Nov 3, 2018

Otherwise कोई आपको याद क्यों रखे?






कलाकार किसी को निराश नहीं करते. 

कैसे?
ये देखिए.

किसी शहर में एक Painter यानी चित्रकार रहता था. वो बहुत ही अच्छी पेंटिंग बनाता था. अपना काम पूरे मन और लगन से करता. उसकी Paintings बिलकुल Real मालूम होती थी.


एक बार उसने एक बहुत ही सुंदर पेंटिंग बनाई. जब पेंटिंग पूरी बन गई तो उसने बारीकी से देखा. पेंटिंग में कहीं पर भी कोई गलती नज़र नहीं आ रही थी. 


फ़िर भी उसे लगा कि हो सकता है कमी इसलिए ना दिखाई दे रही हो क्योंकि ये उसने ख़ुद बनाई है. इसे चेक करवा लेते हैं ताकि Final Making से पहले उस गलती को दूर कर लिया जाए.


उसने अगली सुबह उस पेंटिंग को शहर के सबसे भीड़–भाड़ वाली जगह पर लगा दिया और उसके पास एक रिक्वेस्ट नोट चिपका दिया कि जिस किसी व्यक्ति को इस पेंटिंग में कोई गलती नज़र आए, वह उस गलती को Show करने के लिए उस पर Black कलर का Circle बना दे.


शाम को जब पेंटर अपनी पेंटिंग लेने वहां पहुंचा. अपनी गलतियां देखकर वो बहुत उदास हो गया. पेंटिंग पर सिर्फ़ Black Circle नज़र आ रहे थे और पेंटिंग पूरी तरह से ख़राब हो चुकी थी.


वो पेंटिंग को लेकर घर आया और उसने अपने दोस्त को सारा किस्सा कह सुनाया. उसके दोस्त ने उसे तसल्ली देते हुए कहा कि तुम ठीक ऐसी ही पेंटिंग एक और बनाओ और उसे भी वहीं पर लगा दो.


और हां इस बार रिक्वेस्ट नोट में ये लिखना कि जिसे भी इस पेंटिंग में कोई गलती नज़र आए तो कृपा करके वह उस गलती को सुधार दे.


चित्रकार ने वैसा ही किया.


अपनी दूसरी बनाई हुई पेंटिंग को भी उसने उसी तरह बाज़ार में लगा दिया. साथ ही उसके पास कुछ रंग और गलती सुधारने के लिए ज़रूरी सामान भी रख दिया.


इस बार फिर जब वह शाम को उस पेंटिंग को लेने गया तो हैरानी से भर उठा. इस बार उसकी पेंटिंग बिलकुल पहले जैसी ही थी. किसी ने उसे छुआ तक नहीं था. किसी ने कोई गलती सही नहीं की थी. रंग और बाकी सामान भी जस का तस ही रखा मिला.


सार
दूसरों की बुराइयां और गलतियां कितनी आसानी से नज़र आ जाती हैं. अगर आप ये देख पा रहें हैं तो दूसरों की बुराई या गलती दूर करने में उनकी मदद भी कीजिए. ये भी किसी चैरिटी से कम नहीं. प्रॉब्लम के साथ उसका Solution देना ही किसी का साथ देना होगा. प्रॉब्लम तो कोई भी चलते-फिरते बता ही देता है. आप ऐसा कुछ करें ताकि प्रॉब्लम ख़त्म की जा सके. ये समझना ही महत्वपूर्ण है. और ये ही आपकी सबसे बड़ी कलाकारी होगी. बिलकुल असली. Giving Type. याद रखने लायक. Otherwise कोई आपको याद क्यों रखे? 

Nov 2, 2018

10 मिनट बाद एक 3 साल का बच्चा वहां रुक गया.



ह्यूमन साइंस स्टडी में बहुत खोजें होती थी, होती हैं और होती रहेंगी. ख़ासकर विकसित देशों में ये रूटीन लाइफ़ स्ट्रक्चर का हमेशा एक महत्वपूर्ण पार्ट रहीं है. 

इन activities से अच्छे और प्रैक्टिकल results सामने आते हैं और फ़िर उन पर फोकस कर के आप मानवीय सोच को नया आकार दे पाते हैं.

ऐसी ही एक घटना से आप भी परिचित हो सकते है. देखिए.

जनवरी की एक सर्द सुबह. अमेरिका के वाशिंगटन डीसी का मेट्रो स्टेशन.

एक आदमी वहां करीब घंटा भर तक वायलिन बजाता रहा. इस दौरान लगभग 2000 लोग वहां से गुज़रे. उनमें से अधिकतर लोग अपने काम से जा रहे थे. उस व्यक्ति ने वायलिन बजाना शुरू किया. 

उसके 3 मिनट बाद एक अधेड़ आदमी का ध्यान उसकी तरफ गया. उसकी चाल थोड़ी धीमी हुई. वह कुछ पल रुका और फिर जल्दी से निकल गया.

4 मिनट के बाद वायलिन वादक को पहला सिक्का मिला. एक महिला ने उसकी टोपी में सिक्का डाला और बिना रुके चली गई.

6 मिनट बाद एक युवक दीवार के सहारे टिककर उसे सुनता रहा. फिर उसने अपनी घड़ी पर नजर डाली और वो भी वहां से निकल गया.

कुल 10 मिनट बाद एक 3 साल का बच्चा वहां रुक गया. पर जल्दी में दिख रही उसकी मां उसे खींचते हुए जबरदस्ती वहां से ले गयी. मां के साथ लगभग घिसटते हुए चल रहा वो बच्चा मुड़-मुड़कर उस वायलिन वादक को देख रहा था. ऐसा ही कई बच्चों ने किया और हर बच्चे के पेरेंट्स उसे घसीटते हुए ही वहां से ले गये.

लगभग 45 मिनट बाद तक केवल 6 लोग ही वहां रुके थे और उन्होंने भी कुछ देर ही उसे सुना. लगभग 20 लोगों ने सिक्का उछाला पर वे बगैर रुके अपनी सामान्य चाल में चलते रहे. वो सब बिजी थे. उस आदमी को कुल मिलकर 32 डॉलर मिले.

60 मिनट यानी 1 घंटे बाद उसने अपना वादन बंद किया. फिर से शांति छा गयी. पर इस बदलाव पर भी कोई ध्यान नहीं दे सका.

किसी ने वादक की तारीफ तक नहीं की. उसकी मेहनत पर विचार रखना तक किसी ने सही नहीं समझा. हैरानी तो तब ज्यादा बढ़ गयी जब किसी ने उसे पहचाना तक नहीं.

वह वादक था विश्व के महान वायलिन वादकों में से एक जोशुआ बेल

जोशुआ अपनी वायलिन से इतिहास की सबसे कठिन धुन बजा रहे थे. महज 48 घंटे पहले ही उन्होंने बोस्टन शहर में एक प्रस्तुति दी थी, जहां एंट्री टिकट की एवरेज cost लगभग 100 डॉलर थी.

यह एक सच्ची घटना थी.

वास्तव में जोशुआ बेल एक फेमस न्यूज़ पेपर द्वारा sensitivity और understanding को लेकर किये गए एक सोशल experiment का हिस्सा बने थे.

इस experiment का उद्देश्य यह पता लगाना था कि किसी पब्लिक place पर हम ख़ास चीज़ों और बातों पर कितना ध्यान देते हैं? क्या हम सुन्दरता या अच्छाई की सराहना करते हैं?

क्या हम आम अवसरों पर प्रतिभा की पहचान कर पाते हैं?

experiment का रिजल्ट यह निकल कर सामने आया कि जब दुनिया का एक श्रेष्ठ वादक एक बेहतरीन साज़ से history की सबसे कठिन धुनों में से एक बजा रहा था, तब अगर हमारे पास इतना समय नहीं था कि कुछ पल रूककर उसे सुन सके तो सोचिये हम लाइफ़ में कितनी सारी अन्य खुबसूरत बातों या फीलिंग से वंचित हो गये हैं और लगातार कुछ मिस कर रहें हैं.

क्या ऐसा करना ठीक है?

क्या ऐसी सोच के साथ चलते रहना सही है?

क्या कोई भटकाव है जिसे हमें समय रहते ठीक कर लेना चाहिए?

क्या लाइफ़ तेजी से भागती है या केवल हम?

क्या कल इतनी खुबसूरत धुन दोबारा सुनने को मिलेगी?

क्या हम कुछ अच्छा मिस तो नहीं कर जाते हैं?


अब आप कुछ पल आराम से बैठिये और सोचिये. वायलिन आज भी बज रहा है. आपने सुना क्या?


Nov 1, 2018

मैं अपनी मूर्खता पर 3 बार हंस लिया हूं. अब मेरी सजा पूरी हो.







कैसे एक कहानी आपको लाइफ़ के कुछ अनछुए पहलुओं से रूबरू करा कर आपको सोचने पर मजबूर कर दे, ये टालस्टाय से बेहतर और कौन लिख सकता है? 

उनकी एक छोटी सी कहानी हमारे आनंद जी के द्वारा मिली. 

कहानी छोटी है पर हां, इसका मीनिंग बड़ा हो सकता है. बहुआयामी और लाइफ़ को विस्तार देने वाला. समझने पर बात है. आइए कोशिश करते हैं.

एक स्त्री की मौत हो गयी थी और उसकी आत्मा को लाना था. मृत्यु के देवता ने इस काम के लिए अपने एक दूत को पृथ्वी पर भेजा.

देवदूत आया, लेकिन चिंता में पड़ गया. क्या देखता है?

एक साथ पैदा हुई 3 छोटी-छोटी लड़कियां – एक अभी भी उस मृत स्त्री के स्तन से लगी है. एक चीख रही है, पुकार रही है. एक रोते-रोते सो गयी है और उसके आंसू उसकी आंखों के पास सूख गए हैं.

स्त्री मर गयी है और 3 छोटी बच्चियां. कोई देखने वाला नहीं है. पति पहले ही मर चुका है. परिवार में और कोई भी नहीं है. इन 3 छोटी बच्चियों का क्या होगा?

उस देवदूत को यह खयाल आ गया, तो वह खाली हाथ वापस लौट गया. उसने जा कर अपने प्रमुख को कहा कि मैं न ला सका, मुझे क्षमा करें. लेकिन आपको स्थिति का पता ही नहीं है.

3 बच्चियां हैं–छोटी-छोटी, दूध पीती.

एक अभी भी मृत स्तन से लगी है, एक रोते-रोते सो गयी है, दूसरी अभी चीख-पुकार रही है.

मेरा हृदय ला न सका. क्या यह नहीं हो सकता कि इस स्त्री को कुछ दिन और जीवन के दे दिए जाएं? कम से कम लड़कियां थोड़ी बड़ी हो जाएं. और कोई देखने वाला नहीं है.

मृत्यु के देवता ने कहा, तो तू फिर समझदार हो गया; उससे ज्यादा, जिसकी मर्जी से मौत होती है, जिसकी मर्जी से जीवन होता है.

तूने पहला पाप कर दिया, और इसकी तुझे सजा मिलेगी. और सजा यह है कि तुझे पृथ्वी पर चले जाना पड़ेगा. और जब तक तू 3 बार न हंस लेगा अपनी मूर्खता पर, तब तक वापस न आ सकेगा.

इसे थोड़ा समझना. 3 बार न हंस लेगा अपनी मूर्खता पर. क्योंकि दूसरे की मूर्खता पर तो अहंकार हंसता है. जब तुम अपनी मूर्खता पर हंसते हो तब अहंकार टूटता है.

देवदूत को लगा नहीं. वह राजी हो गया दंड भोगने को. लेकिन फिर भी उसे लगा कि सही तो मैं ही हूं और हंसने का मौका कैसे आएगा?

उसे जमीन पर फेंक दिया गया.

एक मोची, सर्दियों के दिन करीब आ रहे थे और बच्चों के लिए कोट और कंबल खरीदने शहर गया था, कुछ रुपए इकट्ठे कर के.

जब वह शहर जा रहा था तो उसने राह के किनारे एक नंगे आदमी को पड़े हुए, ठिठुरते हुए देखा.

यह नंगा आदमी वही देवदूत है जो पृथ्वी पर फेंक दिया गया था.

उस को दया आ गयी. और बजाय अपने बच्चों के लिए कपड़े खरीदने के, उसने इस आदमी के लिए कंबल और कपड़े खरीद लिए.

इस आदमी को कुछ खाने-पीने को भी न था, घर भी न था, छप्पर भी न था जहां रुक सके.

तो मोची ने कहा कि अब तुम मेरे साथ ही आ जाओ.

अगर मेरी पत्नी नाराज हो, जो कि वह निश्चित होगी, क्योंकि बच्चों के लिए कपड़े खरीदने लाया था, वह पैसे तो खर्च हो गए. वह अगर नाराज हो, चिल्लाए, तो तुम परेशान मत होना. थोड़े दिन में सब ठीक हो जाएगा.

उस देवदूत को ले कर मोची घर लौटा.

न तो मोची को पता है कि देवदूत घर में आ रहा है, न पत्नी को पता है.

जैसे ही देवदूत को ले कर मोची घर में पहुंचा, पत्नी एकदम पागल हो गयी. बहुत नाराज हुई, बहुत चीखी-चिल्लायी.

और देवदूत पहली दफा हंसा.
मोची ने उससे कहा, हंसते हो, बात क्या है? उसने कहा, मैं जब 3 बार हंस लूंगा तब बता दूंगा.

देवदूत हंसा पहली बार, क्योंकि उसने देखा कि इस पत्नी को पता ही नहीं है कि मोची देवदूत को घर में ले आया है, जिसके आते ही घर में हजारों खुशियां आ जाएंगी.

लेकिन आदमी देख ही कितनी दूर तक सकता है?

पत्नी तो इतना ही देख पा रही है कि एक कंबल और बच्चों के कपड़े नहीं बचे.

जो खो गया है वह देख पा रही है, जो मिला है उसका उसे अंदाज ही नहीं है – मुफ्त.

घर में देवदूत आ गया है. जिसके आते ही हजारों खुशियों के दरवाजे खुल जाएंगे.

तो देवदूत हंसा. उसे लगा, अपनी मूर्खता क्योंकि यह पत्नी भी नहीं देख पा रही है कि क्या घट रहा है?

जल्दी ही, क्योंकि वह देवदूत था, 7 दिन में ही उसने मोची का सब काम सीख लिया. और उसके जूते इतने प्रसिद्ध हो गए कि मोची महीनों के भीतर धनी होने लगा.

आधा साल होते-होते तो उसकी ख्याति सारे संसार में पहुंच गयी कि उस जैसा जूते बनाने वाला कोई भी नहीं, क्योंकि वह जूते देवदूत बनाता था.

सम्राटों के जूते वहां बनने लगे. धन ही धन बरसने लगा.

एक दिन सम्राट का आदमी आया. और उसने कहा कि यह चमड़ा बहुत कीमती है, आसानी से मिलता नहीं, कोई भूल-चूक नहीं करना. जूते ठीक इस तरह के बनने हैं. और ध्यान रखना जूते बनाने हैं, स्लीपर नहीं.

रूस में जब कोई आदमी मर जाता है तब उसको स्लीपर पहना कर मरघट तक ले जाते हैं.

मोची ने भी देवदूत को कहा कि स्लीपर मत बना देना. जूते बनाने हैं, स्पष्ट आज्ञा है, और चमड़ा इतना ही है. अगर गड़बड़ हो गयी तो हम मुसीबत में फंसेंगे.

लेकिन फिर भी देवदूत ने स्लीपर ही बनाए.

जब मोची ने देखे कि स्लीपर बने हैं तो वह गुस्से से आगबबूला हो उठा. वह लकड़ी उठा कर उसको मारने को तैयार हो गया कि तू तो हमें फांसी लगवा देगा. और तुझे बार-बार कहा था कि स्लीपर बनाने ही नहीं हैं, फिर स्लीपर किसलिए?

देवदूत फिर खिलखिला कर हंसा.

तभी आदमी सम्राट के घर से भागा हुआ आया. उसने कहा, जूते मत बनाना, स्लीपर बनाना क्योंकि सम्राट की मृत्यु हो गयी है.

भविष्य अज्ञात है. सिवाय उसके और किसी को ज्ञात नहीं. और आदमी तो अतीत के आधार पर निर्णय लेता है.

सम्राट जिंदा था तो जूते चाहिए थे, मर गया तो स्लीपर चाहिए. तब वह मोची उसके पैर पकड़ कर माफी मांगने लगा कि मुझे माफ कर दे, मैंने तुझे मारा.
पर उसने कहा, कोई हर्ज नहीं. मैं अपनी सजा भुगत रहा हूं.

लेकिन वह हंसा आज दुबारा.
मोची ने फिर पूछा कि हंसी का कारण? उसने कहा कि जब मैं 3 बार हंस लूं…

दुबारा हंसा इसलिए कि भविष्य हमें ज्ञात नहीं है.

हम आकांक्षाएं करते हैं जो कि व्यर्थ हैं.

हम अभीप्साएं करते हैं जो कि कभी पूरी न होंगी.

हम मांगते हैं वो जो कभी नहीं घटेगा. क्योंकि कुछ और ही घटना तय है.

हमसे बिना पूछे हमारी नियति घूम रही है. और हम व्यर्थ ही बीच में शोरगुल मचाते हैं.

चाहिए स्लीपर और हम जूते बनवाते हैं. मरने का वक्त करीब आ रहा है और जिंदगी का हम आयोजन करते हैं.

तो देवदूत को लगा कि वे बच्चियां! मुझे क्या पता, भविष्य उनका क्या होने वाला है? मैं नाहक ही बीच में आया.

और तीसरी घटना घटी कि एक दिन 3 जवान लड़कियां आयीं. उन तीनों की शादी हो रही थी. और उन तीनों ने जूतों के आर्डर दिए कि उनके लिए जूते बनाए जाएं.

एक बूढ़ी महिला उनके साथ आयी थी जो बड़ी धनी थी.

देवदूत पहचान गया, ये वे ही 3 लड़कियां हैं, जिनको वह मृत मां के पास छोड़ गया था और जिनकी वजह से वह सजा भुगत रहा है.

वे सब स्वस्थ हैं, सुंदर हैं.
उसने पूछा कि क्या हुआ? यह बूढ़ी औरत कौन है?

उस बूढ़ी औरत ने कहा कि ये मेरी पड़ोसिन की लड़कियां हैं. गरीब औरत थी. उसके शरीर में दूध भी न था. उसके पास पैसे-कपड़े भी नहीं थे. बस 3 बच्चे थे.

वह इन्हीं को दूध पिलाते-पिलाते मर गयी. लेकिन मुझे दया आ गयी. मेरे कोई बच्चे नहीं हैं, और मैंने इन तीनों बच्चियों को पाल लिया.

अगर मां जिंदा रहती तो ये तीनों बच्चियां गरीबी, भूख और दीनता और दरिद्रता में बड़ी होती.

मां मर गयी, इसलिए ये बच्चियां तीनों बहुत बड़े धन-वैभव में, संपदा में पली. और अब उस बूढ़ी की सारी संपदा की ये ही 3 मालिक हैं. और इनका सम्राट के परिवार में विवाह हो रहा है.

देवदूत तीसरी बार हंसा. 
और मोची को उसने कहा कि ये 3  कारण हैं.

भूल मेरी थी. नियति बड़ी है.

हम उतना ही देख पाते हैं, जितना देख पाते हैं. जो नहीं देख पाते, बहुत विस्तार है उसका.

हम जो देख पाते हैं, उससे हम कोई अंदाज नहीं लगा सकते.

जो होने वाला है, वो होगा.

मैं अपनी मूर्खता पर 3 बार हंस लिया हूं. अब मेरी सजा पूरी हो.

Oct 31, 2018

उन्होंने कुछ देखा और ये हो गया.





रचनात्मकता यानी Creativity.
है तो Confusing सा शब्द लेकिन इसकी Range बड़ी Wide है. ये आपको Mind Power के दर्शन करा सकता है. घर बैठे विदेश की सैर करा सकता है. पिकासो की तरह आपसे शानदार पेंटिंग करा सकता है. आपको ख़ुद से मिला सकता है. भीड़ से अलग आपका View डेवेलप करने में मदद कर सकता है. आपसे इनोवेटिव प्रोज़ेक्ट बनवा सकता है. आपके जीवन के मकसद को जानने में हेल्प कर सकता है. किसी भी चीज़ के अनछुए पहलू को तराशने की तरफ लेकर जा सकता है.

ये सिर्फ़ एक शब्द नहीं है, ये Inner Engineering है. ये दूसरों को बदलने जैसा नहीं है. ये Self Experimental Phenomenon है. ये कोयले से डायमंड बनाने की प्रक्रिया है. बशर्ते आप इसके साथ कदम से कदम मिला कर चलने का हौसला रख सकें.

रचनात्मकता से जुड़े कुछ विचार जो महान लोगों ने व्यक्त किए हैं, ये रहे आपके सामने.


Unknown
पाषण युग इसलिए ख़त्म नहीं हो गया था क्योंकि उनके पास पत्थर ख़त्म हो गए थे?


George Bernard Shaw
कल्पना शुरुआत है रचना की. आप वह कल्पना करते हो, जिसकी आपको इच्छा है. आप वह बन जाओगे जो आप कल्पना करते हो. और अंत में, आप उसकी रचना करोगे जो आप होओगे.


Steve Jobs
रचनात्मकता तो बस चीजों को जोड़ना है. जब आप रचनात्मक लोगों से पूछते हैं कि आपने यह कैसे किया? तो वे थोड़े शर्मिंदा महसूस करते हैं. क्योंकी वास्तव में उन्होंने यह नहीं किया होता है. उन्होंने कुछ देखा और ये हो गया. कुछ समय बाद उन्हें अपना काम सामान्य लगने लगता है.


Picasso
हर बच्चा एक कलाकार होता है. असली समस्या ये है कि आप बड़े हो जाने पर अपने अन्दर के इस कलाकार को जिंदा कैसे रखें?


Vincent Van Gogh
अगर आप अपने अन्दर एक आवाज़ सुनें कि “तुम पेंट नहीं कर सकते” तो पेंट करने की हर संभव कोशिश करें. और वह आवाज़ अपने आप गायब हो जाएगी.


Salvador Dali
अपनी स्वाभाविक क्रिएटिविटी करो. परफेक्शन की चिंता मत करो. आप वहां तक कभी नहीं पहुँच पाओगे.


Leo Burnett
जीवन के सभी पहलुओं के बारे में जिज्ञासा, मेरे अनुसार, महान रचनात्मक लोगों का रहस्य है. यानी जिज्ञासु लोग रचनात्मक होते हैं.


Ray Bradbury
सोचो मत. सोचना दुश्मन है रचनात्मकता का. यह संकोच भरा है और हर वह चीज़ जो संकोच से भरी है, भद्दी होती है. आप कोई चीज़ करने की कोशिश नहीं कर सकते. आपको तो सरलता और सहजता से चीजों को करना है.


Cecil B. DeMille
रचनात्मकता वह नशा है जिसके बगैर मैं नहीं रह सकता.


George Bernard Shaw
आप चीजों को देखते हैं और पूछते हैं कि क्यों? लेकिन मैं उन चीजों के सपने देखता हूँ जिनका अस्तित्व नहीं है और कहता हूँ “क्यों नहीं?”.


Albert Einstein
रचनात्मकता संक्रामक (फैलने वाली) है. इसे आगे बढ़ाते रहिए.


Theodore Levitt
रचनात्मकता नयी चीज़ें सोचना है. इनोवेशन यानी नया काम करना है.


Charles Brower
एक नया विचार बहुत नाज़ुक होता है. यह मर सकता है किसी की एक व्यंगात्मक मुस्कान या उपेक्षा की उबासी से. यह ख़त्म हो सकता है मजाक उड़ाने से और खत्म हो  सकता है क्रोधित होकर देखने से. इसे बचा के चलिए.


Alan Alda
रचनात्मकता वह स्थान है, जहां कोई पहले नहीं पहुंचा हो. तुम्हें अपने आराम के शहर को छोड़कर अपने अंतरज्ञान के जंगल में जाना ही पड़ेगा. तुम वहां जो पाओगे वह आश्चर्यजनक और सुखद होगा. वहां तुम अपने आप को खोज सकोगे.


Edward de Bono
बहुत सारे Ideas (नये विचार) होना अच्छा है, भले ही उनमें से कुछ गलत भी हों. इस बात से कहीं अच्छा कि आप हमेशा सही हों और आपके पास कोई idea ही ना हो.


Carl Ally
रचनात्मक व्यक्ति सब कुछ जानने की चाह रखता है. वह हर प्रकार की चीज़ों के बारे में जानना चाहता है. प्राचीन इतिहास, 19वीं सदी का गणित, उत्पादन की तकनीक. क्योंकि वह जानता है कि ये विचार मिलकर कभी भी एक नए Idea को जन्म दें सकते हैं. यह 6 मिनट बाद भी हो सकता है या 6 महीने बाद या 6 साल बाद भी. लेकिन उसे यह विश्वास होता है कि यह ज़रूर होगा. और ये हो जाता है.


Mary Lou Cook
रचनात्मकता नयी खोज करना है. नया प्रयोग करना है. Risk लेना है. नियमों को ब्रेक करना है. गलतियाँ करना है. और मज़ा करना है.


Lincoln Steffens
कुछ भी पूरा नहीं हुआ है. दुनिया में हर चीज़ करने या फिर से करने के लिए बाकी है. सबसे महान तस्वीर अभी पेंट किया जाना बाकी है. महानतम नाटक लिखा जाना अभी बाकी है. सबसे अच्छी कविता अभी गाई जाना बाकी है.


Henry David Thoreau
यह दुनिया कुछ भी नहीं है सिवाय कल्पना शक्ति के केनवास के.


Brenda Ueland
देखिये. कल्पना शक्ति को Mood की ज़रुरत होती है – लम्बे, बेकार, आनंदयुक्त आलस, व्यर्थ इधर उधर घूमने की.


Michele Shea
रचनात्मकता उसे देखना है जिसका अस्तित्व नहीं है. आपको यह पता करना है कि आप उसे कैसे बना सकते हैं? और यह एक तरह से ईश्वर के साथ मिलकर काम करने जैसा है.


Nolan Bushnell
हर व्यक्ति को नहाते वक़्त कोई नया Idea आता है. वह व्यक्ति बदलाव पैदा करता है जो शावर से निकलकर, कपड़े पहनकर अपने उस Idea के बारे में कुछ करता है.


Antoine de Saint
एक पत्थरों का ढेर तब तक ही पत्थरों का ढेर बना रहता है, जब तक की कोई व्यक्ति उसे ध्यान से ना देखे जिसके मन में गिरिजाघर की छवि बनी हो. और फिर वह पत्थर भी भगवान का घर बन जातें हैं. ये ही क्रिएटिविटी है.


Sir Joshua Reynolds
अविष्कार सही मायने में, कुछ हद तक एक नया जोड़ है उन तस्वीरों का जो की मस्तिष्क में पहले से ही जमा हैं. कुछ नहीं से, कुछ भी उत्पन्न नहीं हो सकता.


Erich Fromm
रचनात्मकता की शर्तें हैं:  समस्याओं का सामना करना, ध्यान लगाना, विरोधाभास को स्वीकार करना, हर दिन नया जन्म लेना और खुद को महसूस करना.


John Cage
मुझे समझ नहीं आता कि लोग नए विचारों से क्यों डरतें हैं? मैं तो पुराने विचारों से डरता हूं.


Joseph Chilton Pierce
एक रचनात्मक ज़िन्दगी जीने के लिए हमें गलत होने के डर को छोड़ना होगा.


Maya Angelou
आपकी रचनात्मकता कभी ख़त्म नहीं हो सकती. जितना आप उसका इस्तेमाल करेंगे, वह उतनी ही बढ़ती चली जाएगी.


John F. Kennedy
एक व्यक्ति मर सकता है. राष्ट्र का उत्थान और पतन हो सकता है. लेकिन एक विचार हमेशा जीता रहता है. वो अमर हो जाता है.





Oct 28, 2018

क्या पता, बात बन जाए.





आज आप Modern लाइफ़ स्टाइल में लगभग सब कुछ पा चुके हैं. सुख-सुविधाएं, स्टेटस, रुतबा, सोशल और मेंटल डेवलपमेंट, बेहतर से बेहतर क्वालिफिकेशन, चमत्कारिक एग्जाम ग्रेडस, गूगल देवता से हर तरीके का आशीर्वाद, शानदार नौकरी, व्यावसायिक संबंध और हमेशा के लिए समझदारी.

फ़िर ये अधूरापन लिए क्यों घूम हो आप?

अब क्या कमी रह गई है. कम्पलीट पैकेज है आपके पास. फ़िर ये उदासी बार बार घर क्यों कर जाती है? क्या खो गया है, जिसे तलाशना पेंडिंग रह जाता है हमेशा.

अरे, बेसिक लर्निंग तो पीछे ही छूट गई कहीं. प्रोडक्ट सामने है. फीलिंग मगर मिसिंग है. पैसे हैं, इमोशन खो गए. अमीर हो गए, अमीरी चली गयी. दिमाग चला तो दिल बैठ गया. भीड़ तो मिल गई, पर साथ कोई मिला नहीं. रिश्ते बेहिसाब बना डाले, मिठास गायब. 

मानव से रोबोट बन गए और मानवता फुर्र. पहचान ख़ूब बनी पर अपनी पहचान फुर्र. सब कुछ पा लिया लेकिन वो कोमल मुस्कान अब महंगी हो गई. अब नहीं आती.

ये क्या हो गया?

एडवांस लाइफ़ तो मिल गई. बेसिक होमवर्क किया ही नहीं था. अब वापिस लौट सकते नहीं और आगे कितना और पाना है और क्यों पाना है, इसका जवाब कहां मिलेगा?

साहब. सब जवाब आपके पास हैं. बाहर नहीं, आपके अंदर.  
आप इतने कुछ सोचिए.

हम आपको बी. के. शिवानी जी के कुछ सोचे गए विचार आपको सुनाते हैं. क्या पता, बात बन जाए. कोई दिशा मिल जाए. उजाले नाच उठे. फिज़ा फिर से हसीन हो जाए.



हज़ारों संबंध रखना कोई चमत्कार नहीं है. चमत्कार ये है कि आप एक ऐसा संबंध रखें जो तब भी आपके साथ खड़ा रहे, जब हज़ारों आपके खिलाफ हों.


हमारे जीवन की ज्यादातर समस्याएं हमारे बोलने के लहज़े से पैदा होती हैं. इससे मतलब नहीं है कि हम क्या कहते हैं, इससे मतलब है कि हम कैसे कहते हैं. क्या आप सहमत हैं?


लोग आपको Hurt करते है, भगवान् आपको Heal करेंगे. लोग आपको हयुमिलीएट करते हैं, भगवान् आपको Magnify करेंगे. लोग आपको Judge करते हैं, भगवान् आपको Justify करेंगे. ये जरुर होगा. भरोसा रखिए.


सत्य एक डेबिट कार्ड है - पहले कीमत चुकाएं और बाद में आनंद लें. झूठ एक क्रेडिट कार्ड है - पहले आनंद लें और बाद में कीमत चुकाएं.


आपका माइंड एक मैगनेट की तरह है.जैसा आप सोचेंगे, उसी को  आकर्षित करेंगे. इसलिए हमेशा अच्छे विचारों के बारे में सोचें और हमेशा पोजिटिव रहे. नेगेटिव से हासिल क्या होने वाला था?


अगर आप किसी की खुशियाँ लिखने वाली पेंसिल नहीं हो सकते हैं तो एक अच्छा सा इरेजर बनिए जो उनका दुःख मिटा सकने में मदद करता हो.


बदलाव की तरफ पहला कदम स्वीकार करना है. एक बार आप खुद को स्वीकार कर लेते हैं तो आप बदलाव के दरवाजे खोल देते हैं. आपको बस यही करना है.


हीलिंग का ये मतलब नहीं कि कभी पीड़ा थी ही नहीं. इसका मतलब है कि अब वो पीड़ा आपके जीवन को कंट्रोल नहीं करती.


अगर आप किसी की मदद कर रहे हैं और बदले में कुछ वापस चाह रहे हैं तो आप बिजनेस कर रहे हैं, दयालुता नहीं.


किसी के लिए अपना सब कुछ कुर्बान कर देना इतना मुश्किल नहीं है. लेकिन उस इंसान को खोज पाना मुश्किल है जो आपकी इस कुर्बानी का सम्मान कर सके.


एक जादुई गुण है जो हम सब के अन्दर है और वो हमारी ऊर्जा को बदल देता है और हमारे प्रति दूसरों की धारणा बदल देता है. उसे ईमानदारी कहते हैं.


हम सभी पर्वत के शिखर पर जीना चाहते हैं, लेकिन सारी खुशियाँ तब घटित होती हैं जब हम पहाड़ पर चढ़ रहे होते हैं. सफ़र का मज़ा लेना सीखिए. शिखर के बाद तो लौटना होगा. आगे कहां जायेंगे?


घमंड की सबसे बुरी बात है कि आप यह महसूस ही नही कर सकते हैं कि आप गलत भी हो.


सफलता प्रसन्नता की चाभी नहीं है. प्रसन्नता सफलता की चाभी है. अगर आप उस चीज से प्यार करते हैं जो आप कर रहे हैं, आप सफल हो जायेंगे.


विज्ञान और आध्यात्मिकता जुड़े हुए हैं. दोनों एक ही चीज कहते हैं - विश्वास मत करो, अनुभव करो. Don’t Trust, Feel it.


सफल रिश्ते इस बात पर निर्भर नहीं करते कि हमारे बीच कितनी अच्छी अंडरस्टैंडिंग है. बल्कि इस पर निर्भर करते हैं कि हम कितने अच्छे से मिसअंडरस्टैंडिंग से बच पाते हैं.


जीवन कोई प्रतियोगिता नहीं है. हर कोई अपनी यात्रा पर है. अपने चुनावों, क्षमता, मूल्यों और सिद्धांतो के अनुसार जिएं. आप सबकी तरह यूनिक हैं. अनोखे. शानदार. गज़ब के प्रतिभाशाली.


आज के समय में ज्यादातर लोग सिर्फ़ इसलिए दुखी और असफल है क्योंकि वे अपनी अक्ल के उपयोग के बजाय दूसरों की नकल ज्यादा करते हैं.


बदला लेकर नहीं. बस ख़ुद को बदलकर तो देखिये.


अमीर बनने के सिर्फ दो ही तरीके हैं. पहला - आप जो भी चाहते है, उसे पाने की भी कोशिश करे और दूसरा - जो आपको मिल गया है, उसमें खुश रहने का प्रयास करें.


आपके अलावा आपके खुशियों का कोई इंचार्ज नहीं है.


किसी भी चीज का उदाहरण देना बहुत सरल है लेकिन किसी के लिए खुद उदाहरण बनना बहुत ही मुश्किल है.


जब तक आप खुद दुखी नही होना चाहते है तब तक कोई आपको दुखी नही कर सकता है.


जो लोग सिर्फ़ आपको जरूरत के समय याद करते हैं. उनके लिए काम जरुर आना चाहिए. क्योंकि Darkest Moments के समय ही Brightest लाइट सबसे ज्यादा खोजी जाती है. और आप भाग्यशाली हैं कि वो Light आप हो. और आपको क्या चाहिये?