Sep 22, 2018

तो फ़िर और क्या पाना बाकी रह जाता है.





जिंदगी वास्तव में फाइट कराने से बाज़ नहीं आती.
जवान बॉर्डर पर देश को बचाने के लिए फाइट कर रहा है.
कोई भूख और ग़रीबी से फाइट कर रहा है.
कोई सिस्टम की weakness दूर करने के लिए फाइट कर रहा है.
कोई खेल के मैदान में फाइट कर रहा है.
कोई अपने बिज़नेस को expand करने के लिए फाइट कर रहा है.
कोई नौकरी पाने के लिए तो कोई उसे बचाने के लिए फाइट कर रहा है.
कोई एजुकेशन लेने के लिए, कोई एजुकेशन लोन के लिए फाइट कर रहा है.
कोई लंबी लाइन में सबसे पीछे खड़ा रहकर भी राशन के लिए फाइट कर रहा है.
कोई लंबा स्ट्रगल करते हुए फ़िल्म लाइन में पैर जमाने के लिए फाइट कर रहा है.
कोई अपना सब कुछ बचाने के लिए फाइट कर रहा है.

इसके अलावा भी कितने स्ट्राइक, अनशन और धरने जारी हैं.
विकास पर विकासशीलता बर्षों से भारी है.
कुछ ज़िम्मेदारी है तो थोड़ी लाचारी है.
बातें करने को कितनी सारी हैं.
बेहोश हुई वफ़ादारी है और इतरा रही गद्दारी है.
रिश्तों में जलेबी जैसी कलाकारी है.
फ़िर भी दुनिया निराली और प्यारी है.
बातें करने को कितनी सारी हैं.
कहीं गूंजती शहनाई तो कहीं किलकारी है.
कहीं हाथ खुले तो कहीं कितनी मारामारी है.
कहीं जीने का खौफ़ तो कहीं जिंदगी कितनी आभारी है.
बातें करने को कितनी सारी हैं.
कहीं पीर की दरगाह तो कहीं गणेश जी की सवारी है.
कहीं घर में कलह और बाहर की समझदारी है.
कहीं ईमानदारी तो कहीं-कहीं रिश्वतखोरी भारी है.
बातें करने को कितनी सारी हैं.
अब 10 नए कोट्स पढ़ने की बारी है.
आखिर सबकी कोई ना कोई ज़िम्मेदारी है.
चाहे प्राइवेट है या सरकारी है.
बातें करने को कितनी सारी हैं.

Quote: in the end of life, आपको ऊपर वाले के नाटक पर ही भरोसा करना होगा. आज से ही शुरू करिए. गैप ऑफ़ कम्युनिकेशन कम होता जायेगा.

Quote: आपका प्यार ही आपकी ताकत है. आपकी नफ़रत आपको बहुत छोटा बना देगी.

Quote: जब आपके जाने के बाद भी लोग आपको किसी अच्छे मोमेंट के लिए याद करें तो ये बहुत बड़ी बात है. अपने बिजी schedule में भी आपको याद करना कोई छोटी बात नहीं है.

Quote: अगर आप सबकुछ उस परमेश्वर के हाथों में सौंप देते हैं तो फ़िर एक दिन वक़्त भी आपके आगे हाथ जोड़ लेता है.

Quote: सिर्फ़ अपने लिए सोचना frustration लाता है. अपने परिवार के लिए सोचना ख़ुशी लाता है. लेकिन सबके लिए सोचना आपको शानदार इंसान बनाता है.

Quote: कोई चाहकर भी अपनी destiny नहीं बदल सकता. आप pray ज़रूर कर सकते हैं कि चीज़ें आपके favor में हों.

Quote: आज से 100 साल पहले जो नहीं था, वो आज है. आज जो है वो 100 साल बाद नहीं होगा. जीवन मौसम की तरह है. बदलेगा जरुर.

Quote: हवा होती है. चलती है पर दिखती नहीं. ख़ुदा होता है. चलाता है पर ख़ामोश मुस्कुराता है.

Quote: हर रोज ख़ुद को improve करने का मतलब है: जिंदगी की simplicity को और करीब से देख पाना.

Quote: अगर मैं तुम्हें तुम्हारे एंगल से और तुम मुझे मेरे एंगल से समझ पाओ तो फ़िर और क्या पाना बाकी रह जाता है.





Sep 21, 2018

क्या सचमुच तुम्हारा सब कुछ ख़त्म हो गया है?



जब जिंदगी बिलकुल करीब आकर आपसे बड़े प्यार से पूछे: 
क्या सचमुच तुम्हारा सब कुछ ख़त्म हो गया है? 
तब आपके मन में पहला क्या विचार आता है? ये पहला विचार ही आपके आने वाले भविष्य का चुनाव करेगा.

आप किधर भी देख रहें हो. जैसे कि पेरेंट्स, फ्रेंड्स, फॅमिली, सामाजिक कामयाबी, nearby रिलेशनशिप, आपका सोशल सर्किल आपकी इमेज, आपकी प्रॉपर्टी, बैंक बैलेंस, सेविंग्स आदि-आदि.

इन सब में से सबसे ज्यादा इम्पोर्टेन्ट क्या है? दिल और दिमाग को इस question का answer देने के लिए 120 सेकंड्स का टाइम दीजिए.
ये आपके सारे पुराने और नए सब फंडे क्लियर कर देगा. यकीन ना आए तो करके देखिए. ये अद्भुत सवाल है और मज़े की बात ये कि इसका आंसर भी अद्भुत ही है.

ये सिंपल सा प्रैक्टिकल सवाल है विद प्रैक्टिकल आंसर.
किसी ग्रंथ को नहीं पढ़ना. कोई intelligency नहीं चाहिए. कोई क्वालिफिकेशन नहीं चाहिए. किसी से गाइडेंस की ज़रूरत भी नहीं. हर कोई इसका आंसर जानता है, लेकिन समझने का समय आपने नहीं लिया. इसे सबसे सस्ता और छोटा मान लिया और दुनिया के ड्रामे में एक्टिंग करते करते सब भूलते चले गए. ये सबके साथ होता है. होगा ही. समय आता है और फ़िर आपको बताता है कि सबसे छोटा ही सबसे बड़ा है.

तो फ़िर करना क्या होगा?

सिर्फ़ आपको अपने मन की स्लेट ख़ाली करके वो तस्वीर देखनी है, जो अब तक किसी वजह से आप देख ही नहीं सके.

जिंदगी आपको बहा ले गई. आप बहते गए. आपको ख़ुश होना चाहिए. सब बातों के लिए जो आपकी लाइफ में हुई हैं. इससे आपको हल्का सा एहसास होना स्टार्ट होगा कि 
1. सब कुछ आपके हाथों में नहीं हो सकता. 
2. जो 10 साल पहले आपकी सोच थी, वो अब नहीं है. 
3. समय के साथ हर किसी को डांस करना पड़ता है, कई बार अपनी पसंद का गाना ना होने पर भी. 
4. जिस बात पर कभी इतराने का मन होता था, आज वो मेमोरी से ही डिलीट हो गयी है. 
5. लाइफ़ में कुछ भी फ़िक्स नहीं होता. जो चाहते हैं, वो नहीं होता और जो नहीं चाहते, वो हो जाता है. 
6. अगर ख़ुशी सिर्फ़ पैसों से ही ख़रीद ली जाती तो सबसे इनोसेंट स्माइल किसी गरीब की कभी ना होती. 
7. अगर by chance सब कुछ अपने हिसाब से हो भी जाए तो भी क्या अलग हुआ. 
8. सब कुछ सिर्फ़ अपने लिए बटोर लेने से अगर शांति मिल जाती तो हॉस्पिटल में बड़े लोग कभी बीमार ही ना पड़ते. 
9. क्या लाइफ़ का purpose होना ज़रूरी है या लाइफ़ होना ही सबसे बड़ा purpose है.

अब उस सवाल का आंसर आपको मिल गया होगा. आप ही के पास था, बस ध्यान कहीं और था. अब 120 सेकंड्स फ्री-माइंड होकर सोचा तो देखो मिला ना मस्त आंसर.

आंसर है: कि अभी आप जिंदा हो. आपका जिंदा होना ही सबसे महत्वपूर्ण है, इम्पोर्टेन्ट है.
अगर आप होते ही नहीं तो क्या कुछ भी होता? जैसे कि पेरेंट्स, फ्रेंड्स, फॅमिली, सामाजिक कामयाबी, nearby रिलेशनशिप, आपका सोशल सर्किल आपकी इमेज, आपकी प्रॉपर्टी, बैंक बैलेंस, सेविंग्स आदि-आदि.

अगर आप होते ही नहीं तो ऐसा कुछ नहीं होता. फ़िर ना कोई लक्ष्य होता, न कोई प्रायोरिटी होती, ना कुछ पॉजिटिव होता, ना नेगेटिव होता. ना कोई मोबाइल होता, ना कोई उम्मीद होती, ना कोई शिकायतें होती. ना आप दुखी होते, ना आप सुखी होते.

मतलब ये कि आपके होने से ही सब कुछ है. वर्ना कुछ भी नहीं.
अब आप ही बताइए कि क्या आप भाग्यशाली नहीं हैं.
आप जिंदा हैं, क्या ये सबसे खुबसूरत बात नहीं है?
और अगर आप जिंदा हैं तो इस जिंदगी के साथ कैसे पेश आना चाहेंगे.
बस आपको, हम सभी को इतना सा, छोटा सा काम करना है. और कुछ भी नहीं करना.

अगर अब आप मानते हैं कि आप जिंदा हैं तो क्या शेयर करना चाहेंगे? प्यार या नफरत?

अगर अब आप मानते हैं कि आप जिंदा हैं तो क्या शेयर करना चाहेंगे? कॉन्ट्रिब्यूशन या स्वार्थ?

अगर अब आप मानते हैं कि आप जिंदा हैं तो क्या शेयर करना चाहेंगे? मैं और मेरा या के हम सब की सांझी खुशियाँ?

अगर अब आप मानते हैं कि आप जिंदा हैं तो क्या शेयर करना चाहेंगे? सिर्फ़ सबसे लेना या सबमें बाटने का आनंद?

एक जिंदगी. आप जिंदा. दूसरों को भी जिंदा करें. उन्हें मारें नहीं. जिंदगी हमसे बस इतना सा मांगती है. क्या आप देना चाहेंगे?
ये सवाल ख़ुद से पूछते रहिए. अगर आप जिंदा हैं तो. नहीं हैं तो कोई बात नहीं.




Sep 20, 2018

घर के stress को strength में बदलिए.

इंसान होने की कहानी भी मस्त है.
अगर हमें कोई बता दे कि हमारी लाइफ का aim क्या होना चाहिए तो हम उसे अवॉयड कर देना चाहते हैं.
और अगर कोई ना बताए तो हम कह देते हैं कि ये किसी काम का नहीं. इसके पास विज़न ही नहीं है. ये अभी mature नहीं हुआ.

आप अपने आस-पास ही नज़र घूमा कर देखिए. सब जगह एक बेचारगी सी फ़ैली हुई सी लग रही है. आज से 10-20 साल पहले के मुकाबले हमारे पास कितनी फैसिलिटी आ चुकी हैं. पर क्या हम पहले जैसे निश्चिंत रह पा रहें हैं? पहले जहां विश्वास पर जिंदगी घूमा करती थी, अब उसकी जगह झूठ और फ़रेब ने घर बसा लिया है. ये भला कौन सी डेवेलपमेंट हुई?

आज लगभग सब कुछ ऑनलाइन हो गया है. और शायद relations भी इसके साथ डिजिटल और डिवाइड हो गए है. कॉर्पोरेट कल्चर ने भारत जैसे इमोशनल देश को भी ओवर-प्रैक्टिकल बना दिया. हर चीज़ प्रॉफिट-लोस की केटेगरी में आती जा रही है. धर्म और जाति की आग़ मानवता के मूलभूत अस्तित्व को ख़ाक करने की और बढ़ रहीं है. और ये सब एक दिन में ही नहीं हुआ है.

असल बात ये है कि आज का लाइफ़ स्ट्रक्टर इतना complicated हो गया है कि हम किसी पर विश्वास नहीं कर पा रहे. करें भी तो कैसे? न्यूज़ पेपर पढ़कर तो ऐसा लगता कि हमारे देश में कोई भी एक चीज़ सही नहीं हो रही. सब कुछ डिजिटल होने के बाद भी हमारी सोच का दायरा सिमटता जा रहा है. और ऐसी ऐसी घटनाएं सामने आती हैं कि 21वीं सदी का ये दौर मानवता के लिए कलंक ही साबित होता दिखाई मालूम होता है.

कहते हैं कि हर चीज़ की शुरुआत अपने घर से होती है. अब समय आ गया है कि हर घर में प्रेम, एक दूसरे को सहयोग और सभी सदस्यों में ज़िम्मेदारी की भावना के विकास पर सोचा जाए. सिर्फ़ अपने तक सीमित ना रह कर आस-पास के सभी लोगों के अच्छे के लिए आगे आने और उनको मुस्कराहट देने का समय है. अगर अब भी ऐसा नहीं किया गया तो हम बस मोबाइल और इन्टरनेट की दुनिया के वो हिस्से बन जाएंगे जो डाटा-पैक ख़त्म होते ही तिलमिलाने लगते हैं.

हम ये ना सोचें कि सब कुछ ही ख़राब है. ये भी हो सकता है कि हम वो ही देख पा रहें हों, जो हम देखना चाह रहें हो?
अब बाहर तो आप सबकुछ बदल नहीं सकते.
आसान ये है कि अपने घर से स्टार्ट करिए. घर के stress को strength में बदलिए. अच्छे संस्कारों को अपने बच्चों में डालिए. ख़ासकर अपने लड़कों को सिखाइए कि लड़कियों की रेस्पेक्ट करें. ये कोई छोटी बात नहीं है. अपने बच्चों की क्वेरीज को समझने और उनका सही solution देने में उनकी मदद करें. एक-दूसरे के contribution की सराहना करना शुरू करें. अगर हर माँ-बाप अपने बच्चों को पॉजिटिव वातावरण और उसके फ़ायदों के बारें में जागरूक करना सीख सकें तो ये पढ़ाई की रटी-रटाई बातों से कहीं ज्यादा उनकी मदद करेगा लाइफ़ को जीने के सही तरीके को जानने में. ये ही आज की सबसे बड़ी ज़रूरत है और सिर्फ़ आप ही हैं जो इस moment को शानदार तरीके से सबके लिए ख़ुशनुमा बना सकते हैं.

उदाहरण के लिए: (1) अगर आप का बच्चा क्लास में हमेशा A–grade से पास हो जाता है तो आपको कितनी ख़ुशी मिलती है. मिलती है ना. लेकिन (2) वो ही बच्चा अगर कॉमन सेंस यूज़ ना कर सके और कुछ ऐसा कर दे कि आपको सबके सामने शर्मिंदा होना पड़े.
अगर आपको सिचुएशन 1 या 2 में से कोई एक सेलेक्ट करनी पड़े तो आप अपने बच्चे में कौन सी डेवलपमेंट ज्यादा होते देखना चाहेंगे? 
दिमाग लगाइए. 
एक तरफ़ टॉप के grades और दूसरी तरफ़ लाइफ़ के degrading decision. और कई बार तो सिचुएशन ऐसी उलझ जाती हैं कि पेरेंट्स को पता ही नहीं चल पाता कि उनका बच्चा क्या कर रहा है?
कई बच्चे सही काउंसलिंग ना पाने की वजह से कुछ ऐसा कर बैठते हैं जो सबको हैरान कर जाता है.

कुल मिलकर बात ये है कि जैसा आप अपने बच्चों को बनाना चाहेंगे, वो वैसे ही बनेंगे. वो तो कच्ची मिट्टी जैसे हैं. उनको पकाने वाले आप हैं. चाहे झोपड़ी में रह कर पकाएं या महलों में. कोई और उनके लिए उतना ज़िम्मेदार हो ही नहीं सकता जितना कि उनको जन्म देने वाले.

याद रखिए. बच्चों के किए अच्छे और बुरे दोनों कामों के लिए उनके माता-पिता के रोल को ही पहला कारण माना जाएगा. और इसके लिए कौन सही मायनों में responsible है, ये सबको समझ ही लेना चाहिए. किसी को दोष दे देना आसान है. लेकिन ज़िम्मेदारी से लाइफ़ जीना बेहद कठिन.

आइए, कुछ कोट्स पर नज़र डालें. ये हमारी लाइफ़ के garbage को साफ़ करने में मदद कर सकते हैं.

Quote: बहरा या गूंगा होना कहीं ज्यादा अच्छा है बजाय इसके कि आप स्वस्थ हों और किसी की परेशानी का कारण बनें.

Quote: भगवान् बाहर कहीं नहीं रहते. आपके अंदर ही कहीं है. बस आप उन्हें वहां देखने से चूक जाते हैं और पाप बढ़ते जाते हैं. इसमें किसी और का दोष कैसे हुआ?

Quote: बच्चे पैदा करना आसान है. लेकिन उन्हें इंसान बनाना 100 गुना मुश्किल.

Quote: कल्पना और प्रार्थना आपका जीवन बदल सकती हैं. ये अंधविश्वास नहीं है. साइंटिफिक है.

Quote: मुर्दा होना बुरी बात नहीं है. ऐसा सबको होना है. असल बात ये है कि मरने से पहले आपके जीने का तरीका कैसा था? matter ये ही करता है.






जो तेरे अंदर बैठा है, वो ही तो मेरे अंदर भी बैठा है.




पुरानी कहानियाँ कितनी सरलता से हमें सच का एहसास करा देती हैं, पता ही नहीं चलता.

आइए, इसे मॉडर्न स्टाइल से ना देखते हुए इसके पीछे छिपी फीलिंग को टच करने की कोशिश करें.

एक बुजुर्ग महिला अपने गांव रामपुर से पड़ोस के गांव श्यामपुर अपने किसी जानकार से मिलने जा रही थी. उसके पास थोड़ा सामान भी था जो उसने एक गठरी बांध रखा था. वो पैदल अपनी यात्रा पर थी. काफ़ी देर चलने के बाद वो थक गई. थकान के कारण सामान उठाना भी उसके लिए दर्दनाक हो रहा था.  

तभी उसने देखा कि उसी रास्ते से एक घुड़सवार चला आ रहा है. महिला ने उम्मीद के साथ उसे आवाज लगाई.
घुड़सवार ने स्पीड स्लो की और महिला के पास आ गया.
बोला: क्या बात है, मुझे क्यों बुलाया ?

महिला ने रिक्वेस्ट मोड में कहा: बेटा, मुझे साथ वाले गांव श्यामपुर जाना है. पैदल चलते चलते मैं बहुत थक गई हूं. और ये सामान मुझसे उठाया नहीं जा रहा. तू शायद उसी रास्ते जा रहा है तो मेरी एक छोटी से मदद करता जा. ये सामान की गठरी अपने घोड़े पर रख कर श्यामपुर तक पंहुचा दे. इससे मैं आराम से चल कर गांव पहुँच जाउंगी और थकान भी नहीं होगी.

घुड़सवार बोला : आप पैदल हो और मैं घोड़े पर. श्यामपुर अभी 5 किलोमीटर दूर है. अब पता नहीं आप कब तक वहां पहुचोगे. मैं तो फटाफट वहां पहुंच जाऊंगा और मुझे तो और भी आगे जाना है. अब मैं वहां जाकर आपका इंतजार तो नहीं कर सकता ना? इतना कहकर वह अपना घोड़ा लेकर आगे निकल गया.

थोड़ी दूर जाने के बाद उसको ख्याल आया कि मैं भी कितना बेवकूफ हूं. वो औरत ठीक से चल भी नहीं पा रही थी. बुजुर्ग वैसे है. अपना सामान भी मुझे विश्वास करके दे रही थी.

क्या पता उस गठरी में कोई कीमती सामान ही हो? मैं उसे लेकर आगे भाग भी जाता तो कौन पूछने वाला था? धत तेरे की. बेकार में ही मैंने उसे मना कर दिया.

अपने लालच को छिपाता हुआ वो फ़िर से उस महिला के पास वापिस पहुंचा और कहा: माता जी, लाओ दो अपना सामान. मैं ले जाऊंगा और श्यामपुर पहुंच कर आपका इंतजार कर लूंगा.

लेकिन ये क्या? उस औरत ने उसे अब मना कर दिया. बोली: कोई बात नहीं बेटे, तू क्यों परेशान होता है. मैं धीरे-धीरे चल कर वहां पहुंच जाऊँगी. यह सुन घुड़सवार हैरान हो कर बोला: अभी कुछ देर पहले तो आप कह रही थी कि ये गठरी ले जा. अब मैं लेकर चलने को रेडी हूं तो मना कर रही हो. यह अचानक उल्टा पाठ आपको इतनी से देर में किसने पढ़ा दिया?

बुजुर्ग महिला मुस्कराकर बोली: बेटा, ये पाठ मुझे उसी ने पढ़ाया है जिसने तुझे पढ़ाया कि इस गरीब का सामान ले चल. बेटा, जो तेरे अंदर बैठा है, वही तो मेरे अंदर भी बैठा है.
जब तू इस तरह अचानक वापिस आया, तभी मुझे शक हो गया था कि तेरी बुद्धि में लालच आ चुका है.
घुड़सवार अपना छोटा सा मुहं लेकर वहां से ख़िसक गया.

सार: 
लालच का कोई ईमान नहीं होता. इसका अमीरी या गरीबी से भी कोई नाता नहीं. ये आदमी की अपनी थिंकिंग होती है. फ़िर चाहे उसका रुतबा कैसा भी क्यों ना हो? 

(सभी नाम काल्पनिक हैं.)

Sep 18, 2018

कुछ भी फ़िक्स पैटर्न पर काम नहीं करता.






ये लाइफ है. अनूठी, अनोखी, surprising. ये कभी दिन में तारे दिखा दे या के फ़िर रात में सूरज की तरह तपा दे. इसके दोस्त बनिए. इससे लड़कर नहीं, इसके साथ कदम से कदम मिला कर चलते रहिए.

मानव जीवन बेमिसाल है. कुछ भी फ़िक्स पैटर्न पर काम नहीं करता. हर चीज़ unstable है. इच्छाओं से लेकर सुख, दुःख, सफ़लता, फेलियर ...सब शोर्ट पीरियड ड्रामा है. आज है, कल गायब. ये एक जादू जैसा है बस. इसका मज़ा लेते चलिए.

आइए, आज के टॉप 10 रियल लाइफ कोट्स का नज़ारा लें.

Quote: जब तक आपकी चाहत वाली कोई चीज़ आपको मिल नहीं जाती. उसको पाना ही आपका लक्ष्य होता है. उसके मिलते ही चाहत ख़त्म. अब लक्ष्य बदल जाता है और मरने तक आप अनगिनत लक्ष्यों का पीछा करते हैं. आपका पेट कभी नहीं भरता. एक दिन सब गायब हो जाता है.

Quote: जिंदगी कभी भी आपकी परीक्षा नहीं लेती. ये बस आपको टेस्ट करती है, आपके मज़े लेती है. ताकि आप सीरियस सिचुएशन में भी ख़ुद पर हँसना सीख जाएं. जितना जल्दी हो, ये कर लीजिए. कल किसने देखा है?

Quote: आपने जैसी किताबें पढ़ी हैं. जैसी फिल्में देखी हैं. जैसे माहौल में आप पल कर बड़े हुए हैं. जैसा सोचते हुए आपकी उम्र बढ़ी है. आप 100% वैसे ही बन जाते हैं.

Quote: किस्मत क्या है? ये आपकी इच्छाओं और आपकी रियलिटी के डिफरेंस का टोटल है. और कुछ भी नहीं.

Quote: सुख का आपकी बाहरी अमीरी या चमक-दमक से कोई लेना-देना नहीं है. इसे पाने के लिए आपको अपने भीतर अमीरी के बीज बोने होंगे. ये रेडीमेड नहीं हैं कि आप इसे किसी दुकान से पैसे देकर ख़रीद लेंगे.

Quote: आप चाहें तो भी संसार की एक भी चीज़ को बदल नहीं सकते. ये किसी और की बनाई हुई दुनिया है और उसे पक्का पता होगा कि इसे कैसे चलाना है.

Quote: मुर्गी पहले आई या अंडा? ये सवाल इतना इम्पोर्टेन्ट नहीं है. इम्पोर्टेन्ट ये है कि इन दोनों में से पहले कौन आपके काम आता है?

Quote: बोलने और करने में बहुत फ़र्क होता है. बोलना आपको सिर्फ़ मन की तसल्ली देता है, वहीँ करना आपको ख़ुशी और संतुष्टि. थ्योरी और प्रैक्टिकल में ये ही फ़र्क होता है.

Quote: आप जैसे होते हैं, ठीक वैसा ही दूसरों में देखने की इच्छा रखते हैं. चोर को चोर ही पसंद आता है. सिपाही को सिपाही.

Quote: आदमी का जितना डेवलपमेंट होना था, हो चुका है. अब प्रेम की ज्यादा ज़रूरत है. हेल्प और ह्यूमैनिटी की उससे भी कहीं ज्यादा.


Sep 17, 2018

इसे खोइए मत. इसे बड़ा कीजिये.



जिंदगी एक ही तरह की होती है. सिम्पली जिंदगी. 
अब हम क्या करते हैं?
अगर आप ख़ाली बैठे हैं तो आपको लगता है वो सब बेवकूफ़ हैं, जो बिजी रहते हैं, क्योंकि इससे आपको satisfaction मिल जाता है.
अगर आप बहुत बिजी हैं तो आपको लगने लगता है कि वो सब बेवकूफ़ हैं, जो ख़ाली बैठे हैं क्योंकि इससे भी आपको satisfaction मिल जाता है. 
ये ही होता हैं ना.
दोनों केस में आपकी तसल्ली इम्पोर्टेन्ट हैं. बात चाहे सही हो या गलत. 
हर आदमी ख़ुद को तसल्ली देते रहना चाहता है. इससे उसको धीरे-धीरे लगने लगता है कि वो ही सही सोच रहा है और बाकी लोगों को तो पता ही नहीं कि जीना किसे कहते हैं?
असली बात आपकी तसल्ली की नहीं है. असली बात है कि क्या आप अपनी जिंदगी से ख़ुश भी हैं या नहीं.
कुछ लोगों को दुखी रहने में ही ख़ुशी मिलने लगती है. ऐसे लोग दूसरों के दुःख से ख़ुद को संतुष्ट रखना सीख लेते हैं. अगर कोई ख़ुश आदमी उनके सामने से गुजर जाये तो उन्हें अच्छा नहीं लगेगा. क्यों? क्योंकि उन्हें ख़ुशी में ख़ुशी पसंद नहीं है. दुःख में ख़ुशी पसंद है. इसका उलट भी उतना ही सच है.

आप देखिएगा कि कुछ लोग पूरे दिन सिर्फ़ लोगों का या circumstances का डिस्कशन करते मिलेंगे. वो अपने काम को करने की बजाय दूसरे के कामों में जज बन कर घूमते रहते हैं. ये वो ही स्मार्ट लोग हैं जो घर से ही दुखी हो कर निकलते हैं और जहाँ भी जाते हैं, अपने दुख का प्रसाद लोगों को बाटना शुरू कर देते हैं. किसलिए? सिर्फ़ अपनी तसल्ली के लिए. इन्हें बिजी without वर्क का मैडल दिया जा सकता है.

इसका उलट भी उतना ही सच है कि जो लोग घर से मुस्कुराते हुए निकलते हैं, वो बाहर भी सबको मुस्कान देते घूमते मिलेंगे. ऐसे लोग अपनी तसल्ली के लिए नहीं बल्कि इसलिए ऐसा करते हैं ताकि दूसरों के चेहरे पर भी मुस्कान ला सकें.

जिंदगी सिचुएशन बेस्ड नहीं है. आप सिचुएशन के हिसाब-किताब में उलझ गए तो ज़रूरत से ज्यादा प्रैक्टिकल बनने के चक्कर में पड़ जायेंगे और नतीजा ये के सिर्फ़ गुलामों की तरह व्यवहार करना, रियेक्ट करना शुरू कर देंगे. फ़िर आपको वैसे ही लोग अच्छे लगेंगे जो आपकी तरह सिचुएशन के गुलाम हैं. ये अभी आपको अच्छा लग सकता है लेकिन बाद में ये आपको एक महान क्रिटिक बना देगा जो जिंदगी के लिए कतई ठीक नहीं रहता.

जिंदगी बस जिंदगी है. जैसी सबको मिली है, वैसे ही आपको भी. इसलिए सिर्फ़ जीना सीखिए. और जीना वास्तव में क्या है?

कहा गया है कि “वास्तव में वो ही लोग जीते हैं जो दूसरों के लिए जीते हैं”
कितना सच छुपा है इन चंद शब्दों में. ख़ुशी हमारे लिए नहीं बनी. ये तभी नसीब में आएगी जब हम किसी और को बिना धन्यवाद की अपेक्षा किये, बिना लालच बस बेवजह ख़ुशी देने की कोशिश करेंगे. ये पैसे से नहीं बल्कि आपके दिल से निकलने वाली फील है. फ़िर जब कोई ऐसा मोमेंट आएगा कि कोई आपकी वजह से मुस्कुराएगा, आप जान सकेंगे कि अब आप गुलाम नहीं बल्कि बादशाहों के भी बादशाह हैं.

ये ही जिंदगी का मूल स्वभाव है. इसे खोइए मत. इसे बड़ा कीजिये. फ़िर आपको तसल्ली के लिए कहीं भागना नहीं होगा. तसल्ली और satisfaction ख़ुद आपके पीछे-पीछे भागेंगे. और आप उस सुप्रीम पॉवर का थैंक्स करते हुए अपने मन को नीचे झुका सकेंगे. ये लो साहब. 

अब आपने जीना शुरू कर दिया है. क्योंकि असली जीना ख़ुद की इच्छाओं को पूरा कर लेना नहीं बल्कि सबके लिए कुछ अच्छा कर लेने का नाम है. अब आपको मौत से भी भय नहीं लगेगा और आप जान सकेंगे कि लाइफ exciting है. जब सांस आपके हाथ में नहीं है तो तसल्ली के चक्करों में पड़ कर क्या मिल जाने वाला है? इसी पल में आपको divine फ़ील होना शुरू हो सकेगा और फ़िर आप बड़ी आसानी से सबको प्रेम करना सीख पाएंगे.
अभी तो आप नफरतों की मार्किट में सामान ख़रीद रहें हैं. जिंदगी अभी बहुत दूर है. आज से उसकी तरफ़ क़दम बढ़ाना स्टार्ट करिए. फ़िर कमाल देखिये.

आपके लिए कुछ स्वरचित शानदार कोट्स. ये रहे आपके सामने.

Quote: ज्यादा समझदार लोगों को आज तक कुछ भी ज्यादा नहीं मिला. सिवाय मायूसी के.

Quote: हर इंसान को भगवान् ने एक शानदार चीज़ दी है. हमारा दिल. ये बस प्यार देने और प्यार पाने के लिए धड़कता रहता है. बाकी समय तो दिमाग की बक-बक ही ख़त्म नहीं होती.

Quote: जिंदगी सिम्पली एक घास के तिनके से ज्यादा और कुछ नहीं है. ब्रह्मांड के नज़रिए से देखिये. हम एक मच्छर तक ख़ुद पैदा नहीं कर सकते. फ़िर हमारे पास घमंड करने के लिए बचता ही क्या है?

Quote: हम अमर होने का ख़्वाब देख तो सकते है लेकिन अमर होने किसी के लिए भी संभव नहीं.

Quote: महान बनने की कल्पना बिलकुल बचकानी है. लाइफ को नेचुरल तरीके से जीना सीखिए. आपकी अच्छी सोच ही आपकी महानता है. और दुसरे भी जब चाहें, ऐसा कर सकते हैं.

Quote: अज्ञानी को भगवान् जल्दी मिल सकते हैं क्योंकि उसके दिल की बनावट उसके दिमाग से ज्यादा सरल होती है. ज्ञानी आदमी अपने दिमाग को ही भगवान् मान लेते हैं.

Quote: आप बदलते हैं तो सिर्फ़ अपने लिए. कोई और चाहकर भी किसी और के लिए नहीं बदल सकता.

Quote: आप अच्छे हैं या बुरे? ये दूसरे लोग कैसे तय कर सकते हैं? आप कब तक ऐसे एग्जाम देते रहेंगे जिसमें पास या फेल होने से जिंदगी की खुशियों का कोई लेना-देना नहीं है.

Quote: आप सिर्फ़ तब तक ही डरते हैं जब तक कि हारना नहीं सीख लेते. हार सही मायनों में एक वरदान है. आप हमेशा ही जीतने वाले नहीं है. कोई भी आज तक ऐसा नही कर पाया है. ख़ुशी और शांति पाने के लिए जीतना ज़रूरी नहीं होता. प्रकृति से ये सीख लेना चाहिए. वो हर मौसम को वरदान मान कर उसके हिसाब से ढल जाती है.




भाग्य भी कमाया जाता है, थोपा नहीं जाता.



समाज-सुधारक और महान देशभक्त स्वामी दयानंद सरस्वती. 
महिलाओं को उनका उचित अधिकार दिलाने में भी इम्पोर्टेन्ट भूमिका निभाने वाले और साथ ही देश की आज़ादी के लिए भी कमाल का कॉन्ट्रिब्यूशन. सबसे पहले ‘स्वराज्य’ का नारा देने वाले.
जन्म:    12 फरवरी  1824
मृत्यु:     30 अक्टूबर 1883 

आइये उनके अनमोल विचारों को जानें.

Quote: दुनिया को अपना सर्वश्रेष्ठ दीजिये और सर्वश्रेष्ठ ही आपके पास लौटकर आएगा.

Quote: सबसे उच्च कोटि की सेवा ऐसे व्यक्ति की मदद करना है जो बदले में आपको धन्यवाद कहने में असमर्थ हो.

Quote: जो व्यक्ति सबसे कम ग्रहण करता है और सबसे अधिक योगदान देता है वह परिपक्व है.

Quote: आप दूसरों को बदलना चाहते हैं ताकि आप आज़ाद रह सकें. लेकिन, ये कभी ऐसे काम नहीं करता. दूसरों को स्वीकार करिए और आप मुक्त हैं.

Quote: हमें पता होना चाहिए कि भाग्य भी कमाया जाता है और थोपा नहीं जाता. ऐसी कोई कृपा नहीं है जो कमाई ना गयी हो.

Quote: ईश्वर पूर्ण रूप से पवित्र और बुद्धिमान है. उसकी प्रकृति, गुण, और शक्तियां सभी पवित्र हैं.

Quote: अगर आप पर हमेशा ऊँगली उठाई जाती रहे तो आप भावनात्मक रूप से अधिक समय तक खड़े नहीं हो सकते.

Quote: वह अच्छा और बुद्धिमान है जो हमेशा सच बोलता है, धर्म के अनुसार काम करता है और दूसरों को उत्तम और प्रसन्न बनाने का प्रयास करता है.

Quote: अज्ञानी होना गलत नहीं है, अज्ञानी बने रहना गलत है.

Quote: उपकार बुराई का अंत करता है, सदाचार की प्रथा का आरम्भ करता है, और लोक-कल्याण तथा सभ्यता में योगदान देता है.

Quote: जिसने गर्व किया, उसका पतन अवश्य हुआ है.

Quote: काम करने से पहले सोचना बुद्धिमानी, काम करते हुए सोचना सतर्कता, और काम करने के बाद सोचना मूर्खता है.

Quote: इंसान को दिया गया सबसे बड़ा संगीत यंत्र आवाज है.

Quote: जीवन में मृत्यु को टाला नहीं जा सकता. हर कोई ये जानता है, फिर भी अधिकतर लोग अन्दर से इसे नहीं मानते- ‘ये मेरे साथ नहीं होगा.’ इसी कारण से मृत्यु सबसे कठिन चुनौती है जिसका मनुष्य को सामना करना पड़ता है.

Quote: लोगों को भगवान् को जानना और उनके कार्यों की नक़ल करनी चाहिए.

Quote: धन एक वस्तु है जो ईमानदारी और न्याय से कमाई जाती है.