Mar 9, 2018

दोस्ती




दो सगे भाई थे. दोनों ही राजा थे लेकिन दोनों अलग अलग राज्यों मेँ अपना शासन संभालते थे. बड़े राजा के राज्य मेँ प्रजा बेहद खुशहाल, सुखी और संतुष्ट थी. राज्य मेँ हमेशा शांति बनी रहती थी और तनाव का नामोनिशान तक नहीँ था. वहां की प्रजा हमेशा राजा के गुण गाती थी और अपनी जिम्मेदारियों का पालन भी अच्छी तरह से करती थी ताकि राजा का विश्वास ख़त्म ना हो.

लेकिन छोटे भाई अर्थात् छोटे राजा के राज्य मेँ आए दिन झगड़े होते रहते थे और वहां प्रजा बहुत ही ज्यादा दुखी रहती थी. जब छोटे राजा को पता चला कि उसके बड़े भाई के राज्य मेँ ऐसी कोई भी परेशानी नहीँ है तो वह अपने बड़े भाई के पास गया और उनके राज्य की खुशहाली का राज उनसे जानने की कोशिश की.

तब बड़े भाई ने छोटे भाई को अपने राज्य की खुशहाली का रहस्य बताते हुये कहा कि “भाई मेरे राज्य मेँ शांति मेरे 4 बेहतरीन दोस्तों से दोस्ती की वजह से है.”
इस बात को सुनते ही छोटे भाई की उत्सुकता और भी बढ़ गई. उसने कहा- कौन हैं आपके वो  4 दोस्त ?
क्या वे मेरी भी मदद करेंगे?
बड़े राजा ने कहा – क्यों नहीं, जरूर कर सकते हैं?
तो सुनो, मेरा पहला दोस्त है - ‘सत्य.’ वह मुझे कभी असत्य बोलनेँ नहीँ देता है.
दूसरा दोस्त है - ‘प्रेम.’ ये मुझे कभी नफ़रत करने का मौका ही नहीं देता.
तीसरा दोस्त है - ‘ईमानदारी.’ ये मुझे हमेशा लोभ और लालच से बचाती है और बेईमानी को मुझ तक आने ही नहीं देती.
और मेरा चौथा और अंतिम दोस्त है - ‘त्याग.’ -  त्याग की भावना मेरे अंदर कभी जलन पैदा होने नहीं देती और हमेशा मुझे ईर्ष्या से बचाती है.
ये चारों दोस्त हमेशा मेरा साथ देते हैँ और इस तरह हमारे राज्य की रक्षा भी करते हैं.
छोटे राजा को जीवन की असली सफलता का रहस्य समझ मेँ आ गया. अब उसने भी अपने राज्य में उन चार दोस्तों को हमेशा के लिए बुलाने की ठान ली.