Aug 20, 2018

केकड़े



एक बार की बात है. एक विकसित कंट्री में एक इवेंट कंडक्ट किया गया. इवेंट अपने आप में अनूठा था क्योंकि उसमें पूरे विश्व भर के विभिन्न देशों से अलग-अलग तरह की यूनिक चीज़ें मंगाई गयी थी और उनका प्रदर्शन एक ही जगह पर करना था.

सभी देशों से रिक्वेस्ट की गयी कि वे कोई भी ऑब्जेक्ट, जीव-जन्तु, पेड़-प्लांट आदि एंट्री के रूप में सबमिट कर सकते हैं. इवेंट में शामिल होने की शर्त केवल ये थी कि भेजी गयी चीज़ खूबसूरत मेसेज या प्रेरणा देकर कुछ सिखाने वाली हो.

सभी देशों नें इस दिलचस्प इवेंट में आगे बढ़ कर हिस्सा लिया. आयोजन प्लेस पर एंट्री ही एंट्री कलेक्ट होने लगी. Organizers सभी चीज़ों को अच्छे से कलेक्ट कर संभाल कर रखने लगे ताकि कोई चीज़ इधर से उधर ना हो जाये. 

एक दिन Organizers सभी चीज़ों की लिस्ट तैयार कर रहे थे ताकि सभी चीज़ों को डिस्प्ले किया जा सके तभी उनकी नज़र एक टोकरी पर गयी. टोकरी में कुछ केकड़े रखे हुए थे. Organizers सरप्राइज रह गये. 


क्यों?

क्योंकि सभी केकड़े खुली टोकरी में रखे गए थे, टोकरी पर एक टैग लगा था जिसे पढ़ने से पता चला कि केकड़े भारत की तरफ़ से आई एक यूनिक एंट्री है. टैग पर केकड़ों की संख्या भी लिखी हुई थी. 
37 केकड़े. 
Organizers ने काउंटिंग की तो देखा कि टोकरी में अब भी पूरे 37 केकड़े मौजूद थे यानि एक भी केकड़ा Misplace नहीं था. सभी के सभी उस खुली टोकरी में प्रेजेंट थे. Organizers अब एक दूसरे को बड़ी हैरानी से देख रहे थे. उनके लिए ये एक चमत्कार से कम नहीं था.

फिर उस टोकरी को भी दूसरी अन्य चीज़ों के बीच रख दिया गया. अब इवेंट कंडक्ट होने वाले दिन का इन्तजार चल रहा था.  
Schedule के मुताबिक इवेंट स्टार्ट हुआ तो दिलचस्प फैक्ट्स सामने आने लगे. Organizers सब पॉइंट्स को नोट कर रहे थे.

कुछ समय बाद भारत का नंबर आया तो वो महानुभाव स्टेज पर पहुंचे जिन्हें भारत से आये केकड़ों की स्पेशलिटी Describe करनी थी. उनके स्टेज पर आते ही Organizers ने अपना क्वेश्चन पूछा  " ये 37 केकड़े इतना ट्रेवल करके इस खुली टोकरी में यहां तक कैसे पहुचें और इनमें से एक भी इस टोकरी को छोड़कर भागा क्यों नहीं?

आंसर था "केकड़ों की नेचर है एक दूसरे की टांग खिंचते रहना". इसलिए जब भी कोई केकड़ा टोकरी से बाहर आने की ट्राई करता तो तुरंत ही दूसरा उसको पकड़ कर वापिस खींच लेता और इसी तरह सभी 37 केकड़े खुली टोकरी में बिना भागे यहां तक आराम से पहुंच गए.

सार :
ये महान 37 केकड़े हम इंसानों को भी एक शानदार मेसेज देते हैं क्योंकि कहीं न कहीं हम इंसानों में भी ये गुण प्रचुर मात्रा में पाया जाता है. ये बताता है हमारे अंदर छुपी नेगेटिव और जेलस नेचर को.
जब भी हम में से कोई साहसी पॉजिटिव आदमी नया या अच्छा रास्ता चुनना चाहता है या आगे बढ़ना या किसी को आगे बढ़ाना चाहता है तो हम उसे तरह-तरह का फियर दिखाकर या आलोचना करके उसे Demoralize करके पीछे खींचने में जुट जाते हैं. 

आईये हम अपने अंदर भी एक बार झाँक कर देख लें. कहीं ऐसे केकड़े हमारे अंदर छुपे ना बैठे हों? 
अब इंसान बनने का सबसे सही समय आ चुका है. चूकिएगा मत.

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