Dec 6, 2018

इस Question पर भीड़ में Silence छा गया.






अमेरिका में नियाग्रा नामक एक प्रपात है। इसमें पानी की बहुत चौड़ी धार 160 फीट ऊँचाई से गिरती है। यदि प्रपात के पास कोई खड़ा हो तो पानी की आवाज़ डरा ही देती है। कोई प्रपात में गिर पड़े तो जिंदा बच जाने के Chance Decimal में भी नहीं हैं।

कुछ सालों पहले की बात है। एक अमरीकन ने यह Announce किया कि वह एक Wire पर चलकर नियाग्रा प्रपात को पार करेगा। नियाग्रा प्रपात के एक किनारे से दूसरे किनारे तक एक हवाईजहाज की Help से ठीक प्रपात के ऊपर से Wire को डाला गया।

उसने 1 दिन Fix किया था। उस दिन उसके इस Talent को देखने के लिए बहुत Crowd इकट्ठी हुई। God का नाम लेकर उसने Wire पर चलना Start किया।

भीड़ की आँखें उस पर टिक गयी थी। वह धीरे- धीरे चलकर उस पार कुशलता से पहुँच गया। जैसे ही वो उस पार पहुँचा, Crowd उसकी प्रशंसा में चिल्ला उठी। बहुतों ने उसको Prizes देकर उसको Honour किया।

उस समय उसने लाउडस्पीकर पर God का Thanks किया और भीड़ से First Question पूछा, ‘‘क्या आपने मुझे तार पर चलकर प्रपात पार करते देखा?’’ भीड़ ने उत्तर दिया ‘‘हाँ।’’

उसने Second Question किया, ‘‘क्या मैं फिर इस पार से उस पार तक इसी प्रकार पार कर सकता हूँ?’’ भीड़ ने उत्तर दिया ‘‘हाँ।’’

उसने Third Question किया, ‘‘क्या आप लोगों में से कोई मेरे कंधे पर बैठ सकता है, जब मैं इस प्रपात को पार करूँ?’’

इस Question पर भीड़ में Silence छा गया। कोई भी उसके कंधे पर पार करते समय बैठने को Ready नहीं हुआ। फिर उसने अपने 16 साल के इकलौते बेटे को कंधे पर बैठने को कहा। पुत्र पिता के कहने पर तुरंत कंधे पर बैठ गया। पिता ने धीरे-धीरे Wire पर चलना शुरू किया। भीड़ की आँखें उनकी ओर लगी हुई थी।

कोई कहता था, ‘‘अभी दोनों गिरते हैं - अब मरे’’ आदि-आदि। लेकिन ऊपर वाले की Blessing से वो आदमी अपने बेटे सहित उस प्रपात को आसानी से पार कर गया।

Crowd यानि भीड़ ने इस बार उसकी पहले से अधिक Praise की और बहुत से Prizes और दिये। उसने लाउडस्पीकर से सुप्रीमपॉवर की महिमा पर छोटा- सा भाषण दिया।

उसने कहा, ‘‘आप लोगों को मेरी सफलता या योग्यता पर Trust या Faith नहीं था। इस कारण आप लोगों में से कोई मेरे कंधे पर बैठने को तैयार नहीं था।

मेरे बेटे को मुझ पर विश्वास था और सिर्फ़ इसी वजह से वह मेरे कंधे पर बैठने को तैयार हो गया और आप देख ही रहे हो कि मैं उसे लेकर इस पार आ भी गया हूँ।

हम सबका पिता वो ईश्वर है। जिस प्रकार से मेरे बेटे को मुझ पर विश्वास था, ठीक उसी प्रकार से यदि आपका विश्वास उस परमपिता पर हो, तो आप सांसारिक कठिनाइयों को ठीक उसी प्रकार पार सकते हैं, जैसे मेरे बेटे ने मेरे कंधों पर नियाग्रा प्रपात पार कर ड़ाला है।

सार:
God पर भरोसा रखिये और अपनी मेहनत करते रहिए। इस आदमी को विश्वास था कि ईश्वर उसकी इस कठिनाई के समय में सहायता जरुर करेगा और उसने की भी। बस ये ही सबसे बड़ा जादू है, जो आप हर इंसान की कहानी में देख सकते हैं. 

और याद रहे कि भीड़ आपके लिए तालियाँ तो बजा सकती है लेकिन वो आप पर भरोसा कर ले, ये फ़िर भीड़ की भी जादूगरी ही होगी।


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