Feb 27, 2018

श्रीदेवी और अमिताभ



कमाल की श्रीदेवी. भारतीय फिल्म जगत की दिग्गज अभिनेत्री अब हमारे बीच नहीं रहीं. Sridevi Passes Away. चुलबुली चांदनी अब दोबारा नहीं दिखेंगी. कभी नहीं दिखेंगी. चाहें श्रीदेवी की फिल्में हों या श्रीदेवी के गाने, उनकी हर अदा निराली और बेमिसाल थी. 

उनकी मौत की वजह जो भी रही हो, लेकिन सच तो ये है कि पूरे भारत को अपनी एक्टिंग से प्रभावित करने वाली श्री को हम स्क्रीन पर दोबारा लाइव नहीं देख सकेंगे. हां, ये जरुर है कि शाहरुख़ की आने वाली फ़िल्म ‘जीरो” में आप उनकी एक्टिंग अंतिम बार देख पाएंगे. 

बताया जा रहा है की अमिताभ जी को उनकी मौत के कुछ घंटों पहले ही ऐसी ही किसी अप्रिय घटना का अंदेशा हो गया था. कोई माने या ना माने, सिक्स्थ सेंस होती है. 

पर हम नियति को बदल नहीं सकते और सिर्फ़ बेचैन हो सकते हैं. और जब कोई जिंदगी से चला जाता है, उसकी सही वैल्यू तब ही पता चल पाती है. कहते हैं ना कि कौन अपना है और कितना अपना है, ये सिर्फ़ वक़्त ही बता सकता है.

श्री चली गयी. उनके करोड़ों फैन उदास हैं, निराश हैं. होता ही है. उन्होंने जो हिंदी फिल्म इंडस्ट्री को दिया, वो अनमोल है, बेमिसाल है. उनकी एक्टिंग ना केवल नेचुरल थी बल्कि ऐसा लगता था जैसे हमारे सामने हों और हमें समझा रही हों कि लाइफ एक बार ही मिली है तो इसे पूरा जियो. ईमान से जियो. और सिर्फ़ 54 की उम्र में वो एक देवी की तरह हमें खुशियों की चाबी देकर चली गयी.

श्रीदेवी जी की लोकप्रियता का आलम ये है कि पूरा देश सिर्फ़ उनके बारे में ही बात कर रहा है. फ़िल्म इंडस्ट्री के लोगों से लेकर रिक्शा चलाने वाले और पकोड़े बेचने वाले तक हर वो फैन बेचैन है कि क्यों हुआ ऐसा? जिसने भी श्री की फिल्में देखी हैं, वो जानते ही होंगे कि क्या थी श्रीदेवी? और क्यों थी श्रीदेवी?

उनकी मौत ने हमें जगाया है कि चाहे हमारे पास कितना ही कुछ हो, चाहे हम कितने ही प्रतिभाशाली हों, चाहें हमें चाहने वाले कितने ही हों लेकिन उस ऊपरवाले की मर्ज़ी के आगे कुछ नहीं चलता. वो कोई ना कोई कारण बना कर हमें अपने पास वापस बुला लेता है.

कुछ और सेलेब्रिटी पहले भी आश्चर्यजनक रूप से हमें छोड़ कर जा चुके हैं. कुछ भी रहा हो लेकिन ये हमेशा हैरान कर देता है.

1. दिव्या भारती 1990 के दशक की सबसे बड़ी सुपरस्टार रह चुकीं थी. उनकी मौत 5वें फ्लोर से गिर कर हुई. पुलिस की इंवेस्टिगेशन में ये सुसाइड निकला, लेकिन कई लोग उनकी मौत को हत्या भी मानते हैं.  

2. मात्र 25 साल की उम्र में जिया खान ने जूहू स्थित अपने अपार्टमेंट में आत्महत्या कर ली थी. आदित्य पांचोली के बेटे सूरज पर जिया की हत्या का इल्जाम लगा.

3. गुरूदत्त अपने दौर से सबसे सक्सेसफुल डायरेक्टर और प्रोड्यूसर गुरूदत्त की मौत शराब और नींद की गोलियों के ओवर डोज से हुई थी. बताया जाता है कि गुरूदत्त डिप्रेशन के शिकार हुए.

4. सिल्क स्मिता साउथ इंडियन फिल्म इंडस्ट्री की जान थीं. 1996 में उन्होंने आत्महत्या कर ली थी. कहा जाता है कि शराब और खराब आर्थिक हालत ने उनकी जान ले ली.

5. परवीन बाबी की मौत बेहद दर्दनाक थी. वे पैरानॉइड स्किजोफीनिया से पीड़ित थीं और डॉक्टर्स के अनुसार उन्होंने भूखे रहकर आत्महत्या की.

6. MTV की जानी मानी वीजे नफीसा जोसेफ ने आत्महत्या की थी. कहा जाता है कि मौत से पहले ही उनकी ब्वॉयफ्रेंड गौतम से शादी टूट गयी थी. नफीसा को पता चला था कि गौतम पहले से ही शादीशुदा हैं.

7. बॉलीवुड को अमर अकबर एंथनी जैसी क्लासिक फिल्में देने वाले डायरेक्टर मनमोहन देसाई ने भी बालकनी से कूद कर आत्महत्या की थी. कहा जाता है कि अपने करियर फेलियर की वजह से डिप्रेशन में थे. बताया ये भी जाता है कि उन्होंने पीठ के असहनीय दर्द से परेशान होकर ये कदम उठाया.

8. इंडिया की बहुत बड़ी मॉडल रह चुकीं विवेका की मौत भी बेहद दुखद थी. उन्होंने अपने फ्लैट में फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली थी. कहा जाता है कि वे अपने ब्वॉयफ्रेंड की वजह से परेशान थीं.

9. मॉडल टर्न्ड एक्ट्रेस कुलजीत रंधावा एक मशहूर सीरियल की एक्ट्रेस थीं. उनकी डेड बॉडी उनके अपार्टमेंट में मिली. सुसाइड लेटर में लिखा था कि वे जिंदगी की तकलीफों से परेशान होकर आत्महत्या कर रही हैं.

और चूँकि ये सेलेब्रिटी से जुड़ा दर्द है तो सामने हैं. ऐसी अनेकों श्रीदेवियाँ होंगी जो सामने नहीं हैं, पर जिन्होंने किसी ना किसी रूप में सबकी सेवा की होगी. किसी के दर्द को अपनाया होगा. ख़ुद बेहिसाब सहा होगा और मुस्कुराते हुए साथ निभा गयी होंगी.

हमें समझना होगा कि एक दिन सब की विदाई होनी है और जब प्रभु के इच्छा होगी, हमें जाना ही होगा. ये “जुदाई” गमगीन है पर निभानी पड़ेगी. 

इसका मतलब ये हुआ कि कोई रुकने वाला नहीं है. आज नहीं तो कल, अमीर हो या गरीब, सुखी हो या दुखी, गोरा हो या काला, सबकी बारी आएगी और खाली हाथ जाना पड़ेगा. 

इस बात को पकड़ लें. जीवन का एक मात्र सत्य ये ही है कि एक दिन हमारी जिंदगी का अंतिम दिन होगा. इसलिए जीवन को ऐसे जियें कि वो लोग भी आपको याद रख सकें जिनसे आपका खून का कोई रिश्ता नहीं है.

इस आर्टिकल के माध्यम से हम सब समस्त देवियों का अभिनन्दन करते हैं जो जाने-अनजाने अलग-अलग स्वरूपों में हमें जीना सिखा देती हैं.