Oct 28, 2018

क्या पता, बात बन जाए.





आज आप Modern लाइफ़ स्टाइल में लगभग सब कुछ पा चुके हैं. सुख-सुविधाएं, स्टेटस, रुतबा, सोशल और मेंटल डेवलपमेंट, बेहतर से बेहतर क्वालिफिकेशन, चमत्कारिक एग्जाम ग्रेडस, गूगल देवता से हर तरीके का आशीर्वाद, शानदार नौकरी, व्यावसायिक संबंध और हमेशा के लिए समझदारी.

फ़िर ये अधूरापन लिए क्यों घूम हो आप?

अब क्या कमी रह गई है. कम्पलीट पैकेज है आपके पास. फ़िर ये उदासी बार बार घर क्यों कर जाती है? क्या खो गया है, जिसे तलाशना पेंडिंग रह जाता है हमेशा.

अरे, बेसिक लर्निंग तो पीछे ही छूट गई कहीं. प्रोडक्ट सामने है. फीलिंग मगर मिसिंग है. पैसे हैं, इमोशन खो गए. अमीर हो गए, अमीरी चली गयी. दिमाग चला तो दिल बैठ गया. भीड़ तो मिल गई, पर साथ कोई मिला नहीं. रिश्ते बेहिसाब बना डाले, मिठास गायब. 

मानव से रोबोट बन गए और मानवता फुर्र. पहचान ख़ूब बनी पर अपनी पहचान फुर्र. सब कुछ पा लिया लेकिन वो कोमल मुस्कान अब महंगी हो गई. अब नहीं आती.

ये क्या हो गया?

एडवांस लाइफ़ तो मिल गई. बेसिक होमवर्क किया ही नहीं था. अब वापिस लौट सकते नहीं और आगे कितना और पाना है और क्यों पाना है, इसका जवाब कहां मिलेगा?

साहब. सब जवाब आपके पास हैं. बाहर नहीं, आपके अंदर.  
आप इतने कुछ सोचिए.

हम आपको बी. के. शिवानी जी के कुछ सोचे गए विचार आपको सुनाते हैं. क्या पता, बात बन जाए. कोई दिशा मिल जाए. उजाले नाच उठे. फिज़ा फिर से हसीन हो जाए.



हज़ारों संबंध रखना कोई चमत्कार नहीं है. चमत्कार ये है कि आप एक ऐसा संबंध रखें जो तब भी आपके साथ खड़ा रहे, जब हज़ारों आपके खिलाफ हों.


हमारे जीवन की ज्यादातर समस्याएं हमारे बोलने के लहज़े से पैदा होती हैं. इससे मतलब नहीं है कि हम क्या कहते हैं, इससे मतलब है कि हम कैसे कहते हैं. क्या आप सहमत हैं?


लोग आपको Hurt करते है, भगवान् आपको Heal करेंगे. लोग आपको हयुमिलीएट करते हैं, भगवान् आपको Magnify करेंगे. लोग आपको Judge करते हैं, भगवान् आपको Justify करेंगे. ये जरुर होगा. भरोसा रखिए.


सत्य एक डेबिट कार्ड है - पहले कीमत चुकाएं और बाद में आनंद लें. झूठ एक क्रेडिट कार्ड है - पहले आनंद लें और बाद में कीमत चुकाएं.


आपका माइंड एक मैगनेट की तरह है.जैसा आप सोचेंगे, उसी को  आकर्षित करेंगे. इसलिए हमेशा अच्छे विचारों के बारे में सोचें और हमेशा पोजिटिव रहे. नेगेटिव से हासिल क्या होने वाला था?


अगर आप किसी की खुशियाँ लिखने वाली पेंसिल नहीं हो सकते हैं तो एक अच्छा सा इरेजर बनिए जो उनका दुःख मिटा सकने में मदद करता हो.


बदलाव की तरफ पहला कदम स्वीकार करना है. एक बार आप खुद को स्वीकार कर लेते हैं तो आप बदलाव के दरवाजे खोल देते हैं. आपको बस यही करना है.


हीलिंग का ये मतलब नहीं कि कभी पीड़ा थी ही नहीं. इसका मतलब है कि अब वो पीड़ा आपके जीवन को कंट्रोल नहीं करती.


अगर आप किसी की मदद कर रहे हैं और बदले में कुछ वापस चाह रहे हैं तो आप बिजनेस कर रहे हैं, दयालुता नहीं.


किसी के लिए अपना सब कुछ कुर्बान कर देना इतना मुश्किल नहीं है. लेकिन उस इंसान को खोज पाना मुश्किल है जो आपकी इस कुर्बानी का सम्मान कर सके.


एक जादुई गुण है जो हम सब के अन्दर है और वो हमारी ऊर्जा को बदल देता है और हमारे प्रति दूसरों की धारणा बदल देता है. उसे ईमानदारी कहते हैं.


हम सभी पर्वत के शिखर पर जीना चाहते हैं, लेकिन सारी खुशियाँ तब घटित होती हैं जब हम पहाड़ पर चढ़ रहे होते हैं. सफ़र का मज़ा लेना सीखिए. शिखर के बाद तो लौटना होगा. आगे कहां जायेंगे?


घमंड की सबसे बुरी बात है कि आप यह महसूस ही नही कर सकते हैं कि आप गलत भी हो.


सफलता प्रसन्नता की चाभी नहीं है. प्रसन्नता सफलता की चाभी है. अगर आप उस चीज से प्यार करते हैं जो आप कर रहे हैं, आप सफल हो जायेंगे.


विज्ञान और आध्यात्मिकता जुड़े हुए हैं. दोनों एक ही चीज कहते हैं - विश्वास मत करो, अनुभव करो. Don’t Trust, Feel it.


सफल रिश्ते इस बात पर निर्भर नहीं करते कि हमारे बीच कितनी अच्छी अंडरस्टैंडिंग है. बल्कि इस पर निर्भर करते हैं कि हम कितने अच्छे से मिसअंडरस्टैंडिंग से बच पाते हैं.


जीवन कोई प्रतियोगिता नहीं है. हर कोई अपनी यात्रा पर है. अपने चुनावों, क्षमता, मूल्यों और सिद्धांतो के अनुसार जिएं. आप सबकी तरह यूनिक हैं. अनोखे. शानदार. गज़ब के प्रतिभाशाली.


आज के समय में ज्यादातर लोग सिर्फ़ इसलिए दुखी और असफल है क्योंकि वे अपनी अक्ल के उपयोग के बजाय दूसरों की नकल ज्यादा करते हैं.


बदला लेकर नहीं. बस ख़ुद को बदलकर तो देखिये.


अमीर बनने के सिर्फ दो ही तरीके हैं. पहला - आप जो भी चाहते है, उसे पाने की भी कोशिश करे और दूसरा - जो आपको मिल गया है, उसमें खुश रहने का प्रयास करें.


आपके अलावा आपके खुशियों का कोई इंचार्ज नहीं है.


किसी भी चीज का उदाहरण देना बहुत सरल है लेकिन किसी के लिए खुद उदाहरण बनना बहुत ही मुश्किल है.


जब तक आप खुद दुखी नही होना चाहते है तब तक कोई आपको दुखी नही कर सकता है.


जो लोग सिर्फ़ आपको जरूरत के समय याद करते हैं. उनके लिए काम जरुर आना चाहिए. क्योंकि Darkest Moments के समय ही Brightest लाइट सबसे ज्यादा खोजी जाती है. और आप भाग्यशाली हैं कि वो Light आप हो. और आपको क्या चाहिये?




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