Aug 15, 2018

अटल बिहारी वाजपेयी



भारत के महानतम नेताओं, बुद्धिजीवियों और कवियों के सरताज अटल बिहारी वाजपेयी. 
अटल जी आज एम्स में अपनी ख़राब तबियत के चलते एडमिट हैं और पूरा देश उनके लिए प्रार्थना कर रहा है.
आइए जाने अटल जी के कुछ अनमोल कोट्स जो हमें नए सपने, नए रास्ते दिखाते हैं और सफ़ल जीवन की तरफ़ इशारा करते हैं बशर्ते हम उन रास्तों पर चलना चाहते हों.

Quote 1: खेती ही भारत का बुनियादी उद्योग है.

Quote 2: वास्तव में हमारे देश की लाठी कमजोर नहीं है, वरन् वह जिन हाथों में है, वे कांप रहे हैं.

Quote 3: शहीदों का रक्त अभी गीला है और चिता की राख में चिनगारियां बाकी हैं.

Quote 4: भगवान जो कुछ करता है, हमारी भलाई के लिए ही करता है.

Quote 5: आप मित्र बदल सकते हैं पर पड़ोसी नहीं.

Quote 6: मैं चाहता हूं भारत एक महान राष्ट्र बने, शक्तिशाली बने, संसार के राष्ट्रों में प्रथम पंक्ति में आए.

Quote 7: हम उम्मीद करते हैं की विश्व प्रबुद्ध स्वार्थ की भावना से काम करेगा.

Quote 8: हम अहिंसा में आस्था रखते हैं और चाहते हैं कि, विश्व के संघर्षों का समाधान शांति और समझौते के मार्ग से हो.

Quote 9: धर्म के प्रति मेरे आकर्षण का सबसे मुख्य कारण है कि, यह मानव का सर्वोत्कृष्ट धर्म है.

Quote 10: भारत एक प्राचीन राष्ट्र है. 15 अगस्त को किसी नए राष्ट्र का जन्म नहीं, इस प्राचीन राष्ट्र को ही स्वतंत्रता मिली.

Quote 11: भारत के प्रति अनन्य निष्ठा रखने वाले सभी भारतीय एक हैं, फिर उनका मजहब, भाषा तथा प्रदेश कोई भी क्यों न हो.

Quote 12: जीवन के फूल को पूर्ण ताकत से खिलाएं.

Quote 13: देश एक मंदिर है, हम पुजारी हैं. राष्ट्रदेव की पूजा में हमें अपने को समर्पित कर देना चाहिए.

Quote 14: मैं हिन्दू परम्परा में गर्व महसूस करता हूं लेकिन मुझे भारतीय परम्परा में और ज्यादा गर्व है.

Quote 15: हमारा कृषि-विकास संतुलित नहीं है और न उसे स्थायी ही माना जा सकता है.

Quote 16: हिन्दू धर्म के अनुसार जीवन का न प्रारंभ है और न अंत ही, यह एक अनंत चक्र है.

Quote 17: इतिहास ने, भूगोल ने, परंपरा ने, संस्कृति ने, धर्म ने, नदियों ने हमें आपस में बांधा है.

Quote 18: मजहब बदलने से न राष्ट्रीयता बदलती है और न संस्कृति में परिवर्तन होता.

Quote 19: मुझे अपने हिंदुत्व पर अभिमान है, किंतु इसका अर्थ यह नहीं है कि मैं मुस्लिम-विरोधी हूं.

Quote 20: आदिवासियों की समस्याओं पर हमें सहानुभूति के साथ विचार करना होगा.

Quote 21: इंसान बनो, केवल नाम से नहीं, रूप से नहीं, शक्ल से नहीं, हृदय से, बुद्धि से, सरकार से, ज्ञान से.

Quote 22: हमें हिन्दू कहलाने में गर्व महसूस करना चाहिए, बशर्ते कि हम भारतीय होने में भी आत्मगौरव महसूस करें.

Quote 23: रामचरितमानस तो मेरी प्रेरणा का स्रोत रहा है.

Quote 24: हम अहिंसा में आस्था रखते हैं और चाहते हैं कि विश्व के संघर्षों का समाधान शांति और समझौते के मार्ग से हो.

Quote 25: जहां-जहां हमें सत्ता द्वारा सेवा का अवसर मिला है, हमने ईमानदारी, निष्पक्षता तथा सिद्धांतप्रियता का परिचय दिया है.


Aug 13, 2018

1 सप्ताह बाद यानि ठीक 8वें दिन



गांव ढोल-माजरा में एक यंगमैन रहता था. नाम था संदीप. था तो वह बहुत ही भला लेकिन उसमें एक शानदार कमी भी थी. वह हर काम को टाल दिया करता था. उसका ये हमेशा मानना था कि जो कुछ होता है, केवल भाग्य से होता है.

एक दिन एक साधु महाराज उसके पास आये. संदीप ने साधु की बहुत सेवा की। उसकी सेवा से खुश होकर साधु ने उसे पारस पत्थर देते हुए कहा - मैं तुम्हारी सेवा से बहुत ख़ुश हूं. तुम बहुत गरीब हो इसलिये मैं तुम्हे यह पारस पत्थर दे रहा हूं. ठीक 7 दिन बाद मै इसे तुम्हारे पास से ले जाऊंगा. इस बीच तुम जितना चाहो, उतना सोना बना लेना.

संदीप ने अपने घर में लोहा तलाश किया. थोड़ा सा लोहा मिला तो उसने उसी का सोना बनाकर बाजार में बेच दिया और उससे वह घर के लिए कुछ सामान ले आया. अगले दिन वह लोहा खरीदने के लिए बाजार गया, तो उस समय लोहा थोड़ा मंहगा मिला रहा था. यह देख कर संदीप खाली हाथ घर वापिस आ आया. 

3 दिन बाद वह फिर बाजार गया तो उसे पता चला कि इस बार तो लोहा और भी महंगा हो गया है. इसलिए वह लोहा खरीदे बिना ही वापस लौट गया. उसने सोचा - एक ना एक दिन तो लोहा जरुर सस्ता मिलेगा और जब सस्ता हो जाएगा तभी खरीदूंगा. ये सोचकर वह आराम से अपने घर पर बैठ गया और लोहे के दाम सस्ते होने और फिर उससे सोना बनाने के सपने में खो गया.

1 सप्ताह बाद यानि ठीक 8वें दिन साधु महाराज पारस लेने के लिए उसके घर पहुँच गए. संदीप ने कहा मेरा तो सारा समय ऐसे ही निकल गया. अभी तो मैं कुछ भी सोना नहीं बना पाया हूं. आप कृपया इस पत्थर को कुछ दिन और मेरे पास रहने दीजिए. लेकिन साधु ने साफ़ मना कर दिया. 

साधु ने कहा – तुम भी कमाल हो. लोहे के सस्ते होने का वेट करते रहे. ये नहीं सोचा कि सोना बना लेते तो कई गुना ज्यादा धन कमा और बचा सकते थे. तुम्हारे आलस और छोटी सोच ने तुम्हें भाग्य से मिले इस शानदार मौके का फ़ायदा भी नहीं लेने दिया. तुम्हारी जगह कोई और होता तो अब तक पता नहीं क्या-क्या कर डालता.

अब तुम भगवान को दोष मत देना. तुम्हें चांस मिला और तुमने वो खो दिया. अब जो है, उसमें संतोष करो और आगे से ध्यान रखना कि अवसर लाइफ में बार-बार नहीं आते. जो समय का उपयोग करना नहीं जानता, वह हमेशा दु:खी रहता है. इतना कहते हुए साधु महाराज पत्थर लेकर वहां से चले गए.

सार: - काम को टालते रहना और भाग्य भरोसे बैठे रहना सिर्फ़ आपको दुखी ही करेगा. और कुछ नहीं. लाइफ में ब्रेक लेकर अपनी इस आदत को बदलते रहिये. सुख लौट आएगा.
(सभी नाम काल्पनिक हैं)