May 24, 2018

"देख बेटी"



एक लड़की स्कूल से घर पहुंची. वो बहुत उदास थी. सीधे अपनी माँ के पास गयी और अपनी परेशानियां बताई. वो एग्जाम में फेल हो गई थी. ऊपर से अपनी बेस्ट फ्रेंड से उसका झगड़ा भी हुआ. और तो और उसकी फ़ेवरेट ड्रेस भी प्रैस करते समय जल गई. अब वो बेहद उदास थी.

वह रोते हुए बोली, "मम्मीदेखो ना, मेरी जिन्दगी के साथ सब कुछ उल्टा-पुल्टा ही हो रहा है". ऐसा क्यों होता है माँ?

माँ ने मुस्कराते हुए कहा - "यह उदासी और रोना छोड़ो, आओ चलो मेरे साथ रसोई में. मैं तुम्हारा मनपसंद केक बनाकर खिलाती हूँ".

लड़की का रोना बंद हो गया और वो हंसते हुये बोली- वाह माँ, "केक तो मेरा फेवरेट है. कितनी देर में बनेगा"? लड़की ने चहकते हुए पूछा. 

माँ ने सबसे पहले मैदे का डिब्बा उठाया और प्यार से अपनी लड़की से कहा- लो, पहले मैदा खा लो.

लड़की मुंह बनाते हुए बोली, इसे कोई खाता है भला?

माँ ने फिर मुस्कराते हुये कहा- "तो ये लो, थोड़ी चीनी ही खा लो".

फ़िर मिल्कमेड और एसेंस का डिब्बा भी दिखाया और कहा- लो, इसका भी स्वाद चख लो". 

लड़की हैरान थी, पूछा - "माँ", ये आज तुम्हें क्या हो गया है? ये मुझे किस तरह की चीजें खाने को दे रही हो"?

माँ ने बड़े प्यार और शांति से जवाब दिया, "देख बेटी" मनपसंद केक इन सभी बेस्वादी चीजों से ही बनता है और ये सभी मिलकर ही तो केक को इतना स्वादिष्ट और मीठा बनाती हैं.

मैं तुम्हें अभी से ही ये सिखाना चाहती हूँ कि "लाइफ़ का केक" भी इसी प्रकार की बेस्वाद घटनाओं को मिलाकर बनाया जाता है. अगर तुम फेल हो भी गई हो तो इसे चुनौती समझो. फिर मेहनत करके पास हो जाओ. अगर फ्रेंड से झगड़ा हो गया है तो अपना स्वभाव और व्यवहार इतना मीठा कर लो कि फिर कभी किसी से झगड़ा करने की नौबत ही ना आये. और यदि माइंड की टेंशन से ध्यान न देने के कारण "ड्रेस" जल गई है तो आगे से हमेशा फोकस रखो ताकि मन को हर परिस्थिति में अच्छा बना कर रख सको.

लड़की को बात समझ में आ गयी. वो माँ के गले लिपट गयी.
अब उसको मनपसंद केक खाने से कोई नहीं रोक सकता था.


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