Apr 19, 2018

उसके पिता एक होटल में शेफ़ थे.



एक दिन एक छोटी सी लड़की अपने पिता को दुख व्यक्त करते-करते अपने जीवन को कोसते हुए यह बता रही थी कि उसका जीवन बहुत ही मुश्किल दौर से गुज़र रहा है. उसके जीवन में एक दुख का समय जाता है तो दूसरा चला आ रहा है और वह इन मुश्किलों से लड़ लड़ कर अब थक चुकी है. वह करे तो क्या करे?

उसके पिता प्रोफेशन से एक होटल में शेफ़ थे. अपनी बेटी के इन शब्दों को सुनने के बाद वह अपनी बेटी को रसोईघर में ले गए और 3 बर्तनों में पानी डाल कर गैस पर रख दिया. जैसे ही पानी गरम हो कर उबलने लगा, पिता नें पहले बर्तन में एक आलू डाला, दूसरे में एक अंडा और तीसरे में कुछ कॉफ़ी बीन्स डाल दिए.

वह लड़की बिना कोई प्रश्न किये अपने पिता के इस काम को ध्यान से देख रही थी.
कुछ 20-25 मिनट के बाद उन्होंने गैस को बंद कर दिया और फ़िर एक कटोरे में आलू, दूसरे में अंडे और तीसरे कटोरे में कॉफ़ी बीन्स वाले पानी को रख दिया. पिता ने बेटी की तरफ उन तीनों कटोरों को दिखाते हुए गहरी आवाज़ में एक साथ कहा. ये देखो - आलू, अंडे, और कॉफ़ी बीन्स.

पिता ने दोबारा बताते हुए बेटी से कहा. मेरी प्यारी बेटी, तुम इन तीनों चीजों को करीब से देखो.

बेटी ने आलू को देखा जो उबलने के कारण मुलायम हो गया था. फ़िर उसके बाद अंडे को देखा जो उबलने के बाद पत्थर जैसा हो गया था. और जब लड़की ने कॉफ़ी बीन्स को देखा तो उस पानी से बहुत ही अच्छी खुशबु आ रही थी.

पिता ने बेटी से पूछा - क्या तुमको पता चला इन सब का मतलब क्या है?
बेटी ने कहा- नहीं, पापा.

तब उसके पिता ने समझाते हुए कहा कि इन तीनो चीजों यानि आलू, अंडे और कॉफ़ी बीन्स ने अलग अलग व्यवहार दिखाया लेकिन जो मुश्किल उन्होंने झेली, वो तो एक जैसी ही थी.

बेटी को बात समझ आ गयी. उसके बाद पिता ने अपनी बेटी से एक प्रश्न पूछा.
प्रश्न था कि जब कभी कोई विपरीत परिस्थिति तुम्हारे जीवन में आती है या भविष्य में आये तो तुम क्या बनना चाहोगी?  आलू, अंडा या कॉफ़ी बीन्स?
बेटी को अपनी परेशानियों का हल मिलना शुरू हो गया था. उसने जान लिया था कि उसकी नेचर और सोच ही उसकी हालत के लिए ज़िम्मेदार है. परिस्थितियाँ तो सबके लिए ही एक जैसी ही होती हैं.

सार
जीवन में मुसीबतें चाहें कैसी भी हो, पर यह उस आदमी के ऊपर है कि वह उनको कितना झेलने की ताकत रख पाता है. टूटने से बचने का क्या कोई और उपाय है?
सोच बदलिए, मुसीबतें कामयाबी में बदल जायेंगी.

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