Sep 17, 2018

इसे खोइए मत. इसे बड़ा कीजिये.



जिंदगी एक ही तरह की होती है. सिम्पली जिंदगी. 
अब हम क्या करते हैं?
अगर आप ख़ाली बैठे हैं तो आपको लगता है वो सब बेवकूफ़ हैं, जो बिजी रहते हैं, क्योंकि इससे आपको satisfaction मिल जाता है.
अगर आप बहुत बिजी हैं तो आपको लगने लगता है कि वो सब बेवकूफ़ हैं, जो ख़ाली बैठे हैं क्योंकि इससे भी आपको satisfaction मिल जाता है. 
ये ही होता हैं ना.
दोनों केस में आपकी तसल्ली इम्पोर्टेन्ट हैं. बात चाहे सही हो या गलत. 
हर आदमी ख़ुद को तसल्ली देते रहना चाहता है. इससे उसको धीरे-धीरे लगने लगता है कि वो ही सही सोच रहा है और बाकी लोगों को तो पता ही नहीं कि जीना किसे कहते हैं?
असली बात आपकी तसल्ली की नहीं है. असली बात है कि क्या आप अपनी जिंदगी से ख़ुश भी हैं या नहीं.
कुछ लोगों को दुखी रहने में ही ख़ुशी मिलने लगती है. ऐसे लोग दूसरों के दुःख से ख़ुद को संतुष्ट रखना सीख लेते हैं. अगर कोई ख़ुश आदमी उनके सामने से गुजर जाये तो उन्हें अच्छा नहीं लगेगा. क्यों? क्योंकि उन्हें ख़ुशी में ख़ुशी पसंद नहीं है. दुःख में ख़ुशी पसंद है. इसका उलट भी उतना ही सच है.

आप देखिएगा कि कुछ लोग पूरे दिन सिर्फ़ लोगों का या circumstances का डिस्कशन करते मिलेंगे. वो अपने काम को करने की बजाय दूसरे के कामों में जज बन कर घूमते रहते हैं. ये वो ही स्मार्ट लोग हैं जो घर से ही दुखी हो कर निकलते हैं और जहाँ भी जाते हैं, अपने दुख का प्रसाद लोगों को बाटना शुरू कर देते हैं. किसलिए? सिर्फ़ अपनी तसल्ली के लिए. इन्हें बिजी without वर्क का मैडल दिया जा सकता है.

इसका उलट भी उतना ही सच है कि जो लोग घर से मुस्कुराते हुए निकलते हैं, वो बाहर भी सबको मुस्कान देते घूमते मिलेंगे. ऐसे लोग अपनी तसल्ली के लिए नहीं बल्कि इसलिए ऐसा करते हैं ताकि दूसरों के चेहरे पर भी मुस्कान ला सकें.

जिंदगी सिचुएशन बेस्ड नहीं है. आप सिचुएशन के हिसाब-किताब में उलझ गए तो ज़रूरत से ज्यादा प्रैक्टिकल बनने के चक्कर में पड़ जायेंगे और नतीजा ये के सिर्फ़ गुलामों की तरह व्यवहार करना, रियेक्ट करना शुरू कर देंगे. फ़िर आपको वैसे ही लोग अच्छे लगेंगे जो आपकी तरह सिचुएशन के गुलाम हैं. ये अभी आपको अच्छा लग सकता है लेकिन बाद में ये आपको एक महान क्रिटिक बना देगा जो जिंदगी के लिए कतई ठीक नहीं रहता.

जिंदगी बस जिंदगी है. जैसी सबको मिली है, वैसे ही आपको भी. इसलिए सिर्फ़ जीना सीखिए. और जीना वास्तव में क्या है?

कहा गया है कि “वास्तव में वो ही लोग जीते हैं जो दूसरों के लिए जीते हैं”
कितना सच छुपा है इन चंद शब्दों में. ख़ुशी हमारे लिए नहीं बनी. ये तभी नसीब में आएगी जब हम किसी और को बिना धन्यवाद की अपेक्षा किये, बिना लालच बस बेवजह ख़ुशी देने की कोशिश करेंगे. ये पैसे से नहीं बल्कि आपके दिल से निकलने वाली फील है. फ़िर जब कोई ऐसा मोमेंट आएगा कि कोई आपकी वजह से मुस्कुराएगा, आप जान सकेंगे कि अब आप गुलाम नहीं बल्कि बादशाहों के भी बादशाह हैं.

ये ही जिंदगी का मूल स्वभाव है. इसे खोइए मत. इसे बड़ा कीजिये. फ़िर आपको तसल्ली के लिए कहीं भागना नहीं होगा. तसल्ली और satisfaction ख़ुद आपके पीछे-पीछे भागेंगे. और आप उस सुप्रीम पॉवर का थैंक्स करते हुए अपने मन को नीचे झुका सकेंगे. ये लो साहब. 

अब आपने जीना शुरू कर दिया है. क्योंकि असली जीना ख़ुद की इच्छाओं को पूरा कर लेना नहीं बल्कि सबके लिए कुछ अच्छा कर लेने का नाम है. अब आपको मौत से भी भय नहीं लगेगा और आप जान सकेंगे कि लाइफ exciting है. जब सांस आपके हाथ में नहीं है तो तसल्ली के चक्करों में पड़ कर क्या मिल जाने वाला है? इसी पल में आपको divine फ़ील होना शुरू हो सकेगा और फ़िर आप बड़ी आसानी से सबको प्रेम करना सीख पाएंगे.
अभी तो आप नफरतों की मार्किट में सामान ख़रीद रहें हैं. जिंदगी अभी बहुत दूर है. आज से उसकी तरफ़ क़दम बढ़ाना स्टार्ट करिए. फ़िर कमाल देखिये.

आपके लिए कुछ स्वरचित शानदार कोट्स. ये रहे आपके सामने.

Quote: ज्यादा समझदार लोगों को आज तक कुछ भी ज्यादा नहीं मिला. सिवाय मायूसी के.

Quote: हर इंसान को भगवान् ने एक शानदार चीज़ दी है. हमारा दिल. ये बस प्यार देने और प्यार पाने के लिए धड़कता रहता है. बाकी समय तो दिमाग की बक-बक ही ख़त्म नहीं होती.

Quote: जिंदगी सिम्पली एक घास के तिनके से ज्यादा और कुछ नहीं है. ब्रह्मांड के नज़रिए से देखिये. हम एक मच्छर तक ख़ुद पैदा नहीं कर सकते. फ़िर हमारे पास घमंड करने के लिए बचता ही क्या है?

Quote: हम अमर होने का ख़्वाब देख तो सकते है लेकिन अमर होने किसी के लिए भी संभव नहीं.

Quote: महान बनने की कल्पना बिलकुल बचकानी है. लाइफ को नेचुरल तरीके से जीना सीखिए. आपकी अच्छी सोच ही आपकी महानता है. और दुसरे भी जब चाहें, ऐसा कर सकते हैं.

Quote: अज्ञानी को भगवान् जल्दी मिल सकते हैं क्योंकि उसके दिल की बनावट उसके दिमाग से ज्यादा सरल होती है. ज्ञानी आदमी अपने दिमाग को ही भगवान् मान लेते हैं.

Quote: आप बदलते हैं तो सिर्फ़ अपने लिए. कोई और चाहकर भी किसी और के लिए नहीं बदल सकता.

Quote: आप अच्छे हैं या बुरे? ये दूसरे लोग कैसे तय कर सकते हैं? आप कब तक ऐसे एग्जाम देते रहेंगे जिसमें पास या फेल होने से जिंदगी की खुशियों का कोई लेना-देना नहीं है.

Quote: आप सिर्फ़ तब तक ही डरते हैं जब तक कि हारना नहीं सीख लेते. हार सही मायनों में एक वरदान है. आप हमेशा ही जीतने वाले नहीं है. कोई भी आज तक ऐसा नही कर पाया है. ख़ुशी और शांति पाने के लिए जीतना ज़रूरी नहीं होता. प्रकृति से ये सीख लेना चाहिए. वो हर मौसम को वरदान मान कर उसके हिसाब से ढल जाती है.




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