Oct 31, 2018

उन्होंने कुछ देखा और ये हो गया.





रचनात्मकता यानी Creativity.
है तो Confusing सा शब्द लेकिन इसकी Range बड़ी Wide है. ये आपको Mind Power के दर्शन करा सकता है. घर बैठे विदेश की सैर करा सकता है. पिकासो की तरह आपसे शानदार पेंटिंग करा सकता है. आपको ख़ुद से मिला सकता है. भीड़ से अलग आपका View डेवेलप करने में मदद कर सकता है. आपसे इनोवेटिव प्रोज़ेक्ट बनवा सकता है. आपके जीवन के मकसद को जानने में हेल्प कर सकता है. किसी भी चीज़ के अनछुए पहलू को तराशने की तरफ लेकर जा सकता है.

ये सिर्फ़ एक शब्द नहीं है, ये Inner Engineering है. ये दूसरों को बदलने जैसा नहीं है. ये Self Experimental Phenomenon है. ये कोयले से डायमंड बनाने की प्रक्रिया है. बशर्ते आप इसके साथ कदम से कदम मिला कर चलने का हौसला रख सकें.

रचनात्मकता से जुड़े कुछ विचार जो महान लोगों ने व्यक्त किए हैं, ये रहे आपके सामने.


Unknown
पाषण युग इसलिए ख़त्म नहीं हो गया था क्योंकि उनके पास पत्थर ख़त्म हो गए थे?


George Bernard Shaw
कल्पना शुरुआत है रचना की. आप वह कल्पना करते हो, जिसकी आपको इच्छा है. आप वह बन जाओगे जो आप कल्पना करते हो. और अंत में, आप उसकी रचना करोगे जो आप होओगे.


Steve Jobs
रचनात्मकता तो बस चीजों को जोड़ना है. जब आप रचनात्मक लोगों से पूछते हैं कि आपने यह कैसे किया? तो वे थोड़े शर्मिंदा महसूस करते हैं. क्योंकी वास्तव में उन्होंने यह नहीं किया होता है. उन्होंने कुछ देखा और ये हो गया. कुछ समय बाद उन्हें अपना काम सामान्य लगने लगता है.


Picasso
हर बच्चा एक कलाकार होता है. असली समस्या ये है कि आप बड़े हो जाने पर अपने अन्दर के इस कलाकार को जिंदा कैसे रखें?


Vincent Van Gogh
अगर आप अपने अन्दर एक आवाज़ सुनें कि “तुम पेंट नहीं कर सकते” तो पेंट करने की हर संभव कोशिश करें. और वह आवाज़ अपने आप गायब हो जाएगी.


Salvador Dali
अपनी स्वाभाविक क्रिएटिविटी करो. परफेक्शन की चिंता मत करो. आप वहां तक कभी नहीं पहुँच पाओगे.


Leo Burnett
जीवन के सभी पहलुओं के बारे में जिज्ञासा, मेरे अनुसार, महान रचनात्मक लोगों का रहस्य है. यानी जिज्ञासु लोग रचनात्मक होते हैं.


Ray Bradbury
सोचो मत. सोचना दुश्मन है रचनात्मकता का. यह संकोच भरा है और हर वह चीज़ जो संकोच से भरी है, भद्दी होती है. आप कोई चीज़ करने की कोशिश नहीं कर सकते. आपको तो सरलता और सहजता से चीजों को करना है.


Cecil B. DeMille
रचनात्मकता वह नशा है जिसके बगैर मैं नहीं रह सकता.


George Bernard Shaw
आप चीजों को देखते हैं और पूछते हैं कि क्यों? लेकिन मैं उन चीजों के सपने देखता हूँ जिनका अस्तित्व नहीं है और कहता हूँ “क्यों नहीं?”.


Albert Einstein
रचनात्मकता संक्रामक (फैलने वाली) है. इसे आगे बढ़ाते रहिए.


Theodore Levitt
रचनात्मकता नयी चीज़ें सोचना है. इनोवेशन यानी नया काम करना है.


Charles Brower
एक नया विचार बहुत नाज़ुक होता है. यह मर सकता है किसी की एक व्यंगात्मक मुस्कान या उपेक्षा की उबासी से. यह ख़त्म हो सकता है मजाक उड़ाने से और खत्म हो  सकता है क्रोधित होकर देखने से. इसे बचा के चलिए.


Alan Alda
रचनात्मकता वह स्थान है, जहां कोई पहले नहीं पहुंचा हो. तुम्हें अपने आराम के शहर को छोड़कर अपने अंतरज्ञान के जंगल में जाना ही पड़ेगा. तुम वहां जो पाओगे वह आश्चर्यजनक और सुखद होगा. वहां तुम अपने आप को खोज सकोगे.


Edward de Bono
बहुत सारे Ideas (नये विचार) होना अच्छा है, भले ही उनमें से कुछ गलत भी हों. इस बात से कहीं अच्छा कि आप हमेशा सही हों और आपके पास कोई idea ही ना हो.


Carl Ally
रचनात्मक व्यक्ति सब कुछ जानने की चाह रखता है. वह हर प्रकार की चीज़ों के बारे में जानना चाहता है. प्राचीन इतिहास, 19वीं सदी का गणित, उत्पादन की तकनीक. क्योंकि वह जानता है कि ये विचार मिलकर कभी भी एक नए Idea को जन्म दें सकते हैं. यह 6 मिनट बाद भी हो सकता है या 6 महीने बाद या 6 साल बाद भी. लेकिन उसे यह विश्वास होता है कि यह ज़रूर होगा. और ये हो जाता है.


Mary Lou Cook
रचनात्मकता नयी खोज करना है. नया प्रयोग करना है. Risk लेना है. नियमों को ब्रेक करना है. गलतियाँ करना है. और मज़ा करना है.


Lincoln Steffens
कुछ भी पूरा नहीं हुआ है. दुनिया में हर चीज़ करने या फिर से करने के लिए बाकी है. सबसे महान तस्वीर अभी पेंट किया जाना बाकी है. महानतम नाटक लिखा जाना अभी बाकी है. सबसे अच्छी कविता अभी गाई जाना बाकी है.


Henry David Thoreau
यह दुनिया कुछ भी नहीं है सिवाय कल्पना शक्ति के केनवास के.


Brenda Ueland
देखिये. कल्पना शक्ति को Mood की ज़रुरत होती है – लम्बे, बेकार, आनंदयुक्त आलस, व्यर्थ इधर उधर घूमने की.


Michele Shea
रचनात्मकता उसे देखना है जिसका अस्तित्व नहीं है. आपको यह पता करना है कि आप उसे कैसे बना सकते हैं? और यह एक तरह से ईश्वर के साथ मिलकर काम करने जैसा है.


Nolan Bushnell
हर व्यक्ति को नहाते वक़्त कोई नया Idea आता है. वह व्यक्ति बदलाव पैदा करता है जो शावर से निकलकर, कपड़े पहनकर अपने उस Idea के बारे में कुछ करता है.


Antoine de Saint
एक पत्थरों का ढेर तब तक ही पत्थरों का ढेर बना रहता है, जब तक की कोई व्यक्ति उसे ध्यान से ना देखे जिसके मन में गिरिजाघर की छवि बनी हो. और फिर वह पत्थर भी भगवान का घर बन जातें हैं. ये ही क्रिएटिविटी है.


Sir Joshua Reynolds
अविष्कार सही मायने में, कुछ हद तक एक नया जोड़ है उन तस्वीरों का जो की मस्तिष्क में पहले से ही जमा हैं. कुछ नहीं से, कुछ भी उत्पन्न नहीं हो सकता.


Erich Fromm
रचनात्मकता की शर्तें हैं:  समस्याओं का सामना करना, ध्यान लगाना, विरोधाभास को स्वीकार करना, हर दिन नया जन्म लेना और खुद को महसूस करना.


John Cage
मुझे समझ नहीं आता कि लोग नए विचारों से क्यों डरतें हैं? मैं तो पुराने विचारों से डरता हूं.


Joseph Chilton Pierce
एक रचनात्मक ज़िन्दगी जीने के लिए हमें गलत होने के डर को छोड़ना होगा.


Maya Angelou
आपकी रचनात्मकता कभी ख़त्म नहीं हो सकती. जितना आप उसका इस्तेमाल करेंगे, वह उतनी ही बढ़ती चली जाएगी.


John F. Kennedy
एक व्यक्ति मर सकता है. राष्ट्र का उत्थान और पतन हो सकता है. लेकिन एक विचार हमेशा जीता रहता है. वो अमर हो जाता है.





Oct 28, 2018

क्या पता, बात बन जाए.





आज आप Modern लाइफ़ स्टाइल में लगभग सब कुछ पा चुके हैं. सुख-सुविधाएं, स्टेटस, रुतबा, सोशल और मेंटल डेवलपमेंट, बेहतर से बेहतर क्वालिफिकेशन, चमत्कारिक एग्जाम ग्रेडस, गूगल देवता से हर तरीके का आशीर्वाद, शानदार नौकरी, व्यावसायिक संबंध और हमेशा के लिए समझदारी.

फ़िर ये अधूरापन लिए क्यों घूम हो आप?

अब क्या कमी रह गई है. कम्पलीट पैकेज है आपके पास. फ़िर ये उदासी बार बार घर क्यों कर जाती है? क्या खो गया है, जिसे तलाशना पेंडिंग रह जाता है हमेशा.

अरे, बेसिक लर्निंग तो पीछे ही छूट गई कहीं. प्रोडक्ट सामने है. फीलिंग मगर मिसिंग है. पैसे हैं, इमोशन खो गए. अमीर हो गए, अमीरी चली गयी. दिमाग चला तो दिल बैठ गया. भीड़ तो मिल गई, पर साथ कोई मिला नहीं. रिश्ते बेहिसाब बना डाले, मिठास गायब. 

मानव से रोबोट बन गए और मानवता फुर्र. पहचान ख़ूब बनी पर अपनी पहचान फुर्र. सब कुछ पा लिया लेकिन वो कोमल मुस्कान अब महंगी हो गई. अब नहीं आती.

ये क्या हो गया?

एडवांस लाइफ़ तो मिल गई. बेसिक होमवर्क किया ही नहीं था. अब वापिस लौट सकते नहीं और आगे कितना और पाना है और क्यों पाना है, इसका जवाब कहां मिलेगा?

साहब. सब जवाब आपके पास हैं. बाहर नहीं, आपके अंदर.  
आप इतने कुछ सोचिए.

हम आपको बी. के. शिवानी जी के कुछ सोचे गए विचार आपको सुनाते हैं. क्या पता, बात बन जाए. कोई दिशा मिल जाए. उजाले नाच उठे. फिज़ा फिर से हसीन हो जाए.



हज़ारों संबंध रखना कोई चमत्कार नहीं है. चमत्कार ये है कि आप एक ऐसा संबंध रखें जो तब भी आपके साथ खड़ा रहे, जब हज़ारों आपके खिलाफ हों.


हमारे जीवन की ज्यादातर समस्याएं हमारे बोलने के लहज़े से पैदा होती हैं. इससे मतलब नहीं है कि हम क्या कहते हैं, इससे मतलब है कि हम कैसे कहते हैं. क्या आप सहमत हैं?


लोग आपको Hurt करते है, भगवान् आपको Heal करेंगे. लोग आपको हयुमिलीएट करते हैं, भगवान् आपको Magnify करेंगे. लोग आपको Judge करते हैं, भगवान् आपको Justify करेंगे. ये जरुर होगा. भरोसा रखिए.


सत्य एक डेबिट कार्ड है - पहले कीमत चुकाएं और बाद में आनंद लें. झूठ एक क्रेडिट कार्ड है - पहले आनंद लें और बाद में कीमत चुकाएं.


आपका माइंड एक मैगनेट की तरह है.जैसा आप सोचेंगे, उसी को  आकर्षित करेंगे. इसलिए हमेशा अच्छे विचारों के बारे में सोचें और हमेशा पोजिटिव रहे. नेगेटिव से हासिल क्या होने वाला था?


अगर आप किसी की खुशियाँ लिखने वाली पेंसिल नहीं हो सकते हैं तो एक अच्छा सा इरेजर बनिए जो उनका दुःख मिटा सकने में मदद करता हो.


बदलाव की तरफ पहला कदम स्वीकार करना है. एक बार आप खुद को स्वीकार कर लेते हैं तो आप बदलाव के दरवाजे खोल देते हैं. आपको बस यही करना है.


हीलिंग का ये मतलब नहीं कि कभी पीड़ा थी ही नहीं. इसका मतलब है कि अब वो पीड़ा आपके जीवन को कंट्रोल नहीं करती.


अगर आप किसी की मदद कर रहे हैं और बदले में कुछ वापस चाह रहे हैं तो आप बिजनेस कर रहे हैं, दयालुता नहीं.


किसी के लिए अपना सब कुछ कुर्बान कर देना इतना मुश्किल नहीं है. लेकिन उस इंसान को खोज पाना मुश्किल है जो आपकी इस कुर्बानी का सम्मान कर सके.


एक जादुई गुण है जो हम सब के अन्दर है और वो हमारी ऊर्जा को बदल देता है और हमारे प्रति दूसरों की धारणा बदल देता है. उसे ईमानदारी कहते हैं.


हम सभी पर्वत के शिखर पर जीना चाहते हैं, लेकिन सारी खुशियाँ तब घटित होती हैं जब हम पहाड़ पर चढ़ रहे होते हैं. सफ़र का मज़ा लेना सीखिए. शिखर के बाद तो लौटना होगा. आगे कहां जायेंगे?


घमंड की सबसे बुरी बात है कि आप यह महसूस ही नही कर सकते हैं कि आप गलत भी हो.


सफलता प्रसन्नता की चाभी नहीं है. प्रसन्नता सफलता की चाभी है. अगर आप उस चीज से प्यार करते हैं जो आप कर रहे हैं, आप सफल हो जायेंगे.


विज्ञान और आध्यात्मिकता जुड़े हुए हैं. दोनों एक ही चीज कहते हैं - विश्वास मत करो, अनुभव करो. Don’t Trust, Feel it.


सफल रिश्ते इस बात पर निर्भर नहीं करते कि हमारे बीच कितनी अच्छी अंडरस्टैंडिंग है. बल्कि इस पर निर्भर करते हैं कि हम कितने अच्छे से मिसअंडरस्टैंडिंग से बच पाते हैं.


जीवन कोई प्रतियोगिता नहीं है. हर कोई अपनी यात्रा पर है. अपने चुनावों, क्षमता, मूल्यों और सिद्धांतो के अनुसार जिएं. आप सबकी तरह यूनिक हैं. अनोखे. शानदार. गज़ब के प्रतिभाशाली.


आज के समय में ज्यादातर लोग सिर्फ़ इसलिए दुखी और असफल है क्योंकि वे अपनी अक्ल के उपयोग के बजाय दूसरों की नकल ज्यादा करते हैं.


बदला लेकर नहीं. बस ख़ुद को बदलकर तो देखिये.


अमीर बनने के सिर्फ दो ही तरीके हैं. पहला - आप जो भी चाहते है, उसे पाने की भी कोशिश करे और दूसरा - जो आपको मिल गया है, उसमें खुश रहने का प्रयास करें.


आपके अलावा आपके खुशियों का कोई इंचार्ज नहीं है.


किसी भी चीज का उदाहरण देना बहुत सरल है लेकिन किसी के लिए खुद उदाहरण बनना बहुत ही मुश्किल है.


जब तक आप खुद दुखी नही होना चाहते है तब तक कोई आपको दुखी नही कर सकता है.


जो लोग सिर्फ़ आपको जरूरत के समय याद करते हैं. उनके लिए काम जरुर आना चाहिए. क्योंकि Darkest Moments के समय ही Brightest लाइट सबसे ज्यादा खोजी जाती है. और आप भाग्यशाली हैं कि वो Light आप हो. और आपको क्या चाहिये?




Oct 25, 2018

फ़िर हम जितना जिएंगे, उसे पूरा 100 % जी सकेंगे.





बिलकुल साफ़ रास्ता. मिट्टी की महक लिए बनी हुई एक छोटी सड़क यानि पगडंडी. उसी रास्ते के किनारे एक बड़ा पेड़. पेड़ की छाँव तले बनी एक चौपाल. चौपाल पर मौजूद अपनी जिंदगी से हार चुका एक आदमी और साथ में बैठे रामहंस.

आदमी के मन में पूछने के लिए कुछ सवाल थे और रामहंस के पास जवाब. कमाल का Discussion हुआ.

सवाल नंबर 1 :
जीवन का असली मतलब और उदेश्य क्या है ?
Actual meaning and purpose of life ?

जवाब – तुम्हारी जिंदगी (Life) का असली मतलब तुम्हारी साँसों का चलते रहना है. जिस दिन ये बंद, उस दिन जिन्दगी भी बंद. जिंदगी का मतलब Success या Failure से बिलकुल भी नहीं है. ये सिर्फ Scaling है जो इंसान ने बना डाले ताकि वो बिजी हो सके और मरने के डर से दूर रहे. बस ये ही First और Last Truth है जिसे हम Accept नहीं करना चाहते.

मगर हां, लाइफ़ जीने के तरीके Different हो सकते है. अगर हम इस बात को ध्यान में रख कर आगे बढ़े तो भटकेंगे नहीं क्योंकि जागरूकता रहेगी कि हमारा सफ़र केवल कुछ पलों के लिए ही है. फ़िर हम जितना जिएंगे, उसे पूरा 100 प्रतिशत जी सकेंगे.

जहां तक जीवन के असली उदेश्य का सवाल है तो हमें “जियो और जीने दो” के Rule पर चलना सीखना होगा. बस तभी जीवन सार्थक माना जाएगा.


सवाल नंबर 2 :
गलत काम क्या होता है. क्या ये दूसरे लोग तय करते हैं ?
What is wrong doing? Is this decided by the others?

जवाब – आपके किसी काम से किसी दूसरे को या ख़ुद को भी कोई भी शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान हो तो वो काम गलत होगा. इसके सिवा कोई काम गलत नहीं है. 

अगर तुम्हें कोई काम पसंद है और उससे किसी का कोई Loss नहीं हो रहा है तो तुम्हें किसी की परवाह किए बिना वो काम करना चाहिए. ये तुम्हें अद्भुत मानसिक संतुष्टि प्रदान करेगा. तुम्हारे सिवाय कोई और तुम्हारे ग़लत या सही काम कैसे Describe कर सकता है?


सवाल नंबर 3 :
सफलता का अर्थ क्या है ?
Meaning and criteria of success ?

जवाब – सफलता का अर्थ है तुम्हारी ख़ुशी (Happiness) और संतुष्टि (Satisfaction). अगर किसी काम को करने के बाद तुम्हें ये दोनो चीज़ें मिल गयी तो समझ लो कि तुम सही मायने में सफल हो गए.

सफलता का meaning पैसा, शोहरत, जीतना - हारना ये सब नहीं है. ये तो तुम्हारी इच्छा, जरुरत या ख्वाहिशों के नाम हैं और ये हर किसी के लिए अलग अलग होती है. तुम अपने आस-पास देखो. कई लोग गरीबी में भी मस्त हैं, जिंदा हैं और कई अमीरी में भी मरे हुए मालूम होते हैं. 

तुम कंफ्यूज हो बस इसलिए निराश हो. अपने मन से बात करो. जो चीज तुम्हें ख़ुशी और संतोष दे रही है, उसे कर लो. दूसरों की नक़ल करोगे तो कुछ भी नहीं बचेगा.


सवाल नंबर 4 :
दुख का मूल कारण क्या है?
Root cause behind the sorrow and the sadness?

जवाब – दुख का सबसे बड़ा सिंपल और सहज कारण है - अपने आज में नहीं जीना. जो Available है, तुम उसका सुख नहीं लेते हो और Future या Past की चिंता में डूबे रह जाते हो. 

अपने अतीत से सबक लेकर आगे बढ़ो. अपने आज को अच्छा और ख़ुशनुमा बना लो. भविष्य अपनी चिंता ख़ुद कर लेगा.

Oct 24, 2018

ये खुशी की तरफ़ बढ़ते कदमों की आहट है. समझिए जनाब.






जब भी आपको कभी समय मिले तो एक काम ज़रूर करके देखिएगा. सिर्फ़ 60 seconds के लिए अपने दिमाग में चल रहे विचारों को ऐसे observe करें जैसे आप इन विचारों को बस एक listener बन कर सुन रहे हों. 

इससे 4 बेहतरीन फ़ायदे होंगे.


फ़ायदा नंबर 1:
पहला फ़ायदा तो ये होगा कि आपका mind तुरंत रिलैक्स हो जाएगा. उसे भी कई सालों बाद एक break मिला है. उसके लिए ये किसी party-time से कम नहीं होगा.


फ़ायदा नंबर 2:
दूसरा बड़ा फ़ायदा ये होगा कि आप देख पायेंगे कि आपका mind कौन-कौन से विचारों को priority दे रहा है?

आपका mind एक समय में या तो positive thought पैदा करता है या के negative thought. 60 सेकंड्स में आप जान लेंगे कि अब तक कौन से थॉट्स आपकी लाइफ़ में पावरफुल हैं? + वाले या फ़िर – वाले.

अब गौर फरमाइए क्योंकि जो आपके अंदर पावरफुल है, वो ही आपको संसार में पावरफुल दिखाई देती है. सोच कर देखिए. कोई और नहीं, केवल आप अपनी सोच के लिए ज़िम्मेदार हैं.

है ना magic.


फ़ायदा नंबर 3:
तीसरा बड़ा फ़ायदा ये होगा कि आप आसानी से जान पाएंगे कि आपकी लाइफ़ में भागदौड़ कितनी है?

इन 60 सेकंड्स में आप देख कर हैरान हो सकते हैं क्योंकि आपके माइंड में थॉट्स travel कर रहे हैं. अब उनकी travelling speed आप आसानी से feel कर सकते हैं.

अगर speed ज्यादा तेज लगे तो समझ जाइए कि mind में भागमभाग बहुत है. आपको उसे थोड़ा rest देने की प्लानिंग कर लेनी चाहिए. ये signal है कि आपको थोड़ी फिजिकल एक्सरसाइज करते रहने पर फोकस कर लेना चाहिए. अभी सिर्फ़ माइंड एक्सरसाइज चल रही है. इसे बैलेंस करने का समय है. 

और अगर स्पीड कम है तो माइंड कम परेशान है. शायद आप already फ़िटनेस follower है. ये अच्छा संकेत है. इसे चलते रहने दें. 

हां माइंड में dullness नहीं होनी चाहिए. ये आपको एक्टिव नहीं होने देगा.

ध्यान रखिए कि माइंड भी एक मशीन है. इसको उसी तरह से चलाइए कि ये ना ज्यादा घिसे और ना ही इसे जंग लगे.


फ़ायदा नंबर 4:
चौथा सबसे बड़ा और लाइफटाइम फ़ायदा – आप लाइफ़ का असली meaning समझने की तरफ़  क़दम बढ़ा लेंगे. ये यक़ीनन शानदार होगा. क्योंकि अब आपका माइंड रिलैक्स होने के साथ-साथ थोड़ा memory space भी रिलीज़ करेगा.

इससे आप नए और अच्छे विचारों का स्वागत करने योग्य बनने लगे हैं. कल तक तो वो ही पुराना कचरा बार-बार घूम रहा था. आज कचरा कम हो रहा है. आने वाले कल में और कम हो जाएगा.

ये नयी फ़सल को बोने जैसा होगा और आपको नई सोच प्रदान करेगा. अब आपके thankful होने का समय आ गया है. ये खुशी की तरफ़ बढ़ते कदमों की आहट है.


आहट समझिए जनाब.

Oct 22, 2018

अरे ये क्या ? तक़दीर ने अचानक फ़िर से पलटी मार दी ? Surprised ?








कभी कभी अपनी पसंद का कुछ भी ना होना. ये अक्सर हो जाता है. अचानक से. बिना जाने. बिना समझे. 

बस पलक झपकी नहीं के वो हो जाता है जिसका अंदाजा तक नहीं होता. आप अनुमान लगाएं उससे पहले ही कुछ ऐसा हो जाता है. लेकिन हर चीज़ जो आपने नहीं चाही और वो हो गई. ये होता है. होगा भी. ये आपके हाथ में नहीं होता. कभी होगा भी नहीं.

पर ये दिलचस्प है. ये अनोखा है. ये ही सरप्राइज है. अगले पल क्या होगा, ये कोई जान भी कैसे सकता है? आप सिर्फ़ अपने एक्सपीरियंस के base पर Guess ही कर सकते हैं.

लाइफ़ का ये ही रहस्य है. सबसे सुलझी पहेली. 

ये भूलभलैया की तरह है. जहां जाना था, वो रास्ता मिलता नहीं और जो अगर रास्ता मिल भी गया तो आगे दूसरे मोड़ पर कोई और रास्ता आपका हमसफ़र बनेगा.

जीवन T-20 मैच की तरह है. पहली गेंद पर आपने Sixer मारा और अगली गेंद पर बोल्ड. आप उदास कि ये क्या हुआ? आप मैदान छोड़कर जाने लगते हैं कि अचानक आपको पता चलता है अंपायर ने नो बाल कह दिया. 

आपकी उदासी अब ख़ुशी में बदल गयी. जैसे ही आप पिच पर वापिस लौटे, दूसरी टीम के कप्तान ने थर्ड अंपायर की मदद ली. अरे ये क्या? रीप्ले में साफ़ पता चल रहा है कि वो नो बाल नहीं थी. अब ??? 

अरे ये क्या ? तक़दीर ने अचानक फ़िर से पलटी मार दी? क्यों?  

बस जीवन कुछ ऐसे ही गेम खेलता है. सब के साथ. कोई कुछ नहीं कर सकता सिवाय इसके कि जो है उसे सहज ही स्वीकार कर ले. Otherwise तनाव तो रहेगा ही.

और समझदारी क्या है? ये आप कहीं ज्यादा बेहतर जानते है.

हौसला बनाए रखना है. मुस्कुराना भूलना नहीं. दर्द पीना हो होगा. एक दिन आपका भी आएगा. हर किसी का आता है. लम्बे इंतजार का मतलब फेलियर नहीं है. इसका मतलब साफ़ है – जो भी अच्छा बचा हुआ है, अब उसे पाने की बारी आ गयी है. बस इतना ही. ये इतना ही सब कुछ है. ये इतना ही चाहिए था. ये इतना ही आपको अमीर बना देगा.

अपने सही समय का इंतजार कीजिए. तब तक ईमानदारी से अपनी बैटिंग करते रहिए. आप भाग्यशाली हैं कि आपको बैटिंग करने का मौका मिल रहा है. जरा नज़र घुमा कर देखिए. कितनी ही आंखें ऐसी हैं जिन्होंने आज तक बल्ले को टच करके भी नहीं देखा. मैच खेलना और Sixer मारना या बोल्ड हो जाना तो बहुत आगे का मंजर है.

जिंदगी एक है. मन की आंखों से देखिए, ये बड़ी ही नेक है. आप यकीनन एक दिन इतिहास बना कर ही विदा लेंगे. और फ़िर बखूबी जान पाएंगे कि इस दुनिया में कितने सारे सुपरस्टार हैं जो लाइफ़ की पिच पर डटकर मुसीबतों का वैसे ही सामना कर रहें है जैसे कुछ देर पहले तक आप कर रहे थे.

दुनिया में हर कोई अपने हिसाब से मैच खेल रहा है. एक हारेगा तभी कोई दूसरा जीत सकेगा. एक साथ सब कैसे जीत सकते हैं? 

प्रकृति का नियम कोई तोड़ भी कैसे सकता है? लाइफ़ की इसी खूबसूरती का मज़ा लीजिए. अपनी बारी का इंतजार करना सीखिए. ये हर किसी के लिए मुमकिन है और यक़ीनन सही भी.

जीवन की इस कशमकश भरी कॉमेडी का आनंद लें. ये आज है. कल नहीं होगी. किसी के लिए भी नहीं. 

इसके लिए कोई सिकंदर नहीं है. ये आपको वहीं ले जाएगी, जहां ये आपको देखना चाहती है.