Feb 28, 2018

होली के Evergreen गाने



होली का उत्सव शुरू हो गया है. होली का इंतजार हर किसी को रहता है. बेसब्री से रहता है. क्योंकि ये एक ऐसा मौका होता है जब सब लोग अपने आपसी मतभेद भूल कर एक दूसरे को गले लगा लेते हैं और रंग और गुलाल के साथ जिंदगी को Colourful बना लेते हैं. गुंजिया और नमकीन की महक के साथ होली तब और खुबसूरत हो जाती है, जब आप होली के बॉलीवुड गानों पर थिरकना शुरू करते हैं. होली के गानों के बिना होली अधूरी सी लगती है.

“आज ना छोड़ेंगे बस हमजोली, खेलेंगे हम होली. खेलेंगे हम होली”
और
“बलम पिचकारी जो तूने मुझे मारी” या फिर “रंग बरसे, भीगी चुनरवाली रंग बरसे.”

ऐसे ही कुछ Best होली के गाने हैं जो Evergreen हैं और सदियों तक होली को जिंदा रखेंगे. क्योंकि ये होली के उत्साह को बढ़ा देते हैं और आप बेफिक्री के साथ, आपके अपनों के साथ, परिवार और दोस्तों के साथ ऐसे Magical moments जी पाते हैं, जो साल में सिर्फ़ एक बार नसीब हो पाते हैं. इन गानों के बजते ही आपके पैर थिरकने लगते हैं.

सुपरस्टार राजेश खन्ना, महानायक अमिताभ बच्चन से लेकर अक्षय कुमार और दीपिका पादुकोण से लेकर रणबीर कपूर तक ऐसे कई बड़े फिल्मी सितारे हैं जो होली के गानों पर जमकर थिरकते नजर आए हैं. और ये गाने दर्शकों के बीच काफी हिट भी रहे हैं. फिल्मी गानों का रंग होली के जश्न को कई गुना बढ़ा देता है. आइये देखें बॉलीवुड के चुनिंदा होली के हिट गाने.

आज ना छोड़ेंगे’: होली के मौके पर राजेश खन्ना और आशा पारेख पर फिल्माए गए गाने ‘आज ना छोड़ेंगे’ को पिछले कई दशकों से लोग पसंद करते आ रहे हैं. इस गाने को होली के मौके पर जरूर बजाया जाता है.

'रंग बरसे, भीगी चुनरवाली रंग बरसे’: फिल्म 'सिलसिला' का गाना 'रंग बरसे, भीगी चुनरवाली रंग बरसे' हमेशा से एक सदाबहार गाना हैं. इस गाने के बिना तो जैसे होली का जश्न अधूरा ही माना जाता है. अमिताभ बच्चन और रेखा पर पर फिल्माए गए इस गाने को आप अपनी playlist में जरुर शामिल करें.

‘बलम पिचकारी, जो तूने मुझे मारी’: याद करिए फ़िल्म 'ये जवानी है दिवानी'.  रणबीर कपूर और दीपिका पादुकोण पर फिल्माया गाना 'बलम पिचकारी, जो तूने मुझे मारी' होली पर रंग जमाने के लिए वन ऑफ़ द बेस्ट गाना है. अगर आप नाचने में हिचक महसूस करते हैं तो भी इस गाने का म्यूजिक आपको झूमने पर मजबूर कर देगा. होली के लिए परफेक्ट गाना.

‘लेट्स प्ले होली’: अक्षय कुमार और प्रियंका चोपड़ा पर फिल्माया गया ये गाना भी होली पर काफी पसंद किया जाता है. ये गाना भी आपकी Playlist का हिस्सा बन सकता है.

‘होली खेले रघुबीरा अवध में’: फिल्म ‘बागबान’ का ये गाना ‘होली खेले रघुबीरा अवध में’ भी काफी पोपुलर है. अमिताभ-हेमा मालिनी पर फिल्माया ये गाना भी आपको होली पर खूब नचा सकता है.

‘होली के दिन सब मिल जाते हैं’: सुपरहिट फ़िल्म ‘शोले’ का गाना ‘होली के दिन सब मिल जाते हैं’ आज तक लोग नहीं भूल पाए हैं. इस गाने को भी आप अपनी Playlist का पार्ट जरुर बनायें.

‘अंग से अंग लगाना, सनम हमें ऐसे रंग लगाना’: फिल्म का नाम ‘डर’. और ये गाना डांस करने और रंग-गुलाल उड़ाने के हिसाब से बेस्ट माना जाता है.

तो होली के इस शुभ और खुशरंग मौके का भरपूर लुत्फ़ उठाइए और अपने और अपने चाहने वालों को अपने डांस के साथ मुस्कराहट देने में सबसे आगे रहिये.


आप को होली की शुभकामनाएं. आपका दिन शुभ हो.

Born in March ?



March का महीना आ रहा है. होली का त्यौहार भी इसी महीने है. रंगों की मस्ती बरसेगी. लोग गलतफहमियों को रंगों से धो डालेंगे. गुंजिया खाई जाएगी. जश्न का सिलसिला चलेगा. 

अब अंदाज़ा लगा लीजिये कि March में जन्में लोगों का स्वभाव कैसा होता होगा? आइये जाने March में जन्में लोगों का जलवा.

1. March में जन्में लोग कला क्षेत्र में माहिर माने जाते हैं.

2. ये लोग स्वभाव से Simple और Intelligent होते हैं.

3. श्रद्धालु स्वभाव के होते हैं.

4. अपने लक्ष्य के प्रति थोड़े लापरवाह कहे जा सकते हैं.

5. अपने लिए अनुकूल हालात आने का इंतजार करने वाले होते हैं. यानि पेशेंस पॉवर शानदार होती है.

6. धार्मिक कार्यों में इनकी रूचि होती है.

7. ग्रुप-डिस्कशन यानि वाद-विवाद में आगे रहते हैं.

8. भाग्य पर ज्यादा भरोसा करते हैं.

9. ये आकर्षक और मिलनसार पाए जाते हैं.

10. इन्हें यात्रा करने का शौक होता है और इनका फ्रेंड सर्कल बहुत बड़ा होता है.

11. जिम्मेदारियों के पदों पर अपनी योग्यता साबित करने वाले होते हैं और सक्सेसफुल बन कर दिखाते हैं.

12.  March में जन्में व्यक्ति जितने नॉर्मल दिखाई देते हैं, उससे कहीं अधिक एंबिशियस होते हैं.

13. आर्थिक मामलों में लचीले व स्वभाव से ईमानदार होते हैं. अपने साथ बुरा करने वाले के साथ भी अच्छा व्यवहार करते हैं.

14. Law एंड Order का रिस्पेक्ट करने वाले होते हैं.

15. गज़ब की इंट्यूशन पॉवर रखते हैं.

16. पारिवारिक जीवन सुख से भरा होता है.

17. कभी-कभी Decision लेने में हिचकिचाहट महसूस करते हैं.

18. धीरे-धीरे या देर से ही सही, लेकिन अपने लक्ष्य को आखिरकार पाकर ही दम लेते हैं.

19. समय-समय पर अपने शौक बदलते रहते हैं.

20. Finance, Banking, Medical और Higher Technical Education में विशेष रूप से कामयाब रहते हैं.

21. कला, संगीत, लेखन, नाटक आदि के क्षेत्र में विशेष रूचि रखते हैं.

22. किसी भी महफिल में छा जाना इनकी खासियत होती है.

23. धन लगातार आता है लेकिन टिक नहीं पाता है.

24. Lucky Day : Sunday, Monday, Saturday

25. Lucky Colour : Pink, Yellow, Green

26. Lucky Number : 3, 7, 9

हैप्पी बर्थडे March SuperStars. Wishing U a Great Life.

Feb 27, 2018

श्रीदेवी और अमिताभ



कमाल की श्रीदेवी. भारतीय फिल्म जगत की दिग्गज अभिनेत्री अब हमारे बीच नहीं रहीं. Sridevi Passes Away. चुलबुली चांदनी अब दोबारा नहीं दिखेंगी. कभी नहीं दिखेंगी. चाहें श्रीदेवी की फिल्में हों या श्रीदेवी के गाने, उनकी हर अदा निराली और बेमिसाल थी. 

उनकी मौत की वजह जो भी रही हो, लेकिन सच तो ये है कि पूरे भारत को अपनी एक्टिंग से प्रभावित करने वाली श्री को हम स्क्रीन पर दोबारा लाइव नहीं देख सकेंगे. हां, ये जरुर है कि शाहरुख़ की आने वाली फ़िल्म ‘जीरो” में आप उनकी एक्टिंग अंतिम बार देख पाएंगे. 

बताया जा रहा है की अमिताभ जी को उनकी मौत के कुछ घंटों पहले ही ऐसी ही किसी अप्रिय घटना का अंदेशा हो गया था. कोई माने या ना माने, सिक्स्थ सेंस होती है. 

पर हम नियति को बदल नहीं सकते और सिर्फ़ बेचैन हो सकते हैं. और जब कोई जिंदगी से चला जाता है, उसकी सही वैल्यू तब ही पता चल पाती है. कहते हैं ना कि कौन अपना है और कितना अपना है, ये सिर्फ़ वक़्त ही बता सकता है.

श्री चली गयी. उनके करोड़ों फैन उदास हैं, निराश हैं. होता ही है. उन्होंने जो हिंदी फिल्म इंडस्ट्री को दिया, वो अनमोल है, बेमिसाल है. उनकी एक्टिंग ना केवल नेचुरल थी बल्कि ऐसा लगता था जैसे हमारे सामने हों और हमें समझा रही हों कि लाइफ एक बार ही मिली है तो इसे पूरा जियो. ईमान से जियो. और सिर्फ़ 54 की उम्र में वो एक देवी की तरह हमें खुशियों की चाबी देकर चली गयी.

श्रीदेवी जी की लोकप्रियता का आलम ये है कि पूरा देश सिर्फ़ उनके बारे में ही बात कर रहा है. फ़िल्म इंडस्ट्री के लोगों से लेकर रिक्शा चलाने वाले और पकोड़े बेचने वाले तक हर वो फैन बेचैन है कि क्यों हुआ ऐसा? जिसने भी श्री की फिल्में देखी हैं, वो जानते ही होंगे कि क्या थी श्रीदेवी? और क्यों थी श्रीदेवी?

उनकी मौत ने हमें जगाया है कि चाहे हमारे पास कितना ही कुछ हो, चाहे हम कितने ही प्रतिभाशाली हों, चाहें हमें चाहने वाले कितने ही हों लेकिन उस ऊपरवाले की मर्ज़ी के आगे कुछ नहीं चलता. वो कोई ना कोई कारण बना कर हमें अपने पास वापस बुला लेता है.

कुछ और सेलेब्रिटी पहले भी आश्चर्यजनक रूप से हमें छोड़ कर जा चुके हैं. कुछ भी रहा हो लेकिन ये हमेशा हैरान कर देता है.

1. दिव्या भारती 1990 के दशक की सबसे बड़ी सुपरस्टार रह चुकीं थी. उनकी मौत 5वें फ्लोर से गिर कर हुई. पुलिस की इंवेस्टिगेशन में ये सुसाइड निकला, लेकिन कई लोग उनकी मौत को हत्या भी मानते हैं.  

2. मात्र 25 साल की उम्र में जिया खान ने जूहू स्थित अपने अपार्टमेंट में आत्महत्या कर ली थी. आदित्य पांचोली के बेटे सूरज पर जिया की हत्या का इल्जाम लगा.

3. गुरूदत्त अपने दौर से सबसे सक्सेसफुल डायरेक्टर और प्रोड्यूसर गुरूदत्त की मौत शराब और नींद की गोलियों के ओवर डोज से हुई थी. बताया जाता है कि गुरूदत्त डिप्रेशन के शिकार हुए.

4. सिल्क स्मिता साउथ इंडियन फिल्म इंडस्ट्री की जान थीं. 1996 में उन्होंने आत्महत्या कर ली थी. कहा जाता है कि शराब और खराब आर्थिक हालत ने उनकी जान ले ली.

5. परवीन बाबी की मौत बेहद दर्दनाक थी. वे पैरानॉइड स्किजोफीनिया से पीड़ित थीं और डॉक्टर्स के अनुसार उन्होंने भूखे रहकर आत्महत्या की.

6. MTV की जानी मानी वीजे नफीसा जोसेफ ने आत्महत्या की थी. कहा जाता है कि मौत से पहले ही उनकी ब्वॉयफ्रेंड गौतम से शादी टूट गयी थी. नफीसा को पता चला था कि गौतम पहले से ही शादीशुदा हैं.

7. बॉलीवुड को अमर अकबर एंथनी जैसी क्लासिक फिल्में देने वाले डायरेक्टर मनमोहन देसाई ने भी बालकनी से कूद कर आत्महत्या की थी. कहा जाता है कि अपने करियर फेलियर की वजह से डिप्रेशन में थे. बताया ये भी जाता है कि उन्होंने पीठ के असहनीय दर्द से परेशान होकर ये कदम उठाया.

8. इंडिया की बहुत बड़ी मॉडल रह चुकीं विवेका की मौत भी बेहद दुखद थी. उन्होंने अपने फ्लैट में फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली थी. कहा जाता है कि वे अपने ब्वॉयफ्रेंड की वजह से परेशान थीं.

9. मॉडल टर्न्ड एक्ट्रेस कुलजीत रंधावा एक मशहूर सीरियल की एक्ट्रेस थीं. उनकी डेड बॉडी उनके अपार्टमेंट में मिली. सुसाइड लेटर में लिखा था कि वे जिंदगी की तकलीफों से परेशान होकर आत्महत्या कर रही हैं.

और चूँकि ये सेलेब्रिटी से जुड़ा दर्द है तो सामने हैं. ऐसी अनेकों श्रीदेवियाँ होंगी जो सामने नहीं हैं, पर जिन्होंने किसी ना किसी रूप में सबकी सेवा की होगी. किसी के दर्द को अपनाया होगा. ख़ुद बेहिसाब सहा होगा और मुस्कुराते हुए साथ निभा गयी होंगी.

हमें समझना होगा कि एक दिन सब की विदाई होनी है और जब प्रभु के इच्छा होगी, हमें जाना ही होगा. ये “जुदाई” गमगीन है पर निभानी पड़ेगी. 

इसका मतलब ये हुआ कि कोई रुकने वाला नहीं है. आज नहीं तो कल, अमीर हो या गरीब, सुखी हो या दुखी, गोरा हो या काला, सबकी बारी आएगी और खाली हाथ जाना पड़ेगा. 

इस बात को पकड़ लें. जीवन का एक मात्र सत्य ये ही है कि एक दिन हमारी जिंदगी का अंतिम दिन होगा. इसलिए जीवन को ऐसे जियें कि वो लोग भी आपको याद रख सकें जिनसे आपका खून का कोई रिश्ता नहीं है.

इस आर्टिकल के माध्यम से हम सब समस्त देवियों का अभिनन्दन करते हैं जो जाने-अनजाने अलग-अलग स्वरूपों में हमें जीना सिखा देती हैं.




Feb 24, 2018

विराट और अनुष्का


विराट कोहली – वो नाम जो आज हर क्रिकेट Lover की जुबान पर है. ज़ोश का तूफ़ान, कड़ी मेहनत का भूचाल, अपने खेल से विरोधियों को भी अपना फैन बना लेने का हुनर, पूरी तैयारी और प्लानिंग का Mastermind, जीत का जश्न मनाने में आगे और अपनी हार को पचाने में भी मुस्कराहट. विराट के लिए कुछ दिनों बाद डिक्शनरी में नए शब्द डालने पड़ेंगे. आज के शब्द छोटे पड़ने लगे हैं. कल का छोटा सा लड़का, आज वर्ल्ड के मोस्ट फेवरेट स्पोर्ट्स स्टार्स में अव्वल. और विराट कोहली और अनुष्का की शादी के बाद तो विराट और ज्यादा कामयाब दिखाई दे रहे हैं.

1. विराट कोहली को सचिन तेंदुलकर का उत्तराधिकारी माना जाता है.

2. 2006 में रणजी ट्रॉफी के एक मैच के दौरान कर्नाटक के खिलाफ़ खेलते वक्त उनके पिता प्रेम कोहली का निधन हो गया था. फिर भी विराट ने टीम का साथ नहीं छोड़ा.

3. विराट कोहली का निकनेम “चीकू” है. जो उनके कोच अजीत चौधरी ने दिया था.

4. अपने शानदार खेल के लिए विराट को 2013 में अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया.

5. 2012 में सिर्फ़ 23 साल की उम्र में विराट कोहली ने ICC का “क्रिकेटर ऑफ द ईयर” का खिताब जीता.

6. विराट के नाम भारतीय खिलाड़ियों में सबसे तेज शतक लगाने का रिकॉर्ड है. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एकदिवसीय मैच में सिर्फ़ 52 गेंदों पर 100 रन बनाए थे.

7. विराट कोहली की फेवरेट बुक : विराट कोहली ने अपने ट्विटर और इन्स्टाग्राम अकाउंट पर एक बुक के साथ अपनी एक फोटो शेयर की है. यह बुक है “ऑटोबायोग्राफी ऑफ़ अ योगी.” स्वामी श्री परमहंस योगानन्द  द्वारा लिखित ये बुक पहली बार सन 1946 में प्रकाशित हुई थी. ये किताब विराट की फेवरेट बुक है. विराट कोहली ने फोटो के नीचे लिखा है – “मुझे यह किताब बहुत पसंद आई. इस किताब में दिया ज्ञान पढना और उसे जीवन में पालन करना आपके जीवन के प्रति दृष्टिकोण को पूरी तरह बदल देगा. उस परम परमात्मा की शक्ति में विश्वास करें और अच्छे कर्म करने के राह पर चलते रहें. विराट का कहना है कि यह किताब उन लोगों को अवश्य पढ़नी चाहिए, जिनमे इतनी हिम्मत है कि वो अपने विचारों और मान्यताओं पर प्रश्न कर सकें और उन्हें नए नजरिये से देखने का साहस कर सकें.   

8. विराट कोहली का टैटू प्रेम जगजाहिर है. उन्होंने चार बार टैटू बनवाएं हैं. इनमें से समुराई यौद्धा वाला टैटू उन्हें सबसे ज्यादा पसंद है.

9. विराट कोहली अपने फैशन सेंस के लिए भी जाने जाते हैं. उनका नाम Top 10 बेहतरीन कपड़े पहनने वाली Personalities में भी शामिल रहा है.

10.  विराट एक दर्जन से भी ज्यादा ब्रांड्स के अम्बेसेडर हैं.

11.  विराट की लड़कियों में गज़ब की लोकप्रियता है. अनुष्का से शादी के बाद भी उनकी लोकप्रियता में कोई ख़ास फर्क नहीं पड़ा.

12.  छोटी उम्र में विराट करिश्मा कपूर को बेहद पसंद करते थे.

13.  विराट को खाने का बहुत शौक है. अपनी मां के हाथों की बनी खीर और मटन बिरयानी उनकी फेवरेट है.

14.  सचिन तेंदुलकर और सुरेश रैना के बाद विराट ही अभी तक अकेले ऐसे बल्लेबाज हैं जिन्होंने अपने 22वें जन्मदिन से पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना शतक पूरा कर लिया था.

15.  वे “विराट कोहली फाउंडेशन” नाम से गरीब बच्चों की मदद के लिए एक संस्था का संचालन भी करते हैं.


16.  उनके नेतृत्व में ही 2008 में भारतीय टीम “अंडर-19 का वर्ल्ड कप” जीती थी.

Feb 23, 2018

नालायक औलाद



देर रात अचानक ही पिता जी की तबियत बिगड़ गयी. आहट पाते ही उनकी नालायक औलाद यानि बेटा दीपक उनके सामने था.

माँ ड्राईवर बुलाने की बात कह रही थी, पर उसने सोचा अब इतनी रात को इतना जल्दी ड्राईवर कहाँ आ पायेगा?

यह कहते हुये उसने सहज जिद और अपने मजबूत कंधो के सहारे पिता जी को कार में बिठाया और तेज़ी से हॉस्पिटल की ओर भागा.

पिता जी दर्द से कराहने के साथ ही उसे डांट भी रहे थे.
"धीरे चला नालायक, एक काम जो इससे ठीक से हो जाए।"

नालायक बोला "आप ज्यादा बातें ना करें पिता जी, बस तेज़ साँसें लेते रहिये, हम हॉस्पिटल पहुँचने वाले हैं."

अस्पताल पहुँचकर उन्हे डाक्टरों की निगरानी में सौंप, वो बाहर चहलकदमी करने लगा.

बचपन से आज तक अपने लिये वो नालायक ही सुनते आया था.
उसने भी कहीं न कहीं अपने मन में यह स्वीकार कर लिया था की उसका नाम ही शायद नालायक ही हैं.

तभी तो स्कूल के समय से ही घर के लगभग सब लोग कहते थे कि नालायक फिर से फेल हो गया.

नालायक को अपने यहाँ कोई चपरासी भी ना रखे.

कोई बेवकूफ ही इस नालायक को अपनी बेटी देगा.

शादी होने के बाद भी वक्त बेवक्त सब कहते रहते हैं की इस
बेचारी के भाग्य फूटें थे जो इस नालायक के पल्ले पड़ गयी.

बस एक मां ही हैं, जिसने उसके असल नाम को अब तक जीवित रखा है, पर आज अगर उसके पिता जी को कुछ हो गया तो शायद वे भी..

इस ख़याल के आते ही उसकी आँखे छलक गयी और वो उनके लिये हॉस्पिटल में बने एक मंदिर में प्रार्थना में डूब गया. प्रार्थना में शक्ति थी या समस्या मामूली, डाक्टरों ने सुबह सुबह ही पिता जी को घर जाने की अनुमति दे दी.

घर लौटकर उनके कमरे में छोड़ते हुये पिता जी एक बार फिर चीखें, "छोड़ नालायक! तुझे तो लगा होगा कि बूढ़ा अब लौटेगा ही नहीं."

उदास वो उस कमरे से निकला, तो माँ से अब रहा नहीं गया. "इतना सब तो करता है, बावजूद इसके आपके लिये वो नालायक ही है?

गगन और सोमेश दोनो अभी तक सोये हुए हैं उन्हें तो अंदाजा तक नही हैं कि रात को क्या हुआ होगा? बहुओं ने भी शायद उन्हें बताना उचित नही समझा होगा.

और ये आपका नालायक दीपक बिना आवाज दिये ही आ गया और किसी को भी परेशान नही किया. भगवान न करे कल को कुछ अनहोनी हो जाती तो? और आप हैं कि? उसे शर्मिंदा करने और डांटने का एक भी मौका नही छोड़ते.

कहते-कहते माँ रोने लगी थी.
इस बार पिता जी ने आश्चर्य भरी नजरों से उनकी ओर देखा और फिर नज़रें नीची कर ली.

माँ रोते रोते बोल रही थी. अरे, क्या कमी है हमारे बेटे में?

हाँ मानती हूँ, पढाई और दुनियादारी में थोड़ा कमजोर था. तो क्या? क्या सभी होशियार ही होते हैं?

वो अपना परिवार, हम दोनों को, घर-मकान, नौकरी, रिश्तेदार और रिश्तेदारी सब कुछ तो बखूबी सम्भाल रहा है.

जबकि बाकी दोनों, जिन्हें आप लायक समझते हैं, वो बेटे सिर्फ अपने बीबी और बच्चों के अलावा ज्यादा से ज्यादा अपने ससुराल का ध्यान रखते हैं. कभी पूछा आपसे कि आपकी तबियत कैसी हैं?
और आप हैं कि ....

पिता जी बोले सरोज तुम भी मेरी भावना नही समझ पाई?
मेरे शब्द ही पकड़े बस?

क्या तुझे भी यहीं लगता हैं कि इतना सब के होने बाद भी इसे बेटा कह के नहीं बुला पाने का, गले से नहीं लगा पाने का दुःख तो मुझे नही हैं?
क्या मेरा दिल पत्थर का हैं?

सरोज, सच कहूँ तो दुःख तो मुझे भी होता ही है. पर उससे भी अधिक डर लगता है कि कहीं ये भी उनकी ही तरह “लायक” ना बन जाये.

इसलिए मैं इसे इसकी पूर्णताः का अहसास इसे अपने जीते जी तो कभी नही होने दूगाँ.
मां चौंक गई. ये क्या कह रहे हैं आप?
हाँ सरोज ........यहीं सच हैं.

अब तुम चाहो तो इसे मेरा स्वार्थ ही कह लो. "कहते हुये उन्होंने रोते हुए नज़रें नीची किये हुए अपने हाथ मां की तरफ जोड़ दिये जिसे मां ने झट से अपनी हथेलियों में भर लिया.
और कहा “अरे ...अरे ये आप क्या कर रहे हैं.” मुझे क्यों पाप का भागी बना रहे हैं. मेरी ही गलती हैं. मैं आपको इतने वर्षों में भी पूरी तरह नही समझ पाई.

और, दूसरी ओर दरवाज़े पर वो नालायक दीपक खड़ा-खड़ा यह सारी बातचीत सुन रहा था. वो भी आंसुओं में भीग गया था.

उसके मन में आया की दौड़ कर अपने पिता जी के गले से लग जाये पर ऐसा करते ही उसके पिता जी झेंप जाते. यह सोच कर वो अपने कमरे की ओर दौड़ गया.

कमरे तक पहुँचा भी नही था कि पिता जी की आवाज कानों में पङी..... अरे नालायक .....वो दवाईयाँ कहां रख दी? गाड़ी में ही छोड़ दी क्या? कितना भी समझा दो इससे एक काम भी ठीक से नही होता.
नालायक झटपट आँसू पौछते हुये गाड़ी से दवाईयाँ निकाल कर पिता जी के कमरे की तरफ दौड़ गया.

जिंदगी ख़ुशी के मारे अब ख़ुद ही रो पड़ी थी.
(दिए गए नाम काल्पनिक हैं. भाव महत्वपूर्ण हैं.)

चलते- चलते: हंसना मना है. अन्यथा न लें.
2016 : उड़ता पंजाब

2018 : उड़ता पंजाब नेशनल बैंक