Oct 13, 2018

कितना अद्भुत है उनके लिए जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा Need हो.




हम बचपन से ही पढ़ते आ रहे हैं कि आवश्यकता आविष्कार की जननी है.

डिजिटल क्रांति से अगर Cash Crisis से मुक्ति मिल जाए तो कितना अद्भुत है उनके लिए जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा Need हो और उन्हें इसका ज्ञान भी ना हो?

टेक्नोलॉजी से बदलाव का नया दौर अब सिर्फ़ चैटिंग, शेयरिंग और सोशल मीडिया Updates तक सीमित नहीं है. ख़ासकर Village लेवल पर जिस जागरूकता की सबसे ज्यादा ज़रूरत है, उसे पाने के कोशिशें भी लगातार चल रहीं हैं.

आपको जानकर हैरानी होगी कि भारत का एक ऐसा गांव भी है जो Cash Crunch से कभी दुखी नहीं होता. यहां कैश की कभी कमी नहीं पड़ती.

ये है भारत का पहला डिजिटल विलेज अकोदरा.
·      अकोदरा गांव, जिला: सबरकांत, हिम्मतनगर से 10 किलोमीटर दूर, स्टेट का नाम: गुजरात

·    सुर्ख़ियों में क्यों? इसे देश का पहला डिजि‍टल विलेज होने का दर्ज़ा प्राप्त.

·      Population: लगभग 1,252

·      घरों की संख्या: लगभग 255

·     ख़ास बात: सभी ग्रामीण लोग द्वारा अपने कामों के लिए कैशलेस सिस्‍टम का Use करना.

·    डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, Smsing, Net-banking यानि डिजिटल तरीके से कैश का ट्रांजक्‍शन

·   डिजिटल विलेज प्रोजेक्‍ट के तहत 2015 में ICICI बैंक ने Adopt किया और ग्रामीणों को ट्रेनिंग देकर कैशलेस Method को बढ़ावा दिया गया.

·      यहां के हर घर का बैंक में अकाउंट.

·     Mobile बैंकिंग के लिए हिंदी, अंग्रेजी और गुजराती भाषाओं का प्रयोग

·   रोचक बात: लोकल लेवल पर दूध और अनाज की Sale – Purchase  में भी कैशलैस Transaction

·   हर स्कूल में कंप्‍यूटर और स्‍मार्ट बोर्ड की मदद से बच्चों की पढाई को प्राथमिकता



ग्रामीण ख़ुश हैं? वो देख पा रहे हैं और वो जी पा रहे हैं, जो सोचा ना था.

सार: 
अगर जीवन आसान होता है तो नई टेक्नोलॉजी को अपनाने में क्या बुरा है? हाँ, अपनी जमीन से जुड़े होने का एहसास ना भूलें.






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