Mar 21, 2018

नैनो फ़िल्टर



आज विश्व जल दिवस है.
कैर्लिफोनिया की लारेंस लिवरमोल नेशनल लेबोरेटरी के साइंटिस्ट अलेक्सांदर नोय ने समुद्र के पानी को पीने लायक बनाने की नयी टेक्नोलॉजी ख़ोज निकाली है. ये है – कार्बन नैनो ट्यूब.

अगर काफ़ी सारी नैनो ट्यूब एक साथ रख दी जाएँ तो समुद्र का पानी फ़िल्टर हो सकेगा और पीने में और आम जीवन की जरूरतों में इस्तेमाल किया जा सकेगा.

नैनो ट्यूब को कंप्यूटिंग टेक्नोलॉजी की मदद से सफल बनाने की योजना पर नोय और उनकी टीम जोर-शोर से जुटी है. अच्छी ख़बर ये है कि साइंटिस्ट एक्जास्केल कंप्यूटिंग यानि 5 करोड़ लैपटॉप की प्रोसेस करने की क्षमता हासिल करने के बेहद करीब हैं. अगर ये मुकाम हासिल हो गया तो खारे पानी को मीठा पानी बनाने की टेक्निक आज के मुकाबले काफी सस्ती हो सकेगी. क्योंकि इसमें कोई एनर्जी खर्च नहीं होगी, केवल नैनो-फ़िल्टर लगाने से पानी मीठा हो जायेगा.

इजरायल ने सूखे और जल-संकट को हरा कर पानी से ख़ुद को भर लिया?
नयी सदी की शुरुआत में लगभग 10 सालों तक इजरायल सूखे की स्थिति और जल-संकट की समस्या से जूझता रहा.

उसके बाद क्या हुआ? आज इजरायल पानी की अधिकता वाला देश बन चुका है. कैसे?
70 सालों की मेहनत से. किसकी मेहनत ? प्लानिंग करने वाले, इंजिनियरस और साइंटिस्टस की मदद से.
वहां अब जल-संरक्षण का बुनियादी ढांचा बेहद मजबूत है. वाटर एक्सपर्ट्स हैं. वाटर-पॉलिसीस बड़ी शानदार हैं. सब विज़न को फॉलो करते हैं. आज जहां पूरा विश्व पानी की कमी पर चिंता और तनाव का सामना कर रहा है, वहीं इजरायल आत्मनिर्भरता से और नए तौर-तरीकों के प्रभावशाली इस्तेमाल से पानी की कमी को कब का हरा चूका है.

क्या करता है इजरायल?
1.      खेतों में ड्रिग-इरिगेशन से सिंचाई : खेतों को जितना जरुरी, उतना बूंद-बूंद पानी देना
2.      कम पानी वाली फ़सल उगाई पर ज्यादा जोर
3.      समुद्र के पानी से नमक को हटा कर पानी को पीने योग्य बनाना
4.      खारे पानी में पनपने वाले बीज विकसित करना
5.      सीवेज के पानी का हायर-लेवल फ़िल्टर प्रोसेस और उसे फसलों में यूज़ करना
6.      बारिश की हर बूंद की सेविंग और उसका मल्टीपल इस्तेमाल
7.      बारिश वाले बादलों में सीडिंग – अधिक बारिश के लिए
8.      घरों-बगीचों में ऐसी लैंड-स्केपिंग को कम करना जिसमें ज्यादा पानी लगता हो
9.      बाथरूम और टॉयलेट के लिए पानी के उपयोगी उपकरणों का यूज़
10.  पानी बचाने के लिए स्कूल लेवल से स्टूडेंट्स को प्रैक्टिकल ट्रेनिंग कोर्सेज
11.  कोई फ्री पानी नहीं. उपयोग के हिसाब से कीमत वसूलना
12.  पानी बचाने की टेक्नोलॉजी इस्तेमाल करने पर सरकारी मदद
13.  पानी का वाष्पन घटाने के आईडिया पर एक्सपेरिमेंट करते रहना.