Aug 13, 2018

1 सप्ताह बाद यानि ठीक 8वें दिन



गांव ढोल-माजरा में एक यंगमैन रहता था. नाम था संदीप. था तो वह बहुत ही भला लेकिन उसमें एक शानदार कमी भी थी. वह हर काम को टाल दिया करता था. उसका ये हमेशा मानना था कि जो कुछ होता है, केवल भाग्य से होता है.

एक दिन एक साधु महाराज उसके पास आये. संदीप ने साधु की बहुत सेवा की। उसकी सेवा से खुश होकर साधु ने उसे पारस पत्थर देते हुए कहा - मैं तुम्हारी सेवा से बहुत ख़ुश हूं. तुम बहुत गरीब हो इसलिये मैं तुम्हे यह पारस पत्थर दे रहा हूं. ठीक 7 दिन बाद मै इसे तुम्हारे पास से ले जाऊंगा. इस बीच तुम जितना चाहो, उतना सोना बना लेना.

संदीप ने अपने घर में लोहा तलाश किया. थोड़ा सा लोहा मिला तो उसने उसी का सोना बनाकर बाजार में बेच दिया और उससे वह घर के लिए कुछ सामान ले आया. अगले दिन वह लोहा खरीदने के लिए बाजार गया, तो उस समय लोहा थोड़ा मंहगा मिला रहा था. यह देख कर संदीप खाली हाथ घर वापिस आ आया. 

3 दिन बाद वह फिर बाजार गया तो उसे पता चला कि इस बार तो लोहा और भी महंगा हो गया है. इसलिए वह लोहा खरीदे बिना ही वापस लौट गया. उसने सोचा - एक ना एक दिन तो लोहा जरुर सस्ता मिलेगा और जब सस्ता हो जाएगा तभी खरीदूंगा. ये सोचकर वह आराम से अपने घर पर बैठ गया और लोहे के दाम सस्ते होने और फिर उससे सोना बनाने के सपने में खो गया.

1 सप्ताह बाद यानि ठीक 8वें दिन साधु महाराज पारस लेने के लिए उसके घर पहुँच गए. संदीप ने कहा मेरा तो सारा समय ऐसे ही निकल गया. अभी तो मैं कुछ भी सोना नहीं बना पाया हूं. आप कृपया इस पत्थर को कुछ दिन और मेरे पास रहने दीजिए. लेकिन साधु ने साफ़ मना कर दिया. 

साधु ने कहा – तुम भी कमाल हो. लोहे के सस्ते होने का वेट करते रहे. ये नहीं सोचा कि सोना बना लेते तो कई गुना ज्यादा धन कमा और बचा सकते थे. तुम्हारे आलस और छोटी सोच ने तुम्हें भाग्य से मिले इस शानदार मौके का फ़ायदा भी नहीं लेने दिया. तुम्हारी जगह कोई और होता तो अब तक पता नहीं क्या-क्या कर डालता.

अब तुम भगवान को दोष मत देना. तुम्हें चांस मिला और तुमने वो खो दिया. अब जो है, उसमें संतोष करो और आगे से ध्यान रखना कि अवसर लाइफ में बार-बार नहीं आते. जो समय का उपयोग करना नहीं जानता, वह हमेशा दु:खी रहता है. इतना कहते हुए साधु महाराज पत्थर लेकर वहां से चले गए.

सार: - काम को टालते रहना और भाग्य भरोसे बैठे रहना सिर्फ़ आपको दुखी ही करेगा. और कुछ नहीं. लाइफ में ब्रेक लेकर अपनी इस आदत को बदलते रहिये. सुख लौट आएगा.
(सभी नाम काल्पनिक हैं)

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