजूद किसी भी प्रॉडक्ट में नहीं है.

4.3   स्टार्टअप शुरू करने से पहले आपको यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि आपके पास कम से कम इतना पैसा हो कि आप कुछ महीनों तक बिना किसी टेंशन के अपना काम चला सकें. सबसे पहले इस पैसे का इंतजाम कर लें.

4.4   सरकार कारोबार बढ़ाने के लिए आर्थिक मदद देती है. स्टैंडअप योजना के अंतर्गत बैंकों की ओर से एससी/एसटी और महिला उद्यमियों को 10 लाख रुपए से लेकर 1 करोड़ रूपए तक के लोन दिए जाते हैं.

5. फायदा: तीन साल तक कोई भी अधिकारी आपके स्टार्टअप से जुड़ा किसी भी प्रकार का निरीक्षण नहीं करेगा. तीन साल तक आपको कैपिटल गेन टैक्स में भी छूट मिलेगी. खासतौर पर महिलाओं को मुनाफे में भी छूट मिलेगी.


अधिक जानकारी के लिए https://www.startupindia.gov.in और https://www.india.gov.in देखें.