Nov 30, 2018

आप कॉन्फिडेंस तो देखिए.






ये छोटी सी हास्य रचना,
अपने महान शायर दोस्तों संदीप गौड़ और वी. ऍम. बेचैन की लेखनी को समर्पित करता हूँ.
छोटा सा कवि हूँ, बड़े इंसानों से मगर डरता हूँ.

प्रयास अच्छा लगे तो हौसला दीजियेगा.
किसी बेघर चिड़िया के बच्चों को इक घोंसला दीजियेगा.


पेश है आपके लिए.


एक पति-पत्नी पक्की Job में हैं. (पहले)
एक पति-पत्नी कच्ची Job में हैं. (दूसरे)
पहले की दूसरे से कभी नहीं पटती.
पहले का दिन नहीं कटता, दूसरे की रात नहीं कटती.

(आप कॉन्फिडेंस तो देखिए)
कोई ना कोई डर, इन दोनों को ही सताता है.
फ़िर भी कोई एक दूसरे को कुछ भी बता नहीं पाता है.

पहले को अगले Pay कमीशन की चिंता में नींद नहीं आ रही है.
दूसरे को लग रहा है कि बस कल ही हमारी नौकरी जा रही है.

फिर भी Common Cause के लिए, दोनों ही ज़ोर लगाते हैं.
एक दूसरे के दुखों में से अपने लिए खुशियाँ ढूँढ़ ही लाते हैं.

No comments: