Nov 24, 2018

आज तो सब बिल्कुल उल्टा है.





आजकल डिस्कशन के मुद्दे ऊपर तक असर करने लगे हैं. ख़ासकर सोशल मीडिया आने के बाद तो चर्चाएं जोर पकड़ने लगी हैं और पृथ्वी लोक के साथ साथ यमलोक भी डिजिटल मीडिया की मदद से ख़ुद को अपडेट रखने लगा है. 

आइए, एक ऐसी ही छोटी सी हास्य रचना से जानने का प्रयास करते हैं.

एक नेता जी मरने के बाद यमपुरी पहुंचे.
वहां यमराज ने उनका भव्य स्वागत किया, और कहा कि इससे पहले कि मैं आपको स्वर्ग या नरक भेजूं, पहले मैं चाहता हूँ कि आप दोनों जगहों का मुआयना कर लें कि आपके लिए कौन सी जगह ज्यादा अनुकूल होगी!

यमराज ने यमदूत को बुलाकर कहा कि नेता जी को एक दिन के लिए नरक और फिर एक दिन स्वर्ग घुमा कर वापिस मेरे पास ले आना.

यमदूत नेताजी को पहले नरक में ले गया. नेता तो नरक कि चकाचौंध देखकर हैरान रह गया चारों तरफ हरी भरी घास और बीच में गोल्फ खेलने का मैदान, नेता ने देखा उसके सभी दोस्त वहां घास के मैदानों में शांति से बैठे है और कुछ गोल्फ खेलने का आनंद ले रहे हैं. उन्होंने जब उसे देखा तो वे बहुत खुश हुए और सब उससे गले मिलने आ गए और बीते हुए दिनों कि बातें करने लगे. पूरा दिन उन्होंने साथ में गोल्फ खेला, और रात भर आनंद से काटी.

अगले दिन यमदूत नेता को स्वर्ग लेकर गया. जैसे ही वे स्वर्ग के दरवाजे पर पहुंचे, स्वर्ग का दरवाजा खुला.
नेता ने देखा रोशनी से भरा दरबार था स्वर्ग का!

सभी लोगों के चेहरे पर असीम शांति. कोई भी एक दूसरे से बात नहीं कर रहे थे. मधुर संगीत बज रहा था. कुछ लोग बादलों के ऊपर तैर रहे थे.

नेता ने देखा कि सभी लोग अपने अपने कार्यों में व्यस्त थे. नेता उन सब को गौर से देख रहा था. नेता ने बड़ी मुश्किल से एक दिन काटा!

सुबह जब यमदूत उसे लेकर यमराज के पास पहुंचा तो यमराज ने कहा - हाँ तो नेता जी अब आप अपने लिए स्थान चुनिए जहाँ आप को भेजा जाये!

नेता ने कहा वैसे तो स्वर्ग में बड़ा आनंद है. शांति है. फिर भी वहां मेरे लिए समय काटना मुश्किल है. इसलिए आप मुझे नरक भेजिए. वहां मेरे सभी साथी भी है. मैं वहां आनंद से रहूँगा.
यमराज ने उसे नरक भेज दिया!

यमदूत उसे लेकर जैसे ही नरक पहुंचा तो वहां का दृश्य देखकर स्तब्ध रह गया. वो एक बिलकुल बंजर भूमि पर उतरा. जहाँ चारों ओर कूड़े करकट का ढेर लगा था. उसने देखा कि उसके सभी दोस्त फटे हुए गंदे कपड़ों में कबाड़ इकट्ठा कर रहे थे. वो थोड़ा परेशान हुआ और यमदूत की तरफ देखा और कहा मुझे समझ नहीं आ रहा है कि कल जब मैं यहाँ आया था तो यहाँ घास के हरे भरे मैदान थे. मेरे सभी दोस्त गोल्फ खेल रहे थे. फिर हमने साथ बैठकर खूब मस्तियाँ की थी!
आज तो सब बिल्कुल उल्टा है.

यमदूत हल्की सी हंसी के साथ बोला - नेता जी कल हम चुनाव प्रचार पर थे. और आज आप हमारे पक्ष में मतदान  कर चुके हो..!!
(ये केवल हास्य रचना है. इसे अन्यथा न लें.)

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