Oct 6, 2018

ये शानदार होगा. बोरियत रफूचक्कर.






आपने कभी ना कभी अपने आस-पास ज़रूर ये महसूस किया होगा. आप या आपके जानकार कभी-कभी खीजते हुए कहते हैं 
“ क्या यार, मेरा मन नहीं लग रहा. I am getting bored “.

ये होता है. अक्सर होता है. लेकिन सवाल ये है कि आख़िर ये होता क्यों हैं ?

बोर होना या बोरियत फ़ील करना. ये एक रिएक्शन है जो हम अपनी mental स्टेट के हिसाब से react करते हैं. आपने देखा भी होगा कि लोग अपना काम बड़े आराम से करते हैं लेकिन उनकी ढ़ीली-ढ़ाली body language और बार बार उबासी का आना ये संकेत देता है कि वो काम तो कर रहें हैं लेकिन उस काम को enjoy नहीं कर पा रहे. ये ही बोर होना है.

आइये, कुछ examples से समझें कि आख़िरकार कौन-कौन से symptoms इशारा करते हैं कि क्या है बोर होना और ये क्या बताता है?

1.       चेहरे चाहे glow कर रहा हो लेकिन बोरियत महसूस करना बताता है कि आपका मन शांत नहीं है.

2.       बोर होना मतलब ये कि आप किसी काम में लगे हो और आपको लगातार लग रहा है कि ये काम बेकार है.

3.       बोर होने का एक पहलू ये भी है कि आप creative भी हो सकते हैं. फ़र्क सिर्फ़ इतना है कि आपको अपने काम में कुछ नयापन महसूस नहीं हो रहा. excitement या spark फ़ील नहीं हो रहा. इससे आप अपने काम का मज़ा उस तरह से नहीं ले पा रहे, जैसा सोचकर आपने वो काम start किया था.

4.     normal होने से थोड़ा ज्यादा होना आपको बोरियत की तरफ़ ले जा सकता है.

5.      एक simple लाइफ़ जीने वाला आदमी बहुत कम बोरियत महसूस करता है क्योंकि उसके पास सोचने के लिए बहुत कम time होता है. उसे दो वक़्त की रोटी कमानी है. जिम्मेदारियों का थैला कमर पर टंगा है. वो कम बोर होगा.

6.     बोरियत ख़ुद को वर्तमान में show – off करती है. उदाहरण के लिए - आपने सपना देखा कि मुझे 45 साल की उम्र तक इतना कमाना है, इतने गज की कोठी खड़ी करनी है, सोसाइटी में इस status तक जाना है एंड so on. आप वहां पहुच गए. अब क्या? अब आप फ़िर नए target बनायेंगे. नहीं बनाए तो बोरियत आपका इन्तजार कर रही है. और देखिए कि surprising क्या है? आपने बोरियत से बचने के लिए नए targets बना डाले. आगे उन्हें पूरा किया. अब आगे क्या? ये series आपके स्वर्ग जाने तक continuous चलेगी. बीच में कहीं ब्रेक लगा नहीं के बोर होना शुरू. इस पर मंथन करें कि आखिर मेरी लाइफ़ का actual aim क्या होना चाहिए ? धीरे-धीरे आप बदल जायेंगे एक light source के रूप में. ये शानदार होगा. बोरियत रफूचक्कर.

7.       ये भी एक पहलू – कुछ लोग दुनिया में चल रही देख कर भी तंग हो जाते हैं. छोटे मुद्दे – बड़ी बहस. बेवजह के debates. लोगों की use & throw नेचर. partiality. धोखा खा जाना. किसी की वजह से कोई विश्वास टूट जाना आदि. फ़िर ऐसे लोगों को ये दुनिया नकली, बनावटी और डरावनी भी लगने लग जाती है. नतीजा वो adjust नहीं कर पाते और मिलना जुलना कम. आखिर में लाइफ़ में कभी – कभी बोरियत.


बोरियत के फ़ायदे :
फ़ायदा: खतरे से बचाव. कुछ नया सोचने की प्रेरणा मिलना, आगे के लिए कम से कम गलतियों का होना.

बोर होने से कैसे बचें ?
·       लाइफ़ को simplify रखने की कोशिश करें.
·  नेगेटिव माहौल से अगर बोरियत हो तो ये अच्छा संकेत है. ये बोर होना नहीं है बल्कि आप के लिए अच्छा है कि आप एक पॉजिटिव माहौल के साथ चलना चाहते हैं.
·      सबके साथ वैसे ही पेश आयें जैसा आप ख़ुद के लिए दूसरों से expect करते हैं. ये आपको अच्छी feel देगा और आप बोर होने की जगह smile करेंगे.
·       जब बोरियत ज्यादा महसूस हो तो अपने किसी पसंदीदा काम में जुट जाइए. जैसे की reading, writing, cooking, music सुनना, फ़िल्म देखना. मतलब ये की अपनी hobbies पर फोकस करें. ये आपको नयी energy देगा.
·      कम से कम judgmental बनने की तरफ़ क़दम बढ़ाइए.
·        दूसरों के सुख से ज्यादा उनके दुःख में उनके साथ खड़े हो जाइए.
·     ख़ुद के अकेले होने को celebrate करें बजाय इसके कि आप किसी की तलाश करते फिरें.
·    अपने favorite friends से मिलते-जुलते रहें. sharing करते रहें. ये उत्साह भर देगा.
·   अपनी लाइफ़ के happiest moments को याद कीजिए. उन्हें किसी छोटी डायरी में date wise लिखने की आदत डालें. आपकी खुशियां दौड़ने लगेंगी. बोरियत दूर भाग जाएगी.





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