Dec 8, 2018

चाहे आप मस्त हों, पस्त हों या व्यस्त हों?




एक महिला की आदत थी कि वह हर रोज सोने से पहले अपनी दिन भर की खुशियों को एक काग़ज़ पर लिख लिया करती.

एक रात सोने से पहले उन्होंने लिखा :
मैं खुश हूं कि मेरा पति पूरी रात ज़ोरदार खर्राटे लेता है. क्योंकि वह ज़िंदा है और मेरे पास है. ईश्वर तेरा शुक्रिया.

मैं खुश हूं कि मेरा बेटा सुबह सबेरे इस बात पर झगड़ा करता है कि रात भर मच्छर - खटमल सोने नहीं देते. यानी वह रात घर पर गुज़रता है और कम से कम कहीं आवारागर्दी तो नहीं करता. ईश्वर तेरा शुक्रिया.

मैं खुश हूं कि हर महीना बिजली, गैसपेट्रोल, पानी आदि-आदि का अच्छा खासा टैक्स देना पड़ता है. यानी ये सब चीजें मेरे पास हैं और मेरे इस्तेमाल के लिए उपलब्ध हैं. अगर ये सब नहीं होती तो ज़िन्दगी कितनी मुश्किल हो सकती थी? ईश्वर तेरा शुक्रिया.

मैं खुश हूं कि दिन ख़त्म होने तक थकान से मेरा बुरा हाल हो जाता है. यानी मेरे अंदर दिन भर सख़्त काम करने की ताक़त और हिम्मत ईश्वर ने दी है. ईश्वर तेरा शुक्रिया.

मैं खुश हूं कि हर रोज मुझे अपने घर का झाड़ू-पोछा करना पड़ता है. दरवाज़े और खिड़कियों को साफ करना पड़ता है. शुक्र है कि ये सब करने के लिए मेरे पास घर तो है. जिनके पास छत नहीं, उनका क्या हाल होता होगा? ईश्वर तेरा शुक्रिया.

मैं खुश हूं कि कभी कभार ही मैं थोड़ी बीमार हो जाती हूँ. यानी ज़्यादातर समय परमात्मा मुझे सेहतमंद ही रखता है. ईश्वर तेरा शुक्रिया.

मैं खुश हूं कि हर साल त्यौहारो पर तोहफ़े या गिफ्ट आदि देने में मेरा सारा पर्स ख़ाली हो जाता है. यानी मेरे पास चाहने वाले, मेरे अज़ीज़, रिश्तेदार, दोस्त, अपने हैं, जिन्हें मैं गिफ्ट्स दे सकूं. अगर ये ना हों, तो ज़िन्दगी कितनी बेरौनक हो? ईश्वर तेरा शुक्रिया.

मैं खुश हूं कि हर रोज अलार्म की आवाज़ पर उठ जाती हूँ. यानी मुझे हर रोज़, एक नई सुबह देखना नसीब होती है. ये भी ईश्वर तेरा ही तो करम है. ईश्वर तेरा शुक्रिया.


सार:
जीने के इस सिंपल से फॉर्मूले पर अमल करते हुए अपनी और अपने आस-पास के लोगों की ज़िंदगी सुकून और पाजिटिविटी की बनाने की कोशिशें करते रहना चाहिए. 

छोटी या बड़ी परेशानियों में भी अपनी खुशियों की तलाश जारी रखिए. हर हाल में, चाहे आप मस्त हों, पस्त हों या व्यस्त हों, उस ईश्वर का थैंक यू कर अपनी और अपनों की जिंदगी खुशगवार बनाने में मदद करते रहें.

गाँठ बांध लें और रट्टा मार लें कि जो भी होता है, किसी के अच्छे के लिए ही होता है.


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