Oct 20, 2018

कम्युनिकेशन = 20% नॉलेज + 80% फीलिंग ऑफ़ That नॉलेज








जिम रॉन. पूरा नाम - इमानुअल जेम्स रॉन

जन्म – 17.09.1930 वाशिंगटन

मृत्यु – 05.12.2009 कलिफोर्निया

कहां – कहां एक्टिव रहे – लेख़क, पॉजिटिव स्पीकर, बिजनेसमैन

फेमस बुक लिखी - Five Major Pieces to the Life Puzzle (1991)



जिम के सोचने का तरीका अलग था. इसे ही उन्होंने दुनिया में बांटा और लोगों को सोचने के सही लॉजिक के बारे में जागृत किया. उनके कुछ छोटे-छोटे और तर्कसंगत कथन ये रहे आपके सामने.

Quote : Learning स्वास्थ्य की शुरुआत है. Learning पैसे की शुरुआत है. Learning आध्यात्मिकता की शुरुआत है. Learning और Searching जहां हैं, वहीं से चमत्कार की सारी प्रक्रिया शुरू होती है.


Quote : जो कोई भी लोगों को Service यानि सेवा देता रहता है, वह खुद को महान संतुष्टि, महान आनंद और महान प्रेम की केटेगरी में खड़ा पाता है.


Quote : आप एक ही रात में अपना भाग्य नहीं बदल सकते. लेकिन आप आप एक ही रात में अपनी Policy या नीयत बदल सकते हैं.


Quote : सफलता मतलब – डिसिप्लिन बेस्ड कुछ सरल बातों का  रोजाना पालन करने से ज्यादा कुछ नहीं है.


Quote : आप अपने काम को करने से पहले अपने आप को पूरी मजबूती से तैयार करो.


Quote : कम्युनिकेशन = 20% नॉलेज + 80% फीलिंग ऑफ़ That नॉलेज


Quote : आप परिस्थितियों, मौसम, या हवा को नहीं बदल सकते हैं, लेकिन आप ख़ुद को बदल सकते हैं. बस यही कुछ आपकी जिम्मेदारी है. आपको व्यक्तिगत जिम्मेदारी लेनी सीखनी ही चाहिए.


Quote : Maturity क्या है? -  विपरीत हालात होने पर भी, बिना किसी Sorry या Complaint के आगे बढ़ जाने की योग्यता.


Quote : औपचारिक शिक्षा आपको जीविका देगी लेकिन स्व-शिक्षा आपका भाग्य बना देगी.


Quote : किसी पर दबाव मत डालो. दूसरों को छोटा जीवन जीने दो, लेकिन ख़ुद ऐसा मत करो. दूसरों को छोटी - छोटी बातों पर बहस करते रहने दो लेकिन तुम मत करो. दूसरों को छोटी – छोटी  तकलीफों पर रो लेने दो, लेकिन तुम ऐसा मत करो. दूसरों को अपना भविष्य किसी और के हाथों में सौपने दो, लेकिन तुम अपने भाग्य-निर्माता स्वयं बनो. ये सच का सामना करने जैसा है. फेस टू फेस.


Quote : आप Decision लिये बिना Progress कर ही नहीं सकते. यह मायने नहीं रखता कि आपने किसी Problem से कब और कैसे निजात पाई. निजात पाना ही सबसे ज्यादा Importance रखता है.


Quote : लाइफ़ का सिंपल फंडा - यदि आप अपने लक्ष्यों पर काम करते हैं तो आपके लक्ष्य आप पर काम करेंगे. और यदि आप अपनी योजना पर काम करते हैं, तो आपकी योजना आप पर काम करेगी.


Quote : यदि आप अपने जीवन की Planning ख़ुद तैयार नहीं करते हैं तो संभावना ये बन जाती है कि आप किसी और की Planning में फंस जाओ. अब Guess करो कि कोई और आपके लिए क्या Planning बना सकता है? क्या कुछ और कहने की ज़रूरत है?


Quote : यदि आप Analog (उतार-चढ़ाव वाले) Risks लेने के लिए Prepare नहीं हैं तो आपको साधारण जीवन के लिए ही Compromise करना होगा. लेकिन याद रहे कि दोनों Situations में आपको कम से कम ख़ुश रहना तो सीख ही लेना चाहिए.


Quote : बदल डालो. अगर चीजें आपके पक्ष की नहीं हो रही हैं तो उन्हें बदल डालो. आप कोई पेड़ नहीं हो.


Quote : Happiness वो Product नहीं है जिसे आप Future के लिए Postponed कर दें. यह आप के Present के लिए है.

उस दिन सुबह के लगभग 11 बजे की बात है.







ये कहानी है एक 30 साल के लड़के की. कैसे उसकी 1 गलती ने उसके 12 साल तबाह कर दिए? और फ़िर वो जिंदा कैसे हुआ? उसकी जुबानी सुनिए उसके बदलाव की कहानी.

चिंता और टेंशन ने मेरी लाइफ़ के वो बेहतरीन 12 साल ख़राब कर दिए. वो साल जो किसी की भी लाइफ़ के सबसे बेहतरीन साल होने चाहिए. यानि 16 से 28 साल की उम्र का सफ़र. जोश भरा होने वाला सफ़र मेरे लिए बिलकुल अलग था. 

मेरे लिए ये दौर उदास, निराश, हताशा से भरा था. अब जब मेरा वो टाइम गुजर चुका है तो मैं घर की खिड़की किनारे, हाथ में चाय का प्याला लिए, बैठा हुआ सोचता हूं कि मुझसे बड़ा बेवकूफ इस दुनिया में शायद ही कोई और होगा. 

मेरे ये 12 साल किसी और की वजह से नहीं बल्कि सिर्फ़ और सिर्फ़ मेरी गलती से ख़राब हुए.

दरअसल मैं आज से 2 साल पहले तक ख़ुद को चिंता का जलता हुआ पहाड़ बना चुका था. मैं हर चीज़ को लेकर कुछ ज्यादा ही चिंता और तनाव में रहता था. अपनी पढाई, फिर अपनी नौकरी, अपने परिवार को लेकर मैं हमेशा डरा हुआ महसूस करता था. मैं नहीं जान पा रहा था कि मेरे अंदर अपने लिए इतनी हीन भावना क्यों भर गयी है?

आप यकीन नहीं करेंगे कि उन दिनों मैं इतना डरा हुआ फील करता था कि अपने जानकारों को सामने से आता देख कर मैं रास्ता बदल लिया करता. अपने किसी फ्रेंड से मिलते हुए मैं ऐसे जताता जैसे मैंने उसे देखा ही नहीं. ऐसा इसलिए होता था क्योंकि मुझे डर था कि ये लोग किसी ना किसी बहाने नुझे नीचा दिखाने की कोशिश करेंगे. ऐसी घबराहट के चलते मैं कई बार क्लास में फेल होते होते बचा. और तो और मुझे जल्दी-जल्दी अपनी Job बदलनी पड़ी क्योंकि मुझे हमेशा ये डर सताता रहता कि मैं नौकरी देने वालों को ये कैसे बताऊंगा कि मैं उनके लिए क्या कर सकता हूँ?

कुछ सालों बाद भगवान ने मेरी सुन ली. इन्हीं उलझनों से झूझता हुआ एक दिन मैं शाम को Ear फ़ोन लगाकर अपना पसंदीदा गाना सुन रहा था और इसी दौरान मैंने उस दिन के ऑफिस के काम को याद करते-करते चिंता और तनाव से मुक्ति पा ली.

बस वो दिन है और आज का दिन. तबसे लेकर अब तक मुझे एक बार भी कोई डर नहीं लगा और आज मैं जिंदा हूं और ख़ुश भी. ये बात मुझे बहुत सकून देती है. 

आपको पता है उस दिन ऐसा क्या हुआ जो मैं बदल गया? हुआ ये कि उस दिन सुबह के लगभग 11 बजे की बात है. मैं ऑफिस में अपना काम निपटा रहा था. किसी काम से एक 55 साल का आदमी मेरी टेबल पर आया. वो बेहद अमीर और हंसमुख नेचर का लग रहा था. मुझे उसका कुछ डॉक्यूमेंटेशन का काम करना था. मैंने उनका काम समय रहते पूरा कर दिया. वो इस बात से बड़ा खुश हुआ. 

जब वो मेरी टेबल छोड़कर जाने लगा तो उत्सुकतावश मैंने उनसे उनके ही बारे में पूछ लिया क्योंकि मैं उनसे थोड़ा इम्प्रेस हो गया था. मुझे लगा ये आदमी कहीं ना कहीं मेरे काम आ सकता है. वो आदमी वापिस मेरे आगे बैठा और उसने 5 मिनट में मुझे जिंदगी का पाठ पढ़ा डाला. 

उसने बताया कि मेरे माता-पिता बड़े अच्छे परिवार से थे. हमारे कई सारे बिज़नेस थे. बहुत अच्छा पैसा और इज्ज़त भी. करीब 4 साल पहले अचानक बिज़नेस में घाटा लगना शुरू हुआ. जब तक हम समझ पाते कि क्या हुआ, हम लुट चुके थे. ऐसी हालत देख के पहले पिता जी को हार्ट-अटैक आ गया और वो चल बसे. उनके जाने के कुछ दिनों बाद मेरी माँ ने भी आँखे मूंद ली. मैं, मेरी पत्नी और मेरे 2 बच्चे अब लगभग लावारिस अवस्था में आ चुके थे. हमें आगे का कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था. बिज़नेस के लेन-देन के चलते अब सिर्फ़ एक घर हमारे पास रह गया था. रोजी-रोटी के लिए उसे भी गिरवी रखने की नौबत आने लगी थी. रोज वकीलों से मिलना, पुराने लोगों के हिसाब-किताब चुकता करते करते मैं तंग आ चुका था और आत्महत्या की सोचने लगा था. अपने मासूम बच्चों की शक्ल देख कर मुझे रोना आता था. 

मेरी पत्नी अपना दुःख किसी को बता भी नहीं सकती थी. वो दिन नहीं थे. वो बेबसी की इंतहा थी.

उसकी कहानी सुन कर मेरी हालत पतली हो गयी थी. मैं ये समझ ही नहीं पा रहा था कि कैसे React करूँ? उसके दर्द के सामने तो मेरी परेशानियां कुछ भी नहीं थी.

हिम्मत करके मैंने पूछा – तो आपने वापसी कैसे की?

उसने कहा कि मेरा बचपन का एक फ्रेंड था जो मुझसे हमेशा प्यार करता था. मैंने उसको एक दिन फ़ोन करके अपने घर बुलाया और सारी बात बताई. उसने कुछ भी देर ना करते हुए मुझसे एक ख़ाली पेपर और पेंसिल लाने को कहा. मैं ले आया. फ़िर उसने कहा कि तुम पेपर को 2 पार्ट्स में डिवाइड कर लो. लेफ्ट साइड में अपनी सारी चिंताओ को लिख दो और राईट साइड में चिंताओं के कारण लिख दो. मैंने वैसा ही किया. 

फ़िर उसने कहा कि हम 15 दिन बाद मिलेंगे और देखेंगे कि क्या हुआ. मैंने कहा ओके. उसने जाने से पहले कुछ फाइनेंसियल टिप्स दिए और चला गया.

15 दिन बाद हम मिले तो उसने कहा कि आज तुम फ्रेश लग रहे हो. मैं मुस्कुरा दिया. इन 15 दिनों में मुझे चिंता नहीं हुई थी. जो प्रोब्लेम्स मैंने पेपर पर लिखी थी, उनमें से अधिकतर प्रोब्लेम्स आई ही नहीं.

बस उस दिन मुझे जीने के तरीके का सही पता चला और तबसे आज तक मैं ऐसे ही पेपर और पेंसिल की मदद से लाइफ़ को Simplify करता रहा हूं और मुस्कुराता हूं. ऐसा कहकर वो आदमी चला गया.

उसकी कहानी ने मेरे सोचने के तरीके को बदल डाला. मैंने भी उसके फ्रेंड के तरीके का यूज़ करना शुरू किया और आज चिंता मेरे आस-पास भी नहीं फटकती. अब मैं सबसे ख़ुश होकर मिलता हूं. नौकरी भी ख़ुश होकर करता हूं और दोस्तों के साथ दिल खोलकर मिलता हूं. 

मैं जान गया हूं कि मेरे हाथ में कुछ भी नहीं है सिवाय इसके कि मैं अपने डर के सही कारणों को समझूं और सही फ़ैसले लेना सीख सकूं.


(इमेजिनेशन पर आधारित प्रेरणात्मक लेख)
  

Oct 19, 2018

Week में 1 दिन डिजिटल उपवास






इंटरनेट के शानदार इस्तेमाल ने जहां घर बैठे कई सुविधाओं को ऑनलाइन तरीके से भारत के युवाओं और बच्चों तक पहुंचा दिया है, वहीं नई – नई अजीबोगरीब मानसिक और शारीरिक मुसीबतों के बीच भी उलझा दिया है.

फ्री इंटरनेट और सोशल मीडिया का चस्का इंडिया को लग चुका है. जहां Updation के लिए अच्छा संकेत है वहीं लिमिट से ज्यादा यूज बेहद Surprising.

ये तो सबको मान ही लेना चाहिए कि कम से कम  इंडिया अब Digitally Develop हो चुका है. 
क्यों और कैसे ??
15 साल के बच्चे को भी पता है कि 45 साल का आदमी क्या-क्या कर चुका होता है. इतनी Advanced डेवलपमेंट तो शायद ही पहले कभी हुई हो. इससे जहां हर चीज़ की नॉलेज बच्चे को हो गई है वहीं अब उसकी Curiosity, Naturality और इमोशनल अटैचमेंट पर भी डिजिटल Tag लग चुका है. ये कमाल हो गया है. क्या नहीं हुआ है ? 

अब ये तो सिस्टम मेकर्स पर हैं कि वो इसे प्रतिभा का सही Use Declare करें या फ़िर ये कि पुरानी सभी शिक्षाएं तो सिर्फ़ बचकानी थी. क्योंकि रियल सिचुएशन अब ये है कि बैलेंस करना भारी पड़ रहा है.

यूथ अब सिर्फ़ एक तरफ़ ही मूव कर रहा है. यानि डिजिटल जीना, डिजिटल सोचना, डिजिटल जागना, डिजिटल सोना, डिजिटल पढ़ना, डिजिटल Parenting, डिजिटल रिश्ते, डिजिटल लव, डिजिटल हेट और डिजिटल स्वभाव.
Artificial Intelligence का इससे महानतम रूप और हो भी क्या सकता है? 

एक नज़र दौड़ा लेते हैं आज के युग के बच्चों के विकास में आधुनिक डिजिटल मीडिया के फ़ायदे और साथ ही फ्री मिल रहे उन नुकसानों पर जो बाद में बहुत महंगे पड़ सकते हैं.

डिजिटल युग के फ़ायदे
लेटेस्ट चीज़ों की तुरंत जानकारी

लाइफ़ आसान कर देने वाली सुविधाएं

शारीरिक भागदौड़ कम या लगभग ख़त्म

कुछ सीखने की जरुरत ख़त्म. नेट पर देखो और सिख लो कल्चर का विकास

किसी से कुछ भी सीखने की ज़रूरत गायब. ख़ुद गुरु, ख़ुद चेले

हाथ में स्मार्ट फ़ोन. मॉडर्न होने की पहचान. किसी पड़ोसी की ज़रूरत कहां? और किसलिए? सब ऑनलाइन. फ़ास्ट. इजी. नो Arguments. नो खिच- खिच


बॉडी रिलैक्स्ड. माइंड ऑलवेज Engaged. एक्टिव. शार्प. इमोशनलेस. प्रैक्टिकल बच्चा. कामयाबी की गारंटी.


किताबों का झंझट ख़त्म.


हाथ में जादू की छड़ी. जहां मर्ज़ी, जैसे मर्ज़ी घूमा दो.


अब ढेर सारी हैप्पीनेस और एंटरटेनमेंट ऑनलाइन Available. किसी और से क्या लेना.


10 साल की उम्र में 30 साल का Developed माइंड. इससे ज्यादा investment और कहां? और कितना निखार चाहिए था ?


ऑनलाइन जनरेशन. ऑनलाइन Expectation. ऑनलाइन Thoughts. ऑनलाइन सोच. ऑफलाइन कट. सब झट-फट.


डिजिटल युग के नुकसान
जल्दबाजी की आदत – फ़ास्ट सोचने की वजह से


Jealous होना – दूसरों को इन्फीरियर देखने की वजह से


गुस्सा और नफ़रत – मनमाफ़िक कुछ ना होने या कम होने की वजह से


फेसबुक पर अपने कमेंट पर Like कम मिले या नहीं मिले तो सीधे Depression और एंग्जायटी


Whats-app पर Quick Response नहीं मिला तो रिश्ता ख़त्म


लगातार मोबाइल यूज़ करते रहने से बैचनी, घबराहट और बेवजह का डर लगना


हाथ की उंगलियों में और कलाइयों में दर्द


आंखों में खुजली


स्पॉन्डिलाइटिस


सामाजिक रिश्तों में सच की जगह ऑनलाइन Sympathy का जलवा


बिना काम किसी से बात करना. मदद लेना – देना बंद


माइंड से जुड़ी नई बीमारियों का विकास


क्रिएटिविटी कम, फ़ास्ट Revision मॉडल


स्कूल और घर में पढाई से ध्यान भटकना


सब कुछ जानने की जल्दी. ख़ुद को और अपनों को टाइम देना मुश्किल


माइंड बिजी तो लगता है कि लाइफ़ बिजी. Actual में ऐसा नहीं है


नींद का बहुत कम हो जाना या बिलकुल ही नहीं आना


फिजिकल एक्टिविटी बंद. सिर्फ माइंड एक्टिव. बॉडी फैटी



तो अब सबसे ज्यादा Need किस बात की है?
एक ब्रेक की. जैसे ज्यादा खाने से पेट ख़राब हो तो एक दिन उपवास रख लेना चाहिए ताकि नार्मल सिचुएशन आ जाये. वैसे ही डिजिटल मीडिया की ज्यादा डोज़ से बचने का उपाय है – डिजिटल उपवास. बीच – बीच में ये उपवास रखते चलिए. ठीक रहेगा. नहीं तो हर दिन दशहरा ना हो जाए. मतलब ये कि बच्चों के रोज-रोज पटाखे ना बजें और माइंड में Pollution ना हो तो उनकी डिजिटल सफ़ाई कराते रहिए. आप भी अपना ध्यान रखिए.

हैप्पी दशहरा. अच्छा लीजिए. अच्छा बाटिये.

Oct 18, 2018

बेटा अपनी माँ से नहीं तो और किससे बात करेगा?






माँ से जुड़े कुछ अनमोल थॉट्स. आज माँ के जन्मदिन पर समर्पित.


ना अपनों से खुलता है, न ही गैरों से खुलता है
ये जन्नत का दरवाजा है, बस माँ के पैरों से खुलता है.




George Washington
मेरी माँ दुनिया की वह सबसे खूबसूरत औरत थी जिसे मैंने कभी देखा था. आज मै जो कुछ भी हूँ अपनी माँ के कारण ही हूँ. मैं अपने जीवन में मिली प्रत्येक सफलता का श्रेय अपनी माँ की दी हुई नैतिक, बौद्धिक और शारीरिक शिक्षा को देता हूँ.

Robert Browning
मातृत्व : सारा प्रेम वही से आरम्भ और वही खत्म होता है.

Abraham Lincoln
मैं जो कुछ भी हूँ या होने की आशा रखता हूँ, उसका श्रेय मेरी माँ को जाता है.

Rudyard Kipling
भगवान सभी जगह नहीं हो सकते इसलिए उसने माँ बनायी.

Antonio Villaraigosa
मुझे एक ऐसी माँ के साथ बड़े होने का मौका मिला जिसने मुझे खुद में यकीन करना सिखाया.

Alicia Keys
यकीनन मेरी माँ मेरी चट्टान है.

Theodore Hesburgh
एक पिता अपने बच्चों के लिए जो सबसे प्रमुख चीज कर सकता है वो है उनकी माँ से प्रेम करना.

Abraham Lincoln
जिसके पास एक ईश्वरतुल्य माँ है, ऐसा कोई भी व्यक्ति गरीब नहीं हो सकता.

Billy Sunday
कला की दुनिया में ऐसा कुछ भी नहीं है जैसा की उन लोरियों में होता था जो माएं गाती थीं.

Donald E. Westlake
बेटा अपनी माँ से नहीं तो और किससे बात करेगा?

Sophocles
बच्चे माँ के जीने का सहारा होते हैं.

H. D. Balzac
एक माँ का ह्रदय वह अगाध खाई है जिसके तल में आप क्षमा को हमेशा पायेंगे.

George Eliot
ज़िन्दगी उठने और माँ के चेहरे से प्यार करने के साथ शुरू हुई.

Ralph Waldo Emerson
इंसान वो है जो उसे उसकी माँ ने बनाया है.

Princess Diana
मां की बाहों की तुलना में और अधिक आरामदायक कुछ नहीं है.

Henry Ward Beecher
हम माता-पिता के प्रेम के विषय में तब तक कभी नहीं जान पाते जब तक स्वयं ही माँ-बाप नहीं बन जाते.

T. Dewitt Talmage
माँ वह बैंक था जिसमे हमने अपने दुखों और चिंताओं को जमा किया था.

Jennifer Garner
मेरी माँ एक कठिन परिश्रमी हैं. वह अपने सिर को नीचे रखती हैं और वह खुश रहने का एक रास्ता ढूंढ लेती हैं. वह हमेशा कहती हैं, ‘खुशी आपकी ही ज़िम्मेदारी है.

Abraham Lincoln
मुझे अपनी माँ की दुआएँ याद हैं और उन्होंने सदा ही मेरा पीछा किया है. वे मेरी सारी जिंदगी मेरे साथ रही हैं.

Unknown
एक पुरुष का काम दिन निकलने से दिन छिपने तक है, लेकिन एक माँ का काम कभी पूरा नहीं होता.


Oct 17, 2018

या तो आप आभारी होंगे या भारी होंगे.







वो आदमी बड़ी तेजी से स्टेज पर आता है और फटाफट वो समझा जाता है, जिसकी जरुरत है.

वो आदमी यूथ के अंदर जोश जगाता है. उम्मीद दिखाता है और चला जाता है.

वो आदमी यानि आज के मोस्ट पोपुलर Motivational स्पीकर्स में से एक – विवेक बिंद्रा.

उनके बिंदास विचार. ये रहे आपके सामने.


Quote: आज का जमाना Physical नहीं Digital है.

Quote: असली सैनिक वो नहीं होता जो इसलिए लड़ता है कि सामने वाले से नफरत है. वो इसलिए लड़ता है कि पीछे वाले से उसको प्यार है.

Quote: जिम्मेदारी दी नहीं जाती. ली जाती है.

Quote: या तो आप आभारी होंगे या भारी होंगे.

Quote: कुछ लोग कहते हैं जो भी मेरे पास है सब बकवास है. और कुछ लोग कहते हैं जो भी मेरे पास है सब कितना खास है.

Quote: अगर Fruits चाहिए तो पहले Roots ठीक करो.

Quote: आपका पहला प्रोडक्ट सफल होने के लिए नहीं बनता है. पहला प्रोडक्ट केवल टेस्ट करने के लिए बनता है.

Quote: सबसे बड़े लीडर की सबसे बड़ी सक्सेस मंत्र ये है कि वो हमेशा ग्रेट स्टोरी के रूप में बातें करते हैं.

Quote: अगर कंपनी में खुशहाली आएगी तो सबका फायदा होगा.

Quote: इस दुनिया में दो Type के लोग हैं. A. - जो इतिहास रटने में अपना समय बिताते हैं. B. - जो इतिहास रचने में अपना समय बिताते हैं.

Quote: मेरे देश की जिम्मेदारी नहीं है मुझे आगे बढ़ाने की. बल्कि यह मेरी जिम्मेदारी है कि मैं अपने देश को आगे बढ़ाऊं.

Quote: आप परिस्थिति को दोष देते हैं लेकिन अपनी मनः स्थिति में सुधार नहीं लाते.

Quote: आप सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रहे हैं तो ठीक है. अगर सोशल मीडिया आपका इस्तेमाल कर रहा हैं तो गलत है.

Quote: बिजनेस में Expansion करते जा रहे हो. Gross Margin है नहीं तो समझो आप आत्महत्या करने जा रहे हो.

Quote: जिसके पास जनता है, उसकी संसार सुनता है.

Quote: रियल स्टेट के धंधे में Cash धीरे - धीरे आता है लेकिन मार्जिन 15% से 20%. और दुकानदार के धंधे के अंदर Cash बहुत तेजी से आता है लेकिन मार्जिन 4% से 5%.

Quote: भारत में आज की पढ़ाई बस डिग्री लेने के लिए हो रही है क्योंकि स्टूडेंट्स Well Filled Mind है, ना कि Well Formed.

Quote: बुद्धिमान आदमी इतिहास नहीं रचता. बुद्धिमान लोग इतिहास पढ़ते हैं. इतिहास तो पागल लोग ही रचते हैं.

Quote: Passion आपके दिमाग के अंदर होता है. Problem बाहर समाज में होती है. अगर हम इस Passion और Problem को 1 करके इसे प्रॉफिटेबल बिज़नेस में बदल दें तो जरा सोचिए क्या हो सकता है ?

Quote: अगर आप काम ना करने के बहाने ढूंढ सकते हो यक़ीनन काम करने के बहाने भी ढूंढ सकते हो.

Quote: आज भी जमाना इसी बात से खलता है कि यह आदमी इतनी ठोकर खाकर भी सीधा कैसे चलता है ?

Quote: जरूरी नहीं कि जो सारी रात जागता हो, वो आशिक ही हो. हो सकता है कि अपने देश के लिए मरने मिटने वाला सिपाही हो.

Quote: Passion वो चीज है, जिसके लिए आपको Salary ना भी दी जाए फिर भी आप उसे करने के लिए तैयार रहते हो.