Apr 19, 2018

क्या पता उसके दर्द की दास्तां हमारी उम्र से भी बड़ी हो?

एक बार एक 30 साल का लड़का और उसका पिता ट्रेन में सफ़र कर रहे थे. वह लड़का बार-बार ट्रेन की खिड़की से झाँक रहा था और बाहर दिखते हुए पेड़ पौधों और प्रकृति के नजारों को देखकर जोर-जोर से चिल्ला रहा था और ख़ुशी के एहसास से पागल हो रहा था.


पास ही में एक नया-नवेला शादीशुदा जोड़ा बैठा था और उस लड़के को देखकर उन्हें हंसी आये जा रही थी.

तभी उस लड़के के पिता ने अपने बेटे से कहा - देखो बेटा, बाहर आसमान में बादलों को देखो. वो भी हमारे साथ दौड़ लगा रहें हैं. 

यह पागलपन देखकर उस शादीशुदा जोड़े को सहन नहीं हुआ और वह उस लड़के के पिता से बोल बैठे कि आप अपने बेटे को किसी डॉक्टर को क्यों नहीं दिखाते? अगर ये ऐसे ही पागलों की तरह करता रहा तो हमारे हनीमून का सफ़र तो बिलकुल ही बेकार हो जायेगा.

यह सुनकर उस लड़के के पिता ने उत्तर दिया - हम डॉक्टर के पास से ही आ रहे हैं. दरअसल मेरा बेटा जन्म के समय से ही देख नहीं सकता था पर आज हुए उसके आँखों के सफल ऑपरेशन के कारण ही वह ये सब पहली बार देख पा रहा है और वह बहुत खुश है. बस इसलिए मैं उसकी ख़ुशी को पंख देने की कोशिश कर रहा था.

उस शादीशुदा जोड़े के पास अब कुछ कहने हो नहीं बचा था.

सारांश:
इस धरती पर हर किसी आदमी के जीवन की अपनी एक कहानी है. हमें किसी भी व्यक्ति के विषय में पूरी जानकारी न होने पर उसके विषय में कमेंट सिर्फ़ इसलिए नहीं कर देना चाहिये क्योंकि हमें तकलीफ़ महसूस हो रही है. क्या पता उसके दर्द की दास्तां हमारी उम्र से भी बड़ी हो?


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