Mar 5, 2018

अमेज़न



·      Day -1 Concept: आप जानकर हैरान होंगे कि बेजो कहीं पर भी अपना काम कर रहें हों, पर जिस बिल्डिंग में वो काम काम करते मिलेंगे, उस बिल्डिंग का नाम हमेशा ‘Day-1’ रखते हैं. उनका मानना है कि ऐसा करने से उन्हें तेजी से decision लेने में बहुत मदद मिलती है. Fast Decision लेने के साथ-साथ बेजो इस बात का भी पूरा ख़याल रखते हैं कि काम की क्वालिटी से कोई Compromise न हो.

·      Re-invent Everything: बेजो का दूसरा गोल्डन मूलमंत्र है कि किसी भी चीज़ को ट्रेडिशनल तरीके से करते रहने से बचना चाहिए. उनके अनुसार ‘हर छोटी से छोटी चीज़ को re-invent करने की कोशिश करनी चाहिए. इससे हमें उस चीज़ को सही तरीके से करने और अच्छा करने की ऊर्जा मिलती रहती है. परम्परागत तरीके से हर चीज़ को देखने का मतलब है कि आप कभी कुछ नया नहीं करने वाले हैं.


अपने Innovative सोचने के तरीके से बेजो ने ये दो कमाल कर दिखाए.

1.  2013 में अमेज़न ने Kindle Tablets लांच किये. ऐसे कामों के लिए बड़ी-बड़ी कम्पनीज टेक्निकल कांफ्रेंस करके प्रोडक्ट को मार्किट में पेश करतीं हैं. बेजो ने क्या किया? सिर्फ़ 20 से 25 Reporters से संपर्क किया. उनके अलग-अलग Areawise ग्रुप्स बना दिए. और हर ग्रुप को अपने प्रोडक्ट का अलग-अलग Demo दिया. सभी रिपोर्टर्स इम्प्रेस हुए. उन्हें लगा कि इतनी बड़ी कंपनी का CEO डायरेक्ट उनसे बात कर रहा है. अमेज़न को इससे ग़ज़ब की सफलता मिली.

2.  भारत में अमेज़न को Establish करने के लिए बेजो ने 10,000 से भी ज्यादा छोटे-बड़े बिजनेसमैन को Identify किया. उनसे बातचीत की और ऑनलाइन ट्रेडिंग से जुड़े उतार-चढ़ाव Share किये. ऐसा करते रहने के दौरान बेजो ने ये जान लिया की चाय कार्ट यानि वो ट्राली जिसमें चाय ऑफर की जाती है, एक शानदार उभरते मार्केट का भारत में कामयाब Concept हो सकता है. उन्होंने इसे Try किया और नतीजा सब के सामने है. आज अमेज़न इंडिया में धूम मचा रही है.

आप क्या सोच रहें हैं?