Sep 29, 2018

शिक्षा बुढ़ापे के लिए सबसे अच्छा सहारा है.





अरस्तु. दुनिया के महानतम दार्शनिकों में से एक. एलेग्जेंडर के गुरु और प्लेटो के शिष्य.

शानदार प्रतिभा वाली पर्सनालिटी. ज़मीन से जुड़े हुए कमाल के आदमी. ग्रीस को दुनियाभर में पहचान दिलाने वाला एक सरल और बुद्धिमान व्यक्तित्व.

उन्होंने कुछ छोटी लेकिन मीनिंगफुल बातें लोगों से शेयर की. आइए जानते हैं कि अरस्तु ने क्या कहा?

Quote: डर बुराई की वजह से पैदा होने वाला दर्द है.

Quote: कोई भी उस आदमी से प्रेम नहीं कर सकता जिससे वो डरता हो.

Quote: आदमी प्राकृतिक रूप से ही ज्ञान पाने की इच्छा रखता है.

Quote: अच्छा व्यवहार सभी गुणों का सार है.

Quote: आदमी के सभी काम इन 7 में से किसी एक या अधिक कारणों की वजह से ही होते हैं: उसकी मौकापरस्ती, उसकी मज़बूरी, उसकी अपनी आदत, कोई कारण, उसका जूनून, उसकी इच्छा या उसका स्वभाव.

Quote: बुरे आदमी अंदर ही अंदर पश्चाताप से भरे होते हैं.

Quote: आदमी सभी जीवों में सबसे उदार प्राणी है, लेकिन यदि क़ानून और न्याय ना हों तो वो सबसे खराब भी बन जाता है.

Quote: जो सभी का मित्र होता है वो किसी का मित्र नहीं होता है.

Quote: संकोच युवाओं के लिए एक आभूषण है, लेकिन बड़ी उम्र के लोगों के लिए धिक्कार.

Quote: चरित्र यानि करैक्टर अपनी बात मनवाने का सबसे प्रभावी मीडियम है.

Quote: शिक्षा बुढ़ापे के लिए सबसे अच्छा सहारा है.

Sep 27, 2018

लाइफ इज good.






आप दुनिया को 24 घंटे ख़ुश नहीं रख सकते. ये कोई नहीं कर सकता. आप बस अपनी तरफ़ से best दे सकते हैं. अगर हम वैसा ही बने जैसे के हम हैं यानि original. बजाय इसके कि दुनिया हमें कैसा देखना चाहती है.
नतीजा: लाइफ इज good.

अपना काम, अपनी जिम्मेदारियां अच्छे से निभाइये. ये आपको सकून देगा. दूसरों को कमियां निकालते रहने दीजिये. उनके पास शायद अच्छे से करने के लिए कोई और काम हो ही ना? थोड़ा सा मुस्कुराइए.
नतीजा: लाइफ इज good.

सबके लिए अच्छा करिये. नहीं कर पा रहे तो सबके लिए अच्छा ज़रूर सोचिये. इससे आप अपने नजरिये और attitude को सही लेवल पर ला सकेंगे.
नतीजा: लाइफ इज good.

संगत का असर होता है. अपने circle में उन लोगों को शामिल कीजिये जो आपको उत्साहित करें, demoralize ना करें. उन लोगों पर trust करना सीखिए जो आपके अच्छे काम पर आपकी पीठ थपथपाएं और आपके किसी गलत काम पर आपको टोक भी दें. ऐसे लोग हमेशा आपका भला ही चाहेंगे. अगर ऐसा साथ आपको मिल सके तो.
नतीजा: लाइफ इज good.

आप सबसे उम्मीद तो करते हैं कि वो आपको समझें. सही बात है. लेकिन इससे अच्छी बात तब होगी जब आप पहले ये जानना सिख लें कि आपसे भी कोई ऐसी ही उम्मीद रख रहा होगा. क्यों ना पहले आप उनकी उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश करें. इससे आपका थॉट प्रोसेस पॉजिटिव बन जायेगा और आपसे जुड़े लोग ख़ुद फ़िर आपके प्रति अच्छा सोचना शुरू कर देंगे. ये कर के देखिये.
नतीजा: लाइफ इज good.


आज इतना सा करने की try करें. आज में ही जीवन है. 21 दिन रोजाना अगर आप ऐसा कर सकें तो आप पाएंगे कि कुछ भी गलत नहीं हो रहा है बल्कि आप ही कहीं ना कहीं ख़ुद को misguide कर रहें थे.

जब आपको अच्छा महसूस होना स्टार्ट हो जाये तो बस इतना कर दीजियेगा कि इस ब्लॉग को अपने near एंड dear से शेयर कर दें. ये ही हमारे लिए आपके प्रेम का उपहार होगा.
नतीजा: हमारी लाइफ भी good.

हँसते रहिये, खिलखिलाते रहिये. सबके लिए गुनगुनाते रहिये. इससे पहले कि वक़्त कहीं और ले चले, बिछड़े हुए रिश्ते मिलाते रहिये.

आपका दिन शुभ हो.



Sep 24, 2018

उस आदमी को घबराहट हुई.





आज़ादी का दिन आने वाला था. 15 अगस्त बेहद करीब था. 

एक 10 साल का बच्चा अपना पेट भरने के लिए छोटे-छोटे झंडे बेच रहा था. वो कार में AC चला कर बैठे लोगों के पास जाता. दुकानों पर सामान ख़रीद रहे लोगों को कन्विंस करने की कोशिश भी करता. कॉलेज से घर लौट रहे स्टूडेंट्स से भी झंडे खरीदने की रिक्वेस्ट करता. 

इसी बीच उसके कस्टमर भी उससे भाव-तौल कर रहे थे. आखिर कौन अपने पैसे नहीं बचाना चाहता? 

पास से गुजर रहे एक 52 साल के आदमी ने जब उस बच्चे के पैरों की तरफ देखा तो बड़ा दुखी हुआ. वो फटाफट पास की जूतों के दुकान पर गया और उस बच्चे के लिए नए जूते ख़रीदे. बच्चे ने तुरंत अपने फटे – कुचले जूते निकाले और नए वाले पहन लिए. 

उसके चेहरे की ख़ुशी अब देखते ही बन रही थी. उसने उन सज्जन को बड़ी अद्ब भरी निगाहों से देखा और पूछा : “क्या आप भगवान हैं?”. उस आदमी को घबराहट हुई. उन्होंने अपने कानों को हाथ लगाया और बोले: “नहीं बेटे, मैं भगवान नहीं हूं.” बच्चा फ़िर से मुस्कुरा कर बोला: “ तो फ़िर पक्का आप भगवान के दोस्त होंगे?”.

सज्जन बोले “कैसे”. 

बच्चे ने बड़ी मासूमियत से कहा कि कल रात ही मैंने भगवान से रिक्वेस्ट की थी कि मुझे नए जूते दिला दो. वो आदमी मुस्कुराया और बच्चे के सर पर हाथ फेर कर वहां से जाने लगा. अब वो ख़ुद भी जान गया था कि भगवान का दोस्त होना कोई मुश्किल काम नहीं है.

सार:
अपनी सोच को सही दिशा में ले जाने की कोशिश ही असली आज़ादी है.

जिंदगी को रोकिंग बनाएं. दूरियां मिटाएं.





शब्द यानि वर्ड.

अगर पॉजिटिव बोले जायें तो मैजिक कर सकते हैं.
अगर नेगेटिव बोले जायें तो बवंडर भी.

कभी-कभी हमें जिंदगी से इतनी निराशा हो जाती है कि कुछ भी समझ नहीं आता. कोई लाख़ तसल्ली देता रहे, फ़िर भी दिल भर ही आता है.

कभी जख्म हरे हो जाते हैं तो कभी बीता हुआ जमाना याद आता है.
कभी कोई मिलकर बिछुड़ जाता है तो कभी बचपन का कारवां सामने से गुजर जाता है.

ये पल ही होते हैं जो हमें जिंदा रखते हैं. बड़ा होते होते तो हम जजमेंटल बनते जाते हैं.

आइए. कुछ ऐसे कोट्स को लाइफ़ में अपनाएं जो हमें जिंदा रखें, आबाद रखें और सबके लिए अच्छा सोचते हुए आगे बढें. 

दुआएं लें, दुआएं दें. कामयाब हों और जिंदगी को रोकिंग बनाएं. दूरियां मिटाएं. रिश्तों की वफादारियां निभाएं. किसी रोते हुए को हसाएं.

आओ फ़िर से बचपन में जाएँ. एक बच्चे की तरह जीवन को आसां बनाए.

Quote: कोई भी आदमी गलतियों का पुतला नहीं है. केवल गलतफहमियों का शिकार है.

Quote: किसी की कोई बादशाहत नहीं होती. वक़्त सबसे बड़ा बाज़ीगर है.

Quote: आपके पास पैसा है या नहीं, ये इतना मायने नहीं रखता जितना कि ये कि आप किन चीज़ों पर मुस्कुराते हैं या चिल्लाते हैं?

Quote: मैं इतनी सारी जमीन – जायदाद का मालिक हूं, इसके बजाय आप अगर ये कहें कि थैंक यू धरती माँ, आपने मुझ पर इतनी कृपा की. ये अप्रत्याशित रूप से सब कुछ बदल सकता है. आप को भी. आपके आस-पास को भी.

Quote: प्रसिद्ध या बदनाम होना आपके हाथ में नहीं होता. ऐसी Circumstances अपने आप पैदा होती हैं और एक समय बाद अपने आप ख़त्म भी हो जाती हैं.

Quote: जब आप दूसरों की बेबसी का मज़ाक उड़ा रहे होते हैं, ठीक उसी समय से बेबसी आपका इंतजार करना शुरू कर देती है.

Quote: केवल शून्य यानि जीरो (0) ही अमर रहेगा. बाकि सब इसके आस-पास बढ़ता-घटता रहता है. 0 से सबकी यात्रा शुरू होती है और 0 पर आकर ही थम जाती है.

Quote: आप हमेशा स्वस्थ नहीं रह सकते. आप बस कोशिश कर सकते हैं. लेकिन 24 घंटे कभी भी एक जैसे नहीं बीत सकते. जैसे भी रहें, मस्त रहें.

Quote: उदास रहना भी कभी-कभी उतना ही ज़रूरी हो जाता है, जितना कि ख़ुश रहना. नेगेटिव के बिना अकेले पॉजिटिव से क्या करंट मिलेगा? ये आपको नयी एनर्जी देता है. और expectations कम करता है.

Quote: दो इंसानों की लड़ाई में कोई इंसान नहीं हारता. हारती है तो केवल इंसानियत और जीत जाता है वहम. और वहम का कोई इलाज़ नहीं.

Quote: ईश्वर से ज्यादा शिकायत करने से पहले अपने जिंदा रहने का शुक्रिया ज़रूर अदा करें. आपकी शिकायतें धीरे-धीरे कम होना शुरू हो जाएंगी.



Sep 23, 2018

एक बार एक बिजनेसमैन ने सोचा ?






चाहे हम कितनी ही बड़ी Post पर हों या हमारी हैसियत का लोहा पूरी दुनिया मानती हो. बावजूद इसके, हमें हर बात की सही-सही Knowledge हो ही, ये हमेशा ज़रूरी नहीं होता.

इसलिए कभी भी किसी बात को बिना पूरा जाने, बिना समझे और जल्दीबाज़ी में ग़लत समझने की भूल ना करें. कई बार हमसे भी गलती हो सकती है. हर समय सामने वाला ही ग़लत हो, ये Misunderstanding भी हो सकती है. ऐसा ही कुछ हुआ टापू के उस राजा के साथ.

आइए, एक छोटी सी स्टोरी से ये समझने की कोशिश करें कि ग़लती हो भी जाए तो उसे सुधारा कैसे जा सकता है?

बात पुराने समय की है. एक बार एक व्यापारी यानि बिजनेसमैन ने सोचा कि क्यों ना, इस बार किसी ऐसी जगह पर बिज़नेस किया जाए, जहां पर कोई गाय के बारे में नहीं जानता हो. ये सोच कर उस व्यापारी ने एक गाय खरीदी और एक ऐसे ही टापू पर चला गया, जहां पर आज तक किसी ने गाय को नहीं देखा था. वहां जाकर उसने उस टापू के कबीले वाले राजा से कांटेक्ट किया और उसे अपने बिज़नेस के बारें में बताया. राजा ने कहा कि हमारे कानून के मुताबिक आपको कुछ टैक्स देना होगा. व्यापारी ने कहा ओके और बोला कि मैं आपको Daily कुछ ना कुछ नया उपहार दिया करूंगा और इसे ही आप मेरा टैक्स मान लें. 

राजा ने परमिशन दे दी. व्यापारी ने काम स्टार्ट कर दिया. अपने वादे के मुताबिक वो रोज राजा को कभी दूध तो कभी दही. कभी लस्सी तो कभी मक्खन तो और कभी-कभी घी ले जाकर दे देता. राजा जब इन चीज़ों को खाता तो बहुत ही खुश होता. वो व्यापारी से मिलने वाले इन डेली गिफ्ट्स से बेहद ख़ुश था.

समय के साथ व्यापारी का सारा सामान बिक गया और वो वापिस अपने घर जाने की तैयारी में लग गया. जब वो जाने लगा तो राजा ने कहा कि आपने मुझे बहुत ही नायाब गिफ्ट्स दिए हैं. आप जाते जाते मुझे वो गिफ्ट बनाने वाली चीज़ दे जाओ ताकि आपके जाने के बाद भी मैं उससे वो गिफ्ट्स ले सकूं. 

व्यापारी ने ख़ुशी ख़ुशी अपनी गाय राजा को भेंट कर दी और वहां से चला गया.

राजा ने उस गाय के चारों तरफ़ अपने सिक्यूरिटी गार्ड्स तैनात कर दिए और उन्हें आदेश दिया कि जब भी ये कोई गिफ्ट दे तो वो सबसे पहले तुम मुझे लाकर दोगे.

थोड़ी देर के बाद गाय ने अपना मूत्र त्याग किया तो गार्ड ने वो मूत्र एक बर्तन में डालकर राजा को दे दिया. राजा ने उसे चखा तो वो स्वादिष्ट नहीं लगा. थोड़ी देर बाद गाय ने गोबर कर दिया तो गार्ड ने वो भी ले जाकर राजा को दे दिया. राजा को वो भी अच्छा नहीं लगा.

अब तो राजा बहुत ही नाराज़ हुआ और उसे लगा कि उस व्यापारी ने हमें धोखा किया है. राजा ने तुरंत अपने सिपाहियों को आदेश दिया कि जाओ और उस व्यापारी को पकड़ कर लाओ. व्यापारी तो अभी कुछ ही दूर गया था. सिपाही उसे पकड़ कर अपने राजा के पास ले गए.
राजा ने तमतमाते हुए कहा कि आपने मेरे साथ धोखा क्यों किया?
व्यापारी ने कहा कि मैंने आपको कोई धोखा नहीं दिया है. और फिर उसने गाय से दूध निकाल कर राजा को दिया और दही जमाकर राजा को खिलाया. फिर लस्सी, मक्खन दिया और घी भी दिया.
तब राजा को यकीन हुआ और समझ में आया कि जब तक सही जानकारी न हो, तब तक मूल्यवान वस्तु भी हमारे लिए किसी काम की नहीं होती. फिर राजा ने उस व्यापारी को खूब ईनाम देकर Respect के साथ विदा किया.

सार:
जब तक हमें किसी चीज़ के बारे में पूरी और सही जानकारी ना हो, तब तक हम उसका सही तरीके से यूज़ कर ही नहीं सकते.