Feb 14, 2018

X Factor.



मुल्ला नसीरूद्दीन – एक ऐसा पात्र जो न केवल हंसमुख स्वभाव का था, बल्कि उसे आज के दौर के हिसाब से अनपढ़ होने के बावजूद भी अच्छा मनोचिकित्सक कहा जा सकता है. 

मुल्ला सामान्य लोगों के सुख-दुःख में सदा भागीदारी निभाता था और ये ही कारण था कि वो बेहद लोकप्रिय था.

ऐसे समझदार आदमी ने अपनी सवारी चुनी - एक गधा. मुल्ला जी अपने गधे को प्यार भी खूब करते थे और गधा भी इतना Mature था कि मुल्ला जी के हर इशारे को झट से समझ जाता था. आस-पास के सभी लोग उस गधे की प्रशंसा के पुल बाँधते रहते थे.

मुल्ला नसीरूद्दीन का प्रवचन
एक बार मुल्ला नसीरूद्दीन को प्रवचन देने के लिए आमंत्रित किया गया. मुल्ला तय समय पर पहुंच गए और स्टेज पर चढ़ गए, “क्या आप जानते हैं मैं क्या बताने वाला हूँ? मुल्ला ने पूछा.

“नहीं” बैठे हुए लोगों ने जवाब दिया.

यह सुन मुल्ला जी नाराज़ हो गए, ”जिन लोगों को ये भी नहीं पता कि मैं क्या बोलने वाला हूँ मेरी उनके सामने बोलने की कोई इच्छा नहीं है.” और ऐसा कह कर वो वहा से चले गए.

वहां मौजूद लोगों को बड़ी शर्मिंदगी हुई. उन्होंने अगले दिन फिर से मुल्ला जी को बुलावा भेजा.

इस बार भी मुल्ला जी ने वही प्रश्न दोहराया, “क्या आप जानते हैं मैं क्या बताने वाला हूँ?”

“हाँ”, भीड़ में से आवाज़ आई.

“बहुत अच्छे, जब आप पहले से ही जानते हैं तो भला दोबारा बता कर मैं आपका कीमती समय क्यों बर्बाद करूँ”, और ऐसा कहते हुए मुल्ला जी वहां से निकल लिए.

अब उन लोगों को गुस्सा आ गया. उन्होंने एक बार फिर से मुल्ला जी को आमंत्रित किया.

इस बार भी मुल्ला जी ने वही सवाल दोहराया, “क्या आप जानते हैं मैं क्या बताने वाला हूँ?”

इस बार सभी ने पहले से योजना बना रखी थी. इसलिए आधे लोगों ने “हाँ” और आधे लोगों ने “ना” में उत्तर दिया.

“ठीक है जो आधे लोग जानते हैं कि मैं क्या बताने वाला हूँ वो बाकी के आधे लोगों को बता दें.”


हा हा. ऐसे थे हमारे मुल्ला नसीरूद्दीन.

मुल्ला जी का Confidence
एक पड़ोसी मुल्ला नसरुद्दीन के घर पर पहुंचा. मुल्ला उससे मिलने बाहर निकले.

“मुल्ला क्या तुम आज के लिए अपना गधा मुझे दे सकते हो, मुझे कुछ सामान दूसरे शहर पहुंचाना है?”

मुल्ला उसे अपना गधा नहीं देना चाहते थे पर साफ़-साफ़ मना करने से पड़ोसी को दुःख लगता इसलिए उन्होंने झूठ कह दिया, “मुझे माफ़ करना, मैंने तो आज सुबह ही अपना गधा किसी और को दे दिया है.”

मुल्ला ने अभी अपनी बात पूरी भी नहीं की थी कि अन्दर से ढेंचू-ढेंचू की आवाज़ आने लगी.

“लेकिन मुल्ला, गधा तो अन्दर बंधा चिल्ला रहा है.”, पड़ोसी ने हैरानी से पूछा.

“तुम किस पर ज्यादा यकीन करते हो?”, मुल्ला बिना घबराए बोले, “गधे पर या अपने मुल्ला पर?”

पडोसी चुप–चाप वापस चला गया.


मुल्ला जी का Sense of Humour
बॉस ने मुल्ला से पूछा – “आखिर तुम कब सुधरोगे? तुम तो रोज ही देर से आते हो.”

“यह तो सरासर आपकी गलती है सर!” मुल्ला ने आगे कहा – “शाम को घर जाते समय आप ही हमेशा से कहते रहे थे कि घड़ी को मत देखो काम को देखो. तो अब मेरी आदत घर में भी ऐसी हो गई है. अब मैं घर पर भी घड़ी नहीं देखता.”


मुल्ला जी का Aptitute 
नई भर्ती के लिए Interview हो रहे थे. मुल्ला से Panel ने पूछा – “एक तरफ तो आप कह रहे हैं कि आपको 5 वर्षों का कार्य का अनुभव है, परंतु दूसरी तरफ आपके प्रोफ़ाइल में तो लिखा है कि आपने इससे पूर्व कभी भी, कहीं भी काम नहीं किया है.”

“तो क्या,” मुल्ला ने स्पष्ट किया – “आपने अपने विज्ञापन में यह नहीं लिखा था कि आपको एक स्वप्नदृष्टा युक्त उम्मीदवार की आवश्यकता है?”


मुल्ला जी का Mindset
Engineer की भर्ती के लिए लिखित परीक्षा चल रही थी.

Thermodynamics का एक कठिन सवाल मुल्ला को उलझा रहा था.

आखिर में मुल्ला को जवाब सूझ गया. मुल्ला ने लिखा – इसका स्पष्ट उत्तर है कि मुझे यह नौकरी नहीं मिलनी.


मुल्ला जी का X Factor 
एक धनी विधवा को उसके व्यापार में बड़ा नुकसान हो गया और वो दीवालिया हो गई. उसने अपने प्रेमी मुल्ला नसरूद्दीन से अपना दुखड़ा रोया और पूछा - “मैं तो अब गरीब हो गई. तुम मुझे अब भी उतना ही प्यार करते रहोगे ना?”

“हाँ, हाँ, क्यों नहीं,” मुल्ला ने जवाब दिया – “मैं तुम्हें हमेशा, ताउम्र प्यार करते रहूंगा. इसी शिद्दत के साथ. अलबत्ता आज के बाद शायद हम दोनों की मुलाकात अब कभी न हो.”


मुल्ला जी on Practical Ground 
मुल्ला कम्यूनिटी हेल्थ सेंटर पहुँचा और अपनी व्यथा सुनानी शुरू कर दी –

मेरे पास एक ही, छोटा सा कमरा है और मेरे साथ मेरे दो और भाई रहते हैं. एक ने चार बंदर पाले हैं और दूसरे ने छः कुत्ते. वे सभी उसी छोटे से कमरे में रहते हैं. बदबू और घुटन से मेरा तो जीना हराम हो गया है.

काउंसलर ने सांत्वना देते हुए कहा – “कमरे में खिड़की तो होगी..”

“हाँ है” मुल्ला ने कहा.

“तो उसे तुम खोल क्यों नहीं लेते” काउंसलर ने उपाय बताया.

“क्या?” मुल्ला चिल्लाया – “और मैं अपने सारे कबूतर उड़ जाने दूं?”