Nov 29, 2018

ये एक थैंक्यू एप्रोच थी.






कांशसनेस शब्दों में बयान करना बेहद टफ होता है. आप इसे हमेशा किसी कर्म से या किसी कारण से जोड़कर नहीं देख सकते. 

ये बाहर का प्रोसेस नहीं है. ये अंदर की बात है. ये फील करने का सब्जेक्ट है. ये ही आपको हँसाता है, रुलाता है, नचाता है और बचाता है.

एक छोटी सी कहानी इसी विषय पर. आपको रोचक लगेगी.

एक गाय घास चरने के लिए एक जंगल में चली गई. शाम ढलने के करीब थी. उसने देखा कि एक शेर उसकी तरफ दबे पांव बढ़ रहा है. वह डर के मारे इधर-उधर भागने लगी. शेर भी उसके पीछे दौड़ने लगा.

दौड़ते हुए गाय को सामने एक तालाब दिखाई दिया. आनन-फानन में घबराई हुई गाय उस तालाब के अंदर घुस गई. शेर भी उसका पीछा करते हुए तालाब के अंदर तक घुस गया. 

तालाब बहुत गहरा नहीं था. उसमें पानी कम था लेकिन वो कीचड़ से भरा हुआ था. शेर और गाय दोनों के बीच की दूरी काफी कम थी. लेकिन अब दोनों लाचार थे. गाय धीरे-धीरे कीचड़ के अंदर धंसने लगी. शेर उसके पास होते हुए भी उसे पकड़ नहीं सका था. वो भी धीरे-धीरे कीचड़ के अंदर धंसने लगा. 

अंतत दोनों ही करीब-करीब गले तक उस कीचड़ के अंदर धस गए. अब वो दोनों बिलकुल भी हिल नहीं पा रहे थे. गाय के करीब होने के बावजूद शेर उसे पकड़ पाने में असमर्थ था.

थोड़ी देर बाद गाय ने उस शेर से पूछा, क्या तुम्हारा कोई मालिक यानि ओनर है?

शेर ने गुर्राते हुए कहा, मैं तो जंगल का राजा हूं. मेरा कोई ओनर कैसे हो सकता है? मैं तो खुद ही इस जंगल का ओनर हूं.

गाय ने कहा - लेकिन तुम्हारी इस पॉवर का यहां पर क्या यूज़ है?

शेर ने कहा, तुम भी तो यहाँ फंसी हुई हो और मरने के बेहद करीब हो. तुम्हारी भी तो कंडीशन मेरे जैसी ही है. फ़िर ये सवाल क्यों?

गाय ने स्माइल हुए कहा, बिलकुल नहीं. मेरा ओनर जब शाम को घर आएगा और मुझे अपनी जगह पर ना पाकर मुझे ढूंढते हुए यहां तक जरूर आएगा और मुझे इस कीचड़ से निकाल कर अपने घर ले जाएगा.

तुम्हें कौन लेकर जाएगा?

शेर हंसा और बोला- चलो ये भी देख लेते हैं. लेट्स सी.

थोड़ी ही देर में सच में ही एक आदमी वहां पर आया और गाय को कीचड़ से निकालकर अपने घर ले गया. जाते समय गाय और उसका मालिक दोनों एक दूसरे की तरफ कृतज्ञतापूर्वक देख रहे थे. 
ये एक थैंक्यू एप्रोच थी.

वे चाहते हुए भी उस शेर को कीचड़ से नहीं निकाल सकते थे, क्योंकि इससे उनकी अपनी जान के लिए खतरा पैदा हो जाता.

शेर कुछ देर बाद वहीँ तड़फ कर मर गया.


सार:
कहानी को सीधी तरह समझें तो यहाँ गाय आपके समर्पित दिल का प्रतीक है. शेर आपका अहंकारी मन है और मालिक यानि ओनर यहाँ ईश्वर को रिप्रेजेंट करता है. कीचड़ यह संसार है और शेर और गाय के बीच का संघर्ष लाइफ़ की लड़ाई है.

किसी पर डिपेंड नहीं होना बहुत अच्छी बात है, लेकिन उसकी अति नहीं होनी चाहिए.

आपको किसी अपने, किसी दोस्त,किसी गाइड या किसी सच्चे सहयोगी की हमेशा ही जरूरत होती है. 

हर पल, हर दफ़ा केवल आप ही राजा नहीं हो सकते. आपको और औरों को बनाने वाला परमतत्व ही असली राजा है. पूरा जगत उसकी प्रजा है और आप उसकी प्रजा का एक छोटा सा हिस्सा. इससे ज्यादा कुछ नहीं.


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