Dec 18, 2018

2019 में अपनी Job में खुश रहने का एक अनोखा फंडा.






देखें, समझें और आजमाएं. 

आने वाले साल 2019 में आप इन्हें अपने वेलफेयर के लिए आसानी से अप्लाई कर सकते हैं और ये बताने के लिए फ़िर कभी हमें थैंक्स भी कर सकते हैं.

ये है ऑफिस में खुश रहने का एक अनोखा फंडा. 

देखिए साहब, सीधी सी बात है कि नौकरी या जॉब में काम ख़ुद आपके पास भागकर आता ही है और हमेशा आएगा. बजाय, इसे अवॉयड करने के आप इसे करने के लिए खुद को मोटीवेट करें. करना तो पड़ेगा ही. जॉब जो करनी है.

या तो आप रोकर अपना काम बिगाड़ लीजिए या बिना अपना और अपने बॉस का दिमाग ख़राब करे, काम को निपटा डालें.

चूंकि सबको अपना-अपना काम निपटाना होता है. So अब कोई और तो आपका काम करने वाला नहीं. कोई और तो आपको रिलैक्स करने से रहा. उनकी ख़ुद की हालत पस्त हुई पड़ी है. 

Stress सबके लिए एक Common Factor रहता ही है. अब ये आपके ऊपर है कि या तो आप स्ट्रेस का शिकार होकर Negative और बोरिंग बनते चलें या फ़िर एक नयी सोच लेकर काम का अंतिम संस्कार कर डालें, वो भी कम से कम तनाव और दबाव के साथ.

इसके लिए आप एक छोटा सा प्रैक्टिस टेस्ट ख़ुद के लिए रखें.

कैसे?

आप ऐसा सोचें कि: "अगर मैं इस काम को समय रहते Finish कर देता हूँ तो मैं आज शाम को अपना मनपसंदीदा केक खाऊंगा
या 
"मैं आज रात अपने दोस्तों के साथ 2 घंटे एक छोटी सी पार्टी सेलिब्रेट करूँगा” 
या
अपनी वाइफ के लिए उसके Favorite स्प्रिंग रोल्स लेकर उसे सरप्राइज दूंगा” आदि-आदि.


"ख़ुद को बूस्ट रखने के लिए आप weekly भी अपने लिए कोई Inspiring गिफ्ट रख सकते हैं, बशर्ते आपने अपने रूटीन के सभी कामों को हँसते-गाते पूरा किया हो.

इसके अलावा आप अपने दोस्तों, साथ काम करने वालों, अपने Relatives, Family Members को भी इसी तरह गाइड और Inspire कर सकते हैं. 

इस तरह के Effort से आपका Mind क्रिएटिव तरीके से सोचना शुरू कर देगा. 

आपका काम पहले से बेहतर और टाइम पर होना स्टार्ट हो जायेगा. 

आपका दिन पुराने दिनों के मुकाबले बेहतर बीतेगा.

बोरियत भी पहले से कम होगी. 

काम में मन लगेगा. 

दूसरों की कमियाँ गिनते रहने की बजाय आप ख़ुद को बेहतर बनाने पर फोकस कर सकेंगे. 

और ये ही आपके लिए, आपकी सेहत के लिए, आपके अपनों के लिए सबसे बेस्ट आप्शन रहेगा.

है के नहीं?
बस करके देखिए.

कृपया ध्यान दें:

यहाँ के माहौल में ये करना थोड़ा टफ तो हो सकता है लेकिन इम्पॉसिबल नहीं. क्योंकि काम किसी और को देके अपना पीछा छुड़ाने वाले ज्यादा हैं और काम करने वाले बहुत कम. इसीलिए Gossips में ही बहुत सा समय निकल जाता है सबका. और ये सब ना हो तो फ़िर जीना किसे कहेंगे? 

वी आर एक्चुअली Referred जनरेशन. 

लेकिन ये हमारा सिलेक्शन होना ही चाहिए कि हमारे लिए अपनी जॉब या अपने काम में सबसे पहले क्या Important है? फ़िर ही किसी Growth की उम्मीद की जा सकती है. है के नहीं? 


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