Oct 25, 2018

फ़िर हम जितना जिएंगे, उसे पूरा 100 % जी सकेंगे.





बिलकुल साफ़ रास्ता. मिट्टी की महक लिए बनी हुई एक छोटी सड़क यानि पगडंडी. उसी रास्ते के किनारे एक बड़ा पेड़. पेड़ की छाँव तले बनी एक चौपाल. चौपाल पर मौजूद अपनी जिंदगी से हार चुका एक आदमी और साथ में बैठे रामहंस.

आदमी के मन में पूछने के लिए कुछ सवाल थे और रामहंस के पास जवाब. कमाल का Discussion हुआ.

सवाल नंबर 1 :
जीवन का असली मतलब और उदेश्य क्या है ?
Actual meaning and purpose of life ?

जवाब – तुम्हारी जिंदगी (Life) का असली मतलब तुम्हारी साँसों का चलते रहना है. जिस दिन ये बंद, उस दिन जिन्दगी भी बंद. जिंदगी का मतलब Success या Failure से बिलकुल भी नहीं है. ये सिर्फ Scaling है जो इंसान ने बना डाले ताकि वो बिजी हो सके और मरने के डर से दूर रहे. बस ये ही First और Last Truth है जिसे हम Accept नहीं करना चाहते.

मगर हां, लाइफ़ जीने के तरीके Different हो सकते है. अगर हम इस बात को ध्यान में रख कर आगे बढ़े तो भटकेंगे नहीं क्योंकि जागरूकता रहेगी कि हमारा सफ़र केवल कुछ पलों के लिए ही है. फ़िर हम जितना जिएंगे, उसे पूरा 100 प्रतिशत जी सकेंगे.

जहां तक जीवन के असली उदेश्य का सवाल है तो हमें “जियो और जीने दो” के Rule पर चलना सीखना होगा. बस तभी जीवन सार्थक माना जाएगा.


सवाल नंबर 2 :
गलत काम क्या होता है. क्या ये दूसरे लोग तय करते हैं ?
What is wrong doing? Is this decided by the others?

जवाब – आपके किसी काम से किसी दूसरे को या ख़ुद को भी कोई भी शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान हो तो वो काम गलत होगा. इसके सिवा कोई काम गलत नहीं है. 

अगर तुम्हें कोई काम पसंद है और उससे किसी का कोई Loss नहीं हो रहा है तो तुम्हें किसी की परवाह किए बिना वो काम करना चाहिए. ये तुम्हें अद्भुत मानसिक संतुष्टि प्रदान करेगा. तुम्हारे सिवाय कोई और तुम्हारे ग़लत या सही काम कैसे Describe कर सकता है?


सवाल नंबर 3 :
सफलता का अर्थ क्या है ?
Meaning and criteria of success ?

जवाब – सफलता का अर्थ है तुम्हारी ख़ुशी (Happiness) और संतुष्टि (Satisfaction). अगर किसी काम को करने के बाद तुम्हें ये दोनो चीज़ें मिल गयी तो समझ लो कि तुम सही मायने में सफल हो गए.

सफलता का meaning पैसा, शोहरत, जीतना - हारना ये सब नहीं है. ये तो तुम्हारी इच्छा, जरुरत या ख्वाहिशों के नाम हैं और ये हर किसी के लिए अलग अलग होती है. तुम अपने आस-पास देखो. कई लोग गरीबी में भी मस्त हैं, जिंदा हैं और कई अमीरी में भी मरे हुए मालूम होते हैं. 

तुम कंफ्यूज हो बस इसलिए निराश हो. अपने मन से बात करो. जो चीज तुम्हें ख़ुशी और संतोष दे रही है, उसे कर लो. दूसरों की नक़ल करोगे तो कुछ भी नहीं बचेगा.


सवाल नंबर 4 :
दुख का मूल कारण क्या है?
Root cause behind the sorrow and the sadness?

जवाब – दुख का सबसे बड़ा सिंपल और सहज कारण है - अपने आज में नहीं जीना. जो Available है, तुम उसका सुख नहीं लेते हो और Future या Past की चिंता में डूबे रह जाते हो. 

अपने अतीत से सबक लेकर आगे बढ़ो. अपने आज को अच्छा और ख़ुशनुमा बना लो. भविष्य अपनी चिंता ख़ुद कर लेगा.

Oct 24, 2018

ये खुशी की तरफ़ बढ़ते कदमों की आहट है. समझिए जनाब.






जब भी आपको कभी समय मिले तो एक काम ज़रूर करके देखिएगा. सिर्फ़ 60 seconds के लिए अपने दिमाग में चल रहे विचारों को ऐसे observe करें जैसे आप इन विचारों को बस एक listener बन कर सुन रहे हों. 

इससे 4 बेहतरीन फ़ायदे होंगे.


फ़ायदा नंबर 1:
पहला फ़ायदा तो ये होगा कि आपका mind तुरंत रिलैक्स हो जाएगा. उसे भी कई सालों बाद एक break मिला है. उसके लिए ये किसी party-time से कम नहीं होगा.


फ़ायदा नंबर 2:
दूसरा बड़ा फ़ायदा ये होगा कि आप देख पायेंगे कि आपका mind कौन-कौन से विचारों को priority दे रहा है?

आपका mind एक समय में या तो positive thought पैदा करता है या के negative thought. 60 सेकंड्स में आप जान लेंगे कि अब तक कौन से थॉट्स आपकी लाइफ़ में पावरफुल हैं? + वाले या फ़िर – वाले.

अब गौर फरमाइए क्योंकि जो आपके अंदर पावरफुल है, वो ही आपको संसार में पावरफुल दिखाई देती है. सोच कर देखिए. कोई और नहीं, केवल आप अपनी सोच के लिए ज़िम्मेदार हैं.

है ना magic.


फ़ायदा नंबर 3:
तीसरा बड़ा फ़ायदा ये होगा कि आप आसानी से जान पाएंगे कि आपकी लाइफ़ में भागदौड़ कितनी है?

इन 60 सेकंड्स में आप देख कर हैरान हो सकते हैं क्योंकि आपके माइंड में थॉट्स travel कर रहे हैं. अब उनकी travelling speed आप आसानी से feel कर सकते हैं.

अगर speed ज्यादा तेज लगे तो समझ जाइए कि mind में भागमभाग बहुत है. आपको उसे थोड़ा rest देने की प्लानिंग कर लेनी चाहिए. ये signal है कि आपको थोड़ी फिजिकल एक्सरसाइज करते रहने पर फोकस कर लेना चाहिए. अभी सिर्फ़ माइंड एक्सरसाइज चल रही है. इसे बैलेंस करने का समय है. 

और अगर स्पीड कम है तो माइंड कम परेशान है. शायद आप already फ़िटनेस follower है. ये अच्छा संकेत है. इसे चलते रहने दें. 

हां माइंड में dullness नहीं होनी चाहिए. ये आपको एक्टिव नहीं होने देगा.

ध्यान रखिए कि माइंड भी एक मशीन है. इसको उसी तरह से चलाइए कि ये ना ज्यादा घिसे और ना ही इसे जंग लगे.


फ़ायदा नंबर 4:
चौथा सबसे बड़ा और लाइफटाइम फ़ायदा – आप लाइफ़ का असली meaning समझने की तरफ़  क़दम बढ़ा लेंगे. ये यक़ीनन शानदार होगा. क्योंकि अब आपका माइंड रिलैक्स होने के साथ-साथ थोड़ा memory space भी रिलीज़ करेगा.

इससे आप नए और अच्छे विचारों का स्वागत करने योग्य बनने लगे हैं. कल तक तो वो ही पुराना कचरा बार-बार घूम रहा था. आज कचरा कम हो रहा है. आने वाले कल में और कम हो जाएगा.

ये नयी फ़सल को बोने जैसा होगा और आपको नई सोच प्रदान करेगा. अब आपके thankful होने का समय आ गया है. ये खुशी की तरफ़ बढ़ते कदमों की आहट है.


आहट समझिए जनाब.

Oct 22, 2018

अरे ये क्या ? तक़दीर ने अचानक फ़िर से पलटी मार दी ? Surprised ?








कभी कभी अपनी पसंद का कुछ भी ना होना. ये अक्सर हो जाता है. अचानक से. बिना जाने. बिना समझे. 

बस पलक झपकी नहीं के वो हो जाता है जिसका अंदाजा तक नहीं होता. आप अनुमान लगाएं उससे पहले ही कुछ ऐसा हो जाता है. लेकिन हर चीज़ जो आपने नहीं चाही और वो हो गई. ये होता है. होगा भी. ये आपके हाथ में नहीं होता. कभी होगा भी नहीं.

पर ये दिलचस्प है. ये अनोखा है. ये ही सरप्राइज है. अगले पल क्या होगा, ये कोई जान भी कैसे सकता है? आप सिर्फ़ अपने एक्सपीरियंस के base पर Guess ही कर सकते हैं.

लाइफ़ का ये ही रहस्य है. सबसे सुलझी पहेली. 

ये भूलभलैया की तरह है. जहां जाना था, वो रास्ता मिलता नहीं और जो अगर रास्ता मिल भी गया तो आगे दूसरे मोड़ पर कोई और रास्ता आपका हमसफ़र बनेगा.

जीवन T-20 मैच की तरह है. पहली गेंद पर आपने Sixer मारा और अगली गेंद पर बोल्ड. आप उदास कि ये क्या हुआ? आप मैदान छोड़कर जाने लगते हैं कि अचानक आपको पता चलता है अंपायर ने नो बाल कह दिया. 

आपकी उदासी अब ख़ुशी में बदल गयी. जैसे ही आप पिच पर वापिस लौटे, दूसरी टीम के कप्तान ने थर्ड अंपायर की मदद ली. अरे ये क्या? रीप्ले में साफ़ पता चल रहा है कि वो नो बाल नहीं थी. अब ??? 

अरे ये क्या ? तक़दीर ने अचानक फ़िर से पलटी मार दी? क्यों?  

बस जीवन कुछ ऐसे ही गेम खेलता है. सब के साथ. कोई कुछ नहीं कर सकता सिवाय इसके कि जो है उसे सहज ही स्वीकार कर ले. Otherwise तनाव तो रहेगा ही.

और समझदारी क्या है? ये आप कहीं ज्यादा बेहतर जानते है.

हौसला बनाए रखना है. मुस्कुराना भूलना नहीं. दर्द पीना हो होगा. एक दिन आपका भी आएगा. हर किसी का आता है. लम्बे इंतजार का मतलब फेलियर नहीं है. इसका मतलब साफ़ है – जो भी अच्छा बचा हुआ है, अब उसे पाने की बारी आ गयी है. बस इतना ही. ये इतना ही सब कुछ है. ये इतना ही चाहिए था. ये इतना ही आपको अमीर बना देगा.

अपने सही समय का इंतजार कीजिए. तब तक ईमानदारी से अपनी बैटिंग करते रहिए. आप भाग्यशाली हैं कि आपको बैटिंग करने का मौका मिल रहा है. जरा नज़र घुमा कर देखिए. कितनी ही आंखें ऐसी हैं जिन्होंने आज तक बल्ले को टच करके भी नहीं देखा. मैच खेलना और Sixer मारना या बोल्ड हो जाना तो बहुत आगे का मंजर है.

जिंदगी एक है. मन की आंखों से देखिए, ये बड़ी ही नेक है. आप यकीनन एक दिन इतिहास बना कर ही विदा लेंगे. और फ़िर बखूबी जान पाएंगे कि इस दुनिया में कितने सारे सुपरस्टार हैं जो लाइफ़ की पिच पर डटकर मुसीबतों का वैसे ही सामना कर रहें है जैसे कुछ देर पहले तक आप कर रहे थे.

दुनिया में हर कोई अपने हिसाब से मैच खेल रहा है. एक हारेगा तभी कोई दूसरा जीत सकेगा. एक साथ सब कैसे जीत सकते हैं? 

प्रकृति का नियम कोई तोड़ भी कैसे सकता है? लाइफ़ की इसी खूबसूरती का मज़ा लीजिए. अपनी बारी का इंतजार करना सीखिए. ये हर किसी के लिए मुमकिन है और यक़ीनन सही भी.

जीवन की इस कशमकश भरी कॉमेडी का आनंद लें. ये आज है. कल नहीं होगी. किसी के लिए भी नहीं. 

इसके लिए कोई सिकंदर नहीं है. ये आपको वहीं ले जाएगी, जहां ये आपको देखना चाहती है.