Apr 30, 2018

तीसरे ने कहा.......

तीन भाईयों में इस बात को लेकर बहस छिड़ गयी कि सर्वश्रेष्ठ दान कौन सा है?

पहले ने कहा कि धन का दान ही सर्वश्रेष्ठ दान है.
दूसरे ने कहा कि गौ-दान सर्वश्रेष्ठ दान है.
तीसरे ने कहा कि भूमि-दान ही सर्वश्रेष्ठ दान है.

निर्णय न हो पाने के कारण वे तीनों अपने पिता के पास पहुंचे.
पिता ने उन्हें कोई उत्तर नहीं दिया.

उन्होंने सबसे बड़े पुत्र को धन देकर रवाना कर दिया. वह पुत्र गली में पहुंचा और एक भिखारी को वह धन दान में दे दिया.

इसी तरह उन्होंने दूसरे पुत्र को गाय दी. दूसरे पुत्र ने भी उसी भिखारी को गाय दान में दे दी.

फिर तीसरा पुत्र भी उसी भिखारी को भूमि दान देकर लौट आया.

कुछ दिनों बाद पिता अपने तीनों पुत्रों के साथ उसी गली में टहल रहे थे, जहां वह भिखारी प्रायः मिलता था. 
उन लोगों को यह देखकर आश्चर्य हुआ कि वह अब भी भीख ही मांग रहा था. उस भिखारी ने गाय और भूमि बेचने के पश्चात प्राप्त हुआ पूरा पैसा मौजमस्ती में उड़ा दिया था.

पिता ने समझाया – “वही दान सर्वश्रेष्ठ दान है जिसका सदुपयोग किया जा सके.
यानि ज्ञान-दान ही सर्वश्रेष्ठ दान है.”

तीनों पुत्र उसी दिन दान का सही महत्व जान गए.

Apr 29, 2018

आपको भी दिन में उतना ही समय (24 घंटे) मिलता है.


Quote #1
जब तुम पैदा हुए थे तो तुम रोए थे जबकि पूरी दुनिया ने जश्न मनाया था. अपना जीवन ऐसे जियो कि तुम्हारी मौत पर पूरी दुनिया रोए और तुम जश्न मनाओ.

Quote #2
जब तक आप अपनी समस्याओं एंव कठिनाइयों की वजह दूसरों को मानते है, तब तक आप अपनी समस्याओं एंव कठिनाइयों को मिटा नहीं सकते. 

Quote #3
भीड़ हमेशा उस रास्ते पर चलती है जो रास्ता आसान लगता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं की भीड़ हमेशा सही रास्ते पर चलती है. अपने रास्ते खुद चुनिए क्योंकि आपको आपसे बेहतर और कोई नहीं जानता.

Quote #4
इस दुनिया में असंभव कुछ भी नहीं. हम वो सब कर सकते है, जो हम सोच सकते है और हम वो सब सोच सकते है, जो आज तक हमने नहीं सोचा.

Quote #5
बीच रास्ते से लौटने का कोई फायदा नहीं क्योंकि लौटने पर आपको उतनी ही दूरी तय करनी पड़ेगी जितनी दूरी तय करने पर आप लक्ष्य तक पहुँच सकते है.

Quote#6
सफलता हमारा परिचय दुनिया को करवाती है और असफलता हमें दुनिया का परिचय करवाती है.

Quote #7
अगर किसी चीज़ को दिल से चाहो तो पूरी कायनात उसे तुमसे मिलाने में लग जाती है.

Quote #8
महानता कभी न गिरने में नहीं बल्कि हर बार गिरकर उठ जाने में है.

Quote #9
अगर आप समय पर अपनी गलतियों को स्वीकार नहीं करते हैं तो आप एक और गलती कर बैठते हैं. आप अपनी गलतियों से तभी सीख सकते है जब आप अपनी गलतियों को स्वीकार करते हैं.

Quote #10
अगर आप उन बातों एंव परिस्थितियों की वजह से चिंतित हो जाते हैं, जो आपके नियंत्रण में नहीं हैं तो इसका परिणाम समय की बर्बादी एंव भविष्य का पछतावा है. और कुछ नहीं.

Quote #11
हम चाहें तो अपने आत्मविश्वास और मेहनत के बल पर अपना भाग्य खुद लिख सकते हैं. और अगर हमको अपना भाग्य लिखना नहीं आता तो परिस्थितियां हमारा भाग्य लिख देंगी.

Quote #12
सपने वो नहीं है जो हम नींद में देखते है, सपने वो है जो हमको नींद नहीं आने देते.

Quote #13
आप यह नहीं कह सकते कि आपके पास समय नहीं है, क्योंकि आपको भी दिन में उतना ही समय (24 घंटे) मिलता है जितना समय महान एंव सफल लोगों को मिलता है.

Quote #14
मुसीबतों से भागना, नयी मुसीबतों को निमंत्रण देने के समान है. जीवन में समय-समय पर चुनौतियों एंव मुसीबतों का सामना करना पड़ता है और यही जीवन का सत्य है. एक शांत समुंदर में नाविक कभी भी कुशल नहीं बन पाता.

Quote #15
विश्वास में वो शक्ति है जिससे उजड़ी हुई दुनिया में प्रकाश लाया जा सकता है. विश्वास पत्थर को भगवान बना सकता है और अविश्वास भगवान के बनाए इन्सान को पत्थरदिल बना सकता है.

Quote #16
दूर से हमें आगे के सभी रास्ते बंद नजर आते हैं क्योंकि सफलता के रास्ते हमारे लिए तभी खुलते जब हम उसके बिल्कुल करीब पहुँच जाते है. पास जाइये तो सही.

Quote #17
जीवन में कठिनाइयाँ हमे बर्बाद करने नहीं आती है, बल्कि यह हमारी छुपी हुई सामर्थ्य और शक्तियों को बाहर निकलने में हमारी मदद करती हैं. कठिनाइयों को यह जान लेने दो की आप उससे भी ज्यादा कठिन हो.

Quote #18
किसी डिग्री का ना होना दरअसल फायदेमंद ही है. अगर आप इंजिनियर या डाक्टर हैं तब आप एक ही काम कर सकते हैं पर यदि आपके पास कोई डिग्री नहीं है, तो आप कुछ भी कर सकते हैं.

Quote #19
अपने सपनों को जिन्दा रखिए. अगर आपके सपनों की चिंगारी बुझ गई है तो इसका मतलब यह है कि आपने जीते जी आत्महत्या कर ली है.

Quote #20
बारिश की दौरान सारे पक्षी आश्रय की तलाश करते है लेकिन बाज़ बादलों के ऊपर उडकर बारिश को ही अवॉयड कर देते है. समस्याए कॉमन है, लेकिन आपका नजरिया (एटीट्यूड) इनमे डिफरेंस पैदा करता है.

Apr 28, 2018

मई में जन्में लोग - दोस्ती निभाने में आपका कोई सानी नहीं.




वाह क्या बात है. अगर आपका जन्म किसी भी साल के मई महीने में हुआ है तो आप अलग-अलग विशेषताएं ले कर इस संसार में पधारे हैं. आइये देखें क्या क्या है आपके जादुई पिटारे में.

आप बेहद आकर्षक हैं.

आप लोकप्रियता में बड़ो-बड़ो को पीछे छोड़ देते हैं.

ध्यान दीजियेगा कि आप कभी-कभी थोड़े से लापरवाह और थोड़े से सनकी भी हो जाते हैं. लेकिन ये कोई बुरी बात तो है नहीं.

ये गज़ब है कि आप एक बार अगर कुछ ठान लें तो उसे पाकर ही दम लेते हैं. बस थोड़ा घमंडी होने से परहेज करें. ये आपकी करी कराई मेहनत पर पानी फेर सकता है.

आपमें स्वभाव से त्याग करने की प्रवृत्ति होती है.

आप स्वभाविक तौर पर ही बुद्धिमान होते हैं.

आप फाइनेंस में विशेष रुचि रखते देखे जा सकते हैं.

राजाओं की तरह रहना आपकी पहली पसंद रहती है. दूसरों को प्रजा की तरह देखना आपको भाता है लेकिन कई बार ऐसा लगातार करना आपको नुकसान पहुंचाता है. थोड़ा ध्यान रखें. दूसरे भी मनुष्य हैं.

आपका ड्रेसिंग सेंस गजब का होता है.

हमेशा खूबसूरत दिखना आपको लुभाता रहता है.

आप जुबान की पक्के हैं. आप जैसा दोस्त मिलना मतलब सौभाग्य की बात होती है. दोस्ती निभाने में आपका कोई सानी नहीं.  

आप आसानी से सफल प्रशासनिक अधिकारी, लेखक, कम्प्यूटर इंजीनियर, डॉक्टर, जर्नलिस्ट या पायलट बन सकते हैं. लड़कियां बेहद सफ़ल फैशन डिजाइनर भी बन सकती हैं.

आपके अंदर सबको प्यार करने की शक्ति होती है लेकिन सिर्फ आपके करीबी लोग ही आपको सही तरीके से जान पाते हैं. बाहर वालों के लिए आप हमेशा कठोर ही दिखाई देतें हैं.

आप घर पर बैठने वालों में से नहीं होते हैं और आपको नई-नई जगहों पर घूमना बेहद भाता है.

आप जन्म से ही परिश्रमी होते हैं. लगातार काम कर सकते हैं और आराम करना पसंद नहीं करते.

किसी के प्रति एक बार आपका विश्वास टूट जाए तो फिर दोबारा नहीं जुड़ सकता.

आप अक्सर दूसरों के लिए इतना कुछ कर जाते हैं कि कई बार सामने वाला आपकी कद्र नहीं करता और नादानी का फायदा उठा कर चल देता है. इसका आपको दुःख लगता है पर आप जाहिर नहीं करते.

आप कई बार बिना यह सोचे कि सामने वाले को आपकी बा‍त का बुरा लग सकता है, अपनी बात कह जाते है. इसलिए लोग आपसे अक्सर नाराज रहते दिखाई देंगे.

आपको हर बार अपनी-अपनी हांकने की आदत पर भी गौर करने की जरुरत है. दूसरों को महत्व देने से आपका कद अपने आप बढ़ जायेगा. इस पर काम करते रहें. सफलता बरसेगी.

आपके लकी नंबर ये माने जाते हैं : 2, 3, 7 और 8

आपके लकी कलर में सबसे आगे हैं : सफ़ेद, हल्का नीला और मेहँदी कलर

आपके लकी डे माने जाते हैं : रविवार, सोमवार और शनिवार

आपका लकी स्टोन माना जाता है : ब्लू टोपाज (ओरिजिनल)

जन्मदिन की शुभकामनाएं. आपका दिन शुभ हो.

लेकिन 15 दिन ही बीते थे कि.......

रामकृष्ण परमहंस को दक्षिणेश्वर में पुजारी की नौकरी मिली
20 रुपये वेतन तय किया गया जो उस समय के लिए पर्याप्त था. 
लेकिन 15 दिन ही बीते थे कि मंदिर कमेटी के सामने उनकी पेशी हो गई और उनसे सफाई देने के लिए कहा गया.

दरअसल एक के बाद एक अनेक शिकायतें उनके विरुद्ध कमेटी तक पहुंची थी.
किसी ने कहा कि यह कैसा पुजारी है? जो खुद चखकर भगवान को भोग लगाता है. फूल सूंघ कर भगवान के चरणों में अर्पित करता है. पूजा के इस ढंग पर कमेटी के सदस्यों को बहुत आश्चर्य हुआ था.
जब रामकृष्ण उनके पास पहुंचे तो पहली शिकायत में एक सदस्य ने पूछा- यह कहां तक सच है कि तुम फूल सूंघ कर देवता पर चढ़ाते हो? रामकृष्ण परमहंस ने सहज भाव से जवाब दिया- मैं बिना सूंघे भगवान पर फूल क्यों चढ़ाऊं? पहले देख लेता हूं कि उस फूल से कुछ सुगंध भी आ रही है या नहीं?

फिर दूसरी शिकायत रखी गई- सुनने में आया है कि भगवान को भोग लगाने से पहले खुद अपना भोग लगा लेते हो?
रामकृष्ण ने फिर उसी भाव से जवाब दिया- मैं अपना भोग तो नहीं लगाता पर मुझे अपनी मां की याद है कि वे भी ऐसा ही करती थीं. जब कोई चीज बनाती थीं तो चख कर देख लेती थीं और तब मुझे खाने को देती थीं.
मैं भी चखकर देखता हूं. पता नहीं जो चीज किसी भक्त ने भोग के लिए लाकर रखी है या मैंने बनाई है, वह भगवान को देने योग्य है या नहीं?
यह सुनकर कमेटी के सदस्य चुप हो गए.

सार: भाव महत्वपूर्ण है, दिखावा बिकाऊ.

Apr 27, 2018

कड़वे से मीठा कौन इस जगत में?

सुशीला के बहु-बेटे शहर में बस चुके थे. लेकिन उसका गाँव छोड़ने का मन नहीं हुआ इसलिए अकेले ही रहती थी. वह रोजाना की तरह मंदिर जा कर आ रही थी. रास्ते मे उसका संतुलन बिगड़ा और गिर पड़ी.


गाँव के लोगों ने उठाया, पानी पिलाया और समझाया 'अब इस अवस्था में अकेले रहना उचित नहीं. किसी भी बेटे के पास चली जाओ.' सुशीला ने भी परिस्थिति को स्वीकार कर बेटे-बहुओं को ले जाने के लिए कहने हेतु फोन करने का मन बना लिया.

सुशीला की तीन बहुएँ थी. एक बड़ी अति आज्ञाकारी, मंझली मध्यम आज्ञाकारी और छोटी कड़वी. सुशीला अति धार्मिक थी. कोई व्रत-त्यौहार आता तो पहले से ही तीनों बहुओं को सचेत कर देती। 'अति' खुशी-खुशी व्रत करती. मध्यम भी मान जाती थी लेकिन कड़वी विरोध पर उतर जाती.
"आप हर त्योहार पर व्रत रखवा कर मेरे आनंद को कष्ट में परिवर्तित कर देती हैं."
"तेरी तो जुबान लड़ाने की आदत है. कुछ व्रत तप कर ले. आगे तक साथ जाएँगे."

फिर सुशीला और कड़वी बहु दोनों की किसी न किसी बात पर बहस हो जाती. गुस्से में एक दिन सुशीला ने कह दिया....."तू क्या समझती है..! बुढापे में मुझे तेरी जरूरत पड़ने वाली है..??? तो अच्छी तरह समझ ले. सड़ जाऊँगी लेकिन तेरे पास नहीं आऊँगी."

सबसे पहले उसने अति को फोन किया..
"गिर गई हूँ. आजकल कई बार ऐसा हो गया है। सोचती हूँ तुम्हारे पास ही रहने आ जाऊ."
"नवरात्र में..? अभी नहीं माँ जी. नंगे पाँव रह रही हूं आजकल. किसी का छुआ भी नहीं खाती."

मध्यम को भी फोन किया. लेकिन उसने भी बहाना कर टाल दिया.

जब अति और मध्यम ही टाल चुकी तो कड़वी को फोन करने का कोई फायदा नहीं था. और अहम अभी टूटा था, लेकिन खत्म नहीं हुआ था. फोन पर हाथ रख आने वाले कठिन समय की कल्पना करने लगी थी. तभी फोन की घण्टी बजी. आवाज़ से ही समझ गई थी कड़वी है..

"गिर गई ना...? आपने तो बताया नहीं, लेकिन मैंने भी जासूस छोड़ रखे हैं. पोते को भेज रही हूँ लेने."
"क्या तुझे मेरे शब्द याद नहीं.....????" - सुशीला बोली.
"जिंदगी भर नहीं भूलूँगी. आपने कहा था कि सड़ जाऊँगी तो भी तेरे पास नहीँ आऊँगी.

तभी मैंने व्रत ले लिया था इस बुढ़िया को सड़ने नहीं देना है.
"मेरा तप अब शुरू होगा."

सार: कड़वे से मीठा कौन इस जगत में? शब्दों में जिम्मेदारी झलकनी चाहिए. आपको बहुत से लोग पढ़ते हैं.

Apr 26, 2018

ज्यादातर मारे जा चुके थे और जो बचे थे....

गिद्धों का एक झुण्ड खाने की तलाश में भटक रहा था। उड़ते – उड़ते वे एक टापू पे पहुँच गए। वो जगह उनके लिए स्वर्ग के समान थी। हर तरफ खाने के लिए मेंढक, मछलियाँ और समुद्री जीव मौजूद थे और इससे भी बड़ी बात ये थी कि वहां इन गिद्धों का शिकार करने वाला कोई जंगली जानवर नहीं था और वे बिना किसी भय के वहां रह सकते थे।


युवा गिद्ध कुछ ज्यादा ही उत्साहित थे, उनमे से एक बोला, ” वाह ! मजा आ गयाअब तो मैं यहाँ से कहीं नहीं जाने वाला, यहाँ तो बिना किसी मेहनत के ही हमें बैठे -बैठे खाने को मिल रहा है! बाकी गिद्ध भी उसकी हाँ में हाँ मिला ख़ुशी से झूमने लगे।
सबके दिन मौज-मस्ती में बीत रहे थे लेकिन झुण्ड का सबसे बूढ़ा गिद्ध इससे खुश नहीं था। एक दिन अपनी चिंता जाहिर करते हुए वो बोला, ” भाइयों, हम गिद्ध हैं, हमें हमारी ऊँची उड़ान और अचूक वार करने की ताकत के लिए जाना जाता है। पर जबसे हम यहाँ आये हैं हर कोई आराम तलब हो गया है। ऊँची उड़ान तो दूर ज्यादातर गिद्ध तो कई महीनो से उड़े तक नहीं है और आसानी से मिलने वाले भोजन की वजह से अब हम सब शिकार करना भी भूल रहे हैं।

ये हमारे भविष्य के लिए अच्छा नहीं है।
मैंने फैसला किया है कि मैं इस टापू को छोड़ वापस उन पुराने जंगलो में लौट जाऊँगा। अगर मेरे साथ कोई चलना चाहे तो चल सकता है। बूढ़े गिद्ध की बात सुन बाकि गिद्ध हंसने लगे। किसी ने उसे पागल कहा तो कोई उसे मूर्ख की उपाधि देने लगा। बेचारा बूढ़ा गिद्ध अकेले ही वापस लौट गया।

समय बीता, कुछ वर्षों बाद बूढ़े गिद्ध ने सोचा ना जाने मैं अब कितने दिन जीवित रहूँ, क्यों न एक बार चल कर अपने पुराने साथियों से मिल लिया जाए। लम्बी यात्रा के बाद जब वो टापू पे पहुंचा तो वहां का दृश्य भयावह था। ज्यादातर गिद्ध मारे जा चुके थे और जो बचे थे, वे बुरी तरह घायल थे। “ये कैसे हो गया ?”, बूढ़े गिद्ध ने पूछा। कराहते हुए एक घायल गिद्ध बोला, “हमे क्षमा कीजियेगा, हमने आपकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया और आपका मजाक तक उड़ाया।

दरअसल, आपके जाने के कुछ महीनों बाद एक बड़ा जहाज इस टापू पर आया और चीतों का एक दल यहाँ पर छोड़ गया। चीतों ने पहले तो हम पर हमला नहीं किया, पर जैसे ही उन्हें पता चला कि हम सब न ऊँचा उड़ सकते हैं और न अपने पंजो से हमला कर सकते हैं। उन्होंने हमें खाना शुरू कर दिया। अब हमारी आबादी खत्म होने की कगार पर है और हम जैसे कुछ घायल गिद्ध ही ज़िंदा बचे हैं। बूढ़ा गिद्ध उन्हें देखकर बस अफ़सोस कर सकता था, वो वापस जंगलों की तरफ उड़ चला।

दोस्तों, अगर हम अपनी किसी शक्ति का यूज़ नहीं करते तो धीरे-धीरे हम उसे खो देते हैं। जैसे कि अगर हम अपने Brain का Use नहीं करते तो उसकी Sharpness घटती जाती है अगर हम अपनी Muscles का Use नही करते तो उनकी ताकत घट जाती है इसी तरह अगर हम अपनी Skills को polish नहीं करते तो हमारी काम करने की Efficiency कम होती जाती है।

तेजी से बदलती इस दुनिया में हमें खुद को बदलाव के लिए तैयार रखना चाहिए। पर बहुत बार हम अपनी Current Job या Business में इतने Comfortable हो जाते हैं कि बदलाव के बारे में सोचते ही नहीं और अपने अन्दर कोई नयी Skills Add नहीं करतेअपनी Knowledge बढ़ाने के लिए कोई किताब नहीं पढ़ते कोई Training Program नहीं Attend करते। ये सब हमें बोरिंग और महत्वहीन लगता है। और फ़िर एक दिन हम उन चीजों में भी Dull हो जाते हैं जिनकी वजह से कभी हमें जाना जाता था और फिर जब Market Conditions Change होती हैं और हमारी नौकरी या बिज़नेस पे आंच आती है तो हम हालात को, भगवान को और सामने वालों को दोष देने लगते हैं।

ऐसा मत करिये अपनी काबिलियत, अपनी ताकत को जिंदा रखिये अपने कौशल, अपने हुनर को और तराशिये ख़ुद पर धूल मत जमने दीजिये और जब आप ऐसा करेंगे तो बड़ी से बड़ी मुसीबत आने पर भी आप ऊँची उड़ान भर पायेंगे।

Apr 24, 2018

जॉब नियर मी - गूगल फॉर जॉब्स फीचर

इंडिया में Google ने इस साल 24 अप्रैल को नौकरी ढूंढ रहे लोगों के लिए एक खास तरह की फीचर सर्विस की शुरुआत की है. नाम है गूगल फॉर जॉब्स. 
आइये जाने इस सर्विस के बारें में और ये भी कि कैसे ये आपके लिए आपकी पसंदीदा नौकरी आसानी से तलाशने में कैसे मदद करेगी?




2.  गूगल फॉर जॉब्स फीचर अभी अंग्रेजी भाषा में उपलब्ध कराया जायेगा.

3.  यूजर्स इस सर्विस की मदद एंड्रॉयड और आईओएस पर मौजूद गूगल एप के जरिए ले सकते हैं.

4.  इसके साथ-साथ गूगल चुनिंदा प्रदेश सरकारों के साथ मिलकर भी नौकरी ढूंढने वालों के लिए काम कर रहा है.

5.  यदि आप एक यूजर हैं तो गूगल फॉर जॉब्स फीचर में आपको जॉब्स नियर मी या फिर जॉब्स फॉर फ्रेशर टाइप करना होगा. ऐसा करने से आपको आपके आसपास की नौकरियों से जुड़ी पोस्ट्स डिस्प्ले में दिखेंगी और उस नौकरी के बारे में लगभग सभी जानकारियां विस्तार से दी गई होंगी.

6.  इस सर्विस में गूगल अपने यूजर्स को फिल्टर जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध करा रहा है. इसमें जरूरत के हिसाब की नौकरियों को ढूंढने में काफी आसानी होगी.

7.  जॉब की लोकेशन, जॉब का टाइटल, जॉब फुल टाइम है या फिर पार्ट टाइम आदि जैसे फीचर भी इस सर्विस का हिस्सा होंगे. गूगल ने इस सर्विस के साथ थर्ड पार्टी जॉब सर्च पोर्टल को भी जोड़ा है जिससे नौकरी ढूंढना और भी आसान हो सकेगा.

8.  इस फीचर की मदद से न सिर्फ नौकरी ढूंढी जा सकेगी बल्कि अलग-अलग पोर्टल पर जॉब के लिए आवेदन करने में भी मदद मिलेगी.

9.  इससे पॉपुलर जॉब साइटों और कंपनियों पर लिस्ट नौकरियों के बारे में जानकारी भी मिलेगी.

10. जॉब सर्च करते वक्त आप अपनी प्रेफेरेंस सेट कर सकते हैं जैसे पार्ट टाइम या फुल टाइम. लोकेशन, जॉब टाइटल और अनुभव दर्ज करके अपने लिए सही जॉब सर्च कर सकते हैं. कंपनी ने इसमें स्मार्ट फिल्टर दिया है जो सर्च को रिफाइन करता है और उन जॉब्स को हाईलाइट कर देता है जो आपके प्रोफाइल से सबसे ज्यादा मैच करती हैं.

11. इसमें अलर्ट फीचर भी है जो आपको नोटिफिकेशन के जरिए ईमेल में आपके लिए सही जॉब के बारे में बताएगा. अलर्ट में सर्च के आधार पर नोटिफिकेशन मिलेंगे.

12. इस सर्विस में आप पिछले दिन, पिछले 3 दिन, पिछले सप्ताह और पिछले महीने तक निकली नौकरियों के बारें में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे.

13. गूगल इस फीचर के माध्यम से एंप्लायर कंपनी को रेटिंग भी प्रदान करेगा.

गूगल इंडिया के उपाध्‍‍‍‍‍यक्ष राजन आनंदन ने कहा है, ‘हमें पता है कि लोग जॉब ढूंढ़ने के लिए सर्च पर आते हैं. पिछले साल की चौथी तिमाही में हमने गूगल पर जॉब सर्च फीचर में 45% तक की बढ़ोतरी देखी है और यह नंबर लगातार बढ़ रहा है. उनका कहना है कि अभी जॉब सर्च हमेशा उतना प्रभावी नहीं होता है. कंपनियां खास कर छोटे एंटरप्राइज, जो यहां सबसे ज्यादा जॉब देती हैं वे अपने जॉब के विज्ञापनों को प्रभावी तरीके से पेश नहीं कर पाती हैं. यह नया सर्च एक्सपीरिएंस इसमें उनकी मदद करेगा.’


जिनके बारें में जानकर आप हैरान होंगे.

म्यूजिक सिर्फ मनोरंजन का आधार ही नहीं बल्कि हमारी सेहत का रखवाला भी है. संगीत यानि म्यूजिक सुनने के कुछ ऐसे फायदे हैं जिनके बारें में जानकर आप हैरान होंगे. आइये जाने.

1.  म्यूजिक सुनने से उत्साह बढ़ जाता है. नेगेटिव एनर्जी से आप ख़ुद को दूर कर सकते हैं.
2.  म्यूजिक आपके धैर्य को बढ़ाने का बूस्टर हैं. ये आपको अशांति से शांति की यात्रा पर ले कर जा सकता है.
3.  संगीत सुनने से आप अपने बिगड़े मूड़ को अच्छे मूड में बदल सकने में कामयाब हो सकते हैं. ये आपका मूड कुछ पलों में ही अच्छा कर देता है.
4.  पढ़ते वक्त म्यूजिक सुनने से सोचने समझने की क्षमता बढ़ती हैं, जिससे IQ तेज होने लगता हैं. इससे आप ज्यादा फोकस कर सकते हैं.
5.  म्यूजिक बेचैनी और तनाव दूर करने की रामबाण दवा है वो भी कितनी सस्ती? लगभग फ्री.
6.  म्यूजिक सुनने से आपका गुस्सा गायब हो जाता है और रोज रात को सोने से पहले अच्छा म्यूजिक सुनना मतलब अच्छी नींद.
7.  स्लो म्यूजिक से बढ़ी हुई हार्टबीट नार्मल रहने लगती है. साथ ही साथ आप पाते हैं कि आपके  कंधे, पेट व पीठ का तनाव कम होता जा रहा है.
8.  ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने में म्यूजिक का योगदान भला कौन नहीं जानता.
9.  म्यूजिक सुनने से शरीर हेल्थी रहने लगता है.
10. म्यूजिक सुनने से मेमोरी पॉवर बढ़ती है और लोगों को भूलने की बीमारी दूर हो सकती है.
11. यदि किसी बच्चे की सर्जरी करनी पड़े तो उसे म्यूजिक सुनाना चाहिए. इससे बच्चे के मन का ड़र खत्म हो जाता है.
12.  म्यूजिक सुनते हुए कसरत करने से हमारे अंदर रेजिस्टेंस पॉवर बढ़ जाती है.
13.  जो लोग रोज म्यूजिक सुनते हैं, उनकी सोच हमेशा सकारात्मक रहने लगती है.
14.  गर्भावस्था के दौरान म्यूज़िक सुनने से लेडीज को लेबर पेन बहुत कम होता है. और स्वस्थ बच्चा होने के चांस बढ़ सकते हैं.
15. म्यूजिक क्लासेज अटेंड करने वाले स्टूडेंट्स अकेडमिक में शानदार परफॉरमेंस देते पाए गए हैं.
16.  म्यूज़िक सुनने वाले बुजुर्ग ज़्यादा बेहतर सोच की पॉवर डेवेलप कर सकते हैं.
17.  म्यूजिक आपकी थकान को पल भर में रफूचक्कर कर सकता है.
18.   पेट में एसिडिटी बनने से रोकने में म्यूजिक का कोई सानी नहीं.

तो आज से कुछ पल अपने साथ बिताना शुरू कीजिये. अपने पसंदीदा म्यूजिक के साथ. कुछ ही दिनों में आप ख़ुशी के सोर्स बन कर महक उठेंगे और आस-पास के माहौल को भी अच्छा करने में सबकी मदद कर सकेंगे.
ख़ुश रहिये. ख़ुश रखिये.