Aug 3, 2018

म्यूजिक - ईयर-वर्म : “कान का कीड़ा”



म्यूजिक किसे अच्छा नहीं लगता? और गाना सुनने का मतलब है कि वो आपको  किसी ख़ास सफ़र पर ले जा रहा है. ये सफ़र आपके थॉट्स, आपकी यादों और आपके इमोशन की अंदरूनी यात्रा है और गाना उस सफ़र को हवा देते चलता है. 

बड़ी इंटरेस्टिंग बात है कि अगर आप गाने सुनने का शौक रखते हैं तो आपने कई बार फील किया होगा कि आपको किसी खास गाने का इतना क्रेज चढ़ जाता है कि कई दिनों तक आप वही गाना बार-बार सुनना चाहते हैं. वह गाना आपके दिल, आपके दिमाग में ऐसे मूव करता है मानो आप किसी मैडिटेशन प्रोसेस को फॉलो कर रहे हों. होता है ना ऐसा अक्सर. आप हर टाइम बस उस गाने में खोये रहते हैं, उसे जाने-अनजाने ही गुनगुनाते रहते हैं.

आपके लिए यह एक सामान्य बात है कि ठीक है जी गाना अच्छा लगा, गुनगुना लिया..इसमें क्या ख़ास बात है? लेकिन है साहब बिलकुल है, साइंटिफिक है जी. यह सब एक स्पेशल मेंटल सिचुएशन में ही हो पाता है.
गोल्डस्मिथ कॉलेज, लंदन की म्यूजिक साइकॉलजी रिसर्चर डॉ. वी. विलियमसन की माने तो इस सिचुएशन को कॉग्निटिव इच या स्टक-सॉन्ग सिंड्रोम या फिर स्टिकी म्यूजिक कहा जा सकता है. आम बोलचाल की लैंग्वेज में इसे ईयर-वर्म मीन्स “कान का कीड़ा” भी बोल दिया जाता है. हुआ ये कि अपनी रिसर्च के दौरान  विलियमसन ने अपने सर्वे में करीब 3000 लोगों से इस तरह के गानों और और इसके एक्सपीरियंस से जुड़े कई क्वेश्चन पूछे. लोगों ने इसके जवाब में करीब 10-15 गानों के नाम बता डाले. डॉ. वी. ने जब इन गानों पर रिसर्च स्टार्ट की तो इन सब में एक यूनिक सा रिलेशन देखा. क्या देखा?

रिजल्ट 1: 
उनके रिजल्ट्स बताते है कि जब भी कोई नया गाना ऑन रिलीज होता है तो लगभग हर प्लेटफ़ॉर्म जैसे कि टीवी चैनल्स, इंटरनेट या रेडियो पर हमें बस वही गाना बजता दिखाई देता है. और हर जगह एक ही गाने के रिपीट डिस्कशन से आपका माइंड और आपका हार्ट उस गाने से एक बोंडिंग फील करने लगता है. जब आपके आस-पास के लोग भी उसी गाने की बात करते हैं तो ये सिचुएशन और भी शानदार हो जाती है. ईयरवर्म यानि किसी एक ही ऑडियो-विडियो गाने का बार-बार सुनाई देना.

रिजल्ट 2: 
डॉ. वी. की रिसर्च से यह भी सामने आया है कि इस तरह से एक ही गाने को पसंद करने का एक फोकस्ड रीज़न आपकी टेंशन भी हो सकती है. आप ओब्सर्व करें कि जब आप बहुत ज्यादा पजल और तनावग्रस्त फील करते हैं तो उस पर्टिकुलर सिचुएशन के अनुसार ही आपके माइंड में एक ही गाना चलता रहता है. जैसे अगर एक मोमेंट पर आपके रिश्तों में खटास है तो आपका माइंड आपको  सैड सॉन्ग्स की चॉइस ऑफर करेगा और आप उस सिचुएशन में उदास रिएक्शन से गुजरेंगे क्योंकि उस टाइम जोन में ऐसे गाने से आप खुद को फीलिंगफुल तरीके से जुड़ा हुआ पाते हैं. और बस फ़िर आपको इस तरह से वो एक ही गाना बार-बार सुनने की विश होने लगती है और वो गाना कुछ दिनों तक आपका हमसफ़र बन जाता है. जहां एक और इसे प्रॉब्लम की तरह देखा जाता है वहीँ दूसरी तरफ ये एक रिलैक्सिंग रेमेडी भी है जो आपको टेंशन फ्री करने में हेल्प करती है.

टिप्स: 
अगर आप लम्बे समय से ये चीज़ फेस कर रहें हैं तो थोड़ा सोचिये क्योंकि इसकी ज्यादा आदत आपको कोई एडिक्शन ना दे दे. अगर आपको इस प्रॉब्लम  से पीछा छुड़ाना है तो अपने माइंड को नए थॉट्स देकर किसी और काम में बिजी रहना स्टार्ट करिए. कोई गेम खेलिए. एक्सरसाइज कीजिये. पसीना बहाइये. गाने सुनने का मज़ा सिर्फ़ तब तक लीजिये जब तक वो आपको रिलैक्स और पॉजिटिव रख रहा हो. अदरवाइज ये कहीं आपको कहीं ज्यादा सरप्राइज कर सकता है.


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