Apr 23, 2018

नेचुरल लाइफ का स्वेटर...

सद्गुरु के खजाने के कुछ अनमोल मोती. आइये अपनी पसंद का कोई एक चुने और नेचुरल लाइफ का स्वेटर बुने.


कुंठा, निराशा और अवसाद का मतलब है कि आप अपने खिलाफ काम कर रहे हैं।

हर चीज को ऐसे देखना जैसी कि वो है, आपको जीवन को सहजता से जीने की शक्ति और क्षमता देता है।

आपकी ज्यादातर इच्छाएं वास्तव में आपकी नहीं होतीं। आप बस उन्हें अपने सामजिक परिवेश से उठा लेते हैं।

जिम्मेदारी का मतलब है जीवन में आने वाली किसी भी स्थिति का सामना करने में सक्षम होना।

कोई भी काम तनावपूर्ण नहीं है। शरीर, मन और भावनाओं का प्रबन्धन ना कर पाने की आपकी असमर्थता उसे तनावपूर्ण बनाता है।

खोजने का अर्थ है ये स्वीकार करना कि आप नहीं जानते हैं। एक बार जब आप अपनी स्लेट साफ़ कर लेते हैं, सच खुद को उस पर छाप सकता है।

मन को केवल कुछ चीजें ही याद रहती हैं। शरीर को सबकुछ याद रहता है। जो सूचना ये रखता है वो अस्तित्व के प्रारम्भ तक जाती हैं।

पानी की अपनी याददाश्त है। आप इसके साथ कैसे पेश आते हैं, किस तरह के विचार और भावनाएं पैदा करते हैं उसी के अनुसार वो आपके शरीर में व्यवहार करता है।

गप्पें मारना आपके आस-पास के लोगों के साथ एक तरह का मिसअलाइनमेंट है। या तो आप सबके बारे में गप मार सकते हैं, या सबके साथ एक हो सकते हैं।

मेरी कोई राय नहीं होती। केवल जब किसी काम के लिए आवश्यक हो जाता है, मैं कोई निर्णय लेता हूँ। राय आपकी बुद्धि के लिए बेड़ियाँ हैं।

किसी से अटैच होना दुसरे व्यक्ति के बारे में नहीं है। ये आपकी अपनी अपर्याप्तता के बारे में है।

आत्मा, स्वर्ग, या भगवान् के बारे में बात मत करो। किसी ऐसी चीज के बारे में बात करना हो आपके लिए वास्तविकता न हो झूठ के बराबर है।

ईमानदारी एक्शन के बारे में नहीं बल्कि उद्देश्य के बारे में है। क्या आप इसे सबकी भलाई के लिए कर रहे हैं या अपने फायदे के लिए?

कोई भी दो व्यक्ति एक से नहीं हो सकते। आप लोगों की तुलना नहीं कर सकते। आप बस बराबर अवसर दे सकते हैं।

बहुत अधिक प्राप्त कर लेने जैसी कोई चीज नहीं है। जीवन कभी न ख़त्म होने वाली सम्भावना है।

अगर आप अपनी लाइफ उन चीजों में नहीं लगाते जिनकी आप सचमुच फ़िक्र करते हैं तो आपकी लाइफ बर्वाद हो जायेगी। आप उड़ेंगे नहीं – आप लाइफ में बस खुद को घसीटेंगे।

जीवन आपके बाहर नहीं है। आप जीवन हैं।

एक सांप और जीवों से अधिक जानता है कि उसके आस-पास क्या हो रहा है, क्योंकि गप सुनने के लिए उसके पास कान नहीं होते – केवल प्रत्यक्ष अनुभूति।

जीवन में जो भी आपका लक्ष्य हो, जब तक आप उसे पाने की जल्दी नहीं दिखाते, जो करीब हो सकता था वो दूर हो जाएगा।

हर सांस जो आप लेते हैं, आपको मौत के करीब ले जाती है। लेकिन हर सांस जो आप लेते हैं, आप अपनी मुक्ति के करीब भी जा सकते हैं।

जो भी होता है – अंत में, जीवन खुद को सही कर लेता है।

इस ग्रह पर हर दूसरा प्राणी अपना सर्वश्रेष्ठ कर रहा है। केवल मनुष्य ऐसा करने में संकोच करते हैं।

चाहे आप कोई बिजनेस, इंडस्ट्री या देश चला रहे हों – जो चीज चाहिए वो हैं अंतर्दृष्टि, ईमानदारी, और प्रेरणा।

एक इंसान एक बीज की तरह है। या तो आप इसे वैसे रख सकते हैं जैसा वो है, या आप इसे फूलों और फलों से लदे एक अद्भुत पेड़ के रूप में विकसित कर सकते हैं।

भक्ति तब होती है जब जीवन के साथ आपकी भागीदारी इतनी पूर्ण होती है कि आप खुद कोई मायने नहीं रखते।

जब तक आप अपने कष्टों से बेखबर नहीं होते, आपको कोई अधिकार नहीं कि आप दूसरों के कष्टों से बेखबर हों।

 “मैं तुम्हे बदलना चाहता हूँ”- ये क्रांति नहीं है. “ मैं बदलना चाहता हूँ”- अब ये एक क्रांति है।

एक ज़रूरी चीज जो आप अपने बच्चों के लिए कर सकते हैं वो है उन्हें बाहर प्रकृति में ले जाने के लिए कुछ समय देना।

अधिकतर लोग ईगो-सेंसिटिव होते हैं, लाइफ-सेंसिटिव नहीं।

जीवन का अर्थ क्या है? यह इतनी महान घटना है कि इसे किसी अर्थ में नहीं बाँधा जा सकता।

जो कुछ भी निर्मित किया जा सकता है वो पहले से ही सृष्टि में किया जा चुका है। बतौर मनुष्य, हम बस उसकी नक़ल कर सकते हैं, बना नहीं सकते।

ये आपकी क्वालिफिकेशंस नहीं बल्कि लाइफ में मिलने वाला एक्सपोज़र है जो आपको वो बनाता है जो आप हैं।

पेड़ आपकी साँसों के स्रोत हैं- उन्हें काटिए और आप जीवन को ही काट देंगे।

लोग किताबों को पवित्र कहते हैं, लेकिन उन्हें अभी भी ये समझना है कि जीवन पवित्र है।


संपत्ति को अपनी भलाई में बदलने के लिए, आपको आध्यात्मिक तत्व की आवश्यकता होगी। उसके बिना, आपकी सफलता आपके खिलाफ काम करेगी।

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