Oct 13, 2018

नयी सोच ने 1 साल में ही बदल डाली गांव की तस्वीर








जहां एक तरफ़ सोशल मीडिया के Negative असर पर लगातार बातें हो रही हैं वही इससे जुड़ी Positive और नई सोच से आप कुछ अच्छा भी कर सकते हैं, अगर करना चाहें तो.

ऐसा ही कुछ सामने आया मध्यप्रदेश के बैतूल की तहसील भैंसदेही के गांव बासनेर खुर्द में.

गांव में लाइट की भारी क़िल्लत. सारे कामों से लेकर बच्चों के पढ़ने तक में दिक्कत क्योंकि लाइट का ना होना या बहुत कम होना हमेशा परेशानी से भरा हुआ अनुभव होता था.

गांव के यूथ लोकेश ने अपने दोस्तों के साथ 1 Whatsapp ग्रुप बनाया. नाम दिया “मेरा गांव, मेरे अपने”.

अब इस ग्रुप की बदौलत गांव की गलियां कुछ दिनों में ही LED बल्ब से रोशन हो सकेंगी. लोकेश और उनकी टीम ने 2017 में ग्रुप को Start किया. 

गांव के लोगों की काउंसलिंग की और उन्हें इस ग्रुप से जोड़ा. गांव के डेवलपमेंट के लिए लोगों से अपनी Planning शेयर की. धीरे-धीरे लोगों का विश्वास बना. सब Help करने के लिए Agree होने लगे.

फिर क्या हुआ?

सबसे पहले गांव की बंद पड़ चुकी Street लाइट को दुरुस्त किया गया. आपसी सहयोग से पैसे इकठ्ठा कर LED बल्ब ख़रीदने और उनको सही जगह लगाने पर काम शुरू हुआ.

ख़ुशी की बात ये है कि इस नवरात्रि तक गांव में लाइट ही लाइट होगी और सालों से अँधेरे का कालापन झेल रहा ये गांव अब जल्द ही जगमगाने लगेगा.

मेहनत की इस रौशनी से ग्रुप के लोगों का जोश देखते ही बनता है और अब ये टीम और साथ जुड़े लोग गांव और उसके आस-पास Tree प्लांटेशन, Water हार्वेस्टिंग, इलाज के लिए Hospital और गरीब बच्चों की Education में मदद के लिए भी Effort करने की दिशा में कदम बढ़ा रहें हैं.

सार:
अगर दिल में कुछ अच्छा करने का ज़ज्बा हो और साथ भी बेहतरीन मिल जाए तो बुराई में से भी अच्छाई पकड़ी जा सकती है.

साभार: नईदुनिया

No comments: