Jan 14, 2019

अगर वो सब ना हों तो जीने का मज़ा ही क्या है






जब भी आपका माइंड आपसे जरुरत से ज्यादा नोंक–झोंक करने लगे या ऐसा लगे कि कहीं कुछ गलत है जिसे समय रहते ठीक कर लेना चाहिए तो ये कविता आपको वहां ले जा सकती है, जहां समाधान की गुंजाईश है.

आइए, चल कर देखते हैं.

आज की सुबह
किसी से भी मिलने से पहले मैं

परमपिता को थैंक यू कहूँगा कि
उसने मुझे आज का दिन देखने का मौका दिया
लाखों होंगे जो कल रात के बाद उठे ही नहीं होंगे

मैं ख़ुद को थोड़ा मेंटली फ्रेश कर लेना चाहूँगा
ठीक वैसे ही जैसे नहा-धोकर फिजिकली फ्रेश महसूस करता हूँ

आज मैं अपने सभी कामों को एक पेज पर लिख लूँगा
ताकि उन्हें समय रहते पूरा कर सकूँ

आज मैं अपने मन को साफ़ करता चलूँगा
ताकि शाम होने तक भी बेफिक्री बनी रहे

आज मैं अपने साथ-साथ उनको भी वैल्यू दूंगा
जो मेरी जीवन यात्रा में मुझे रोमांचित रखते हैं
अगर वो सब ना हों तो जीने का मज़ा ही क्या है

आज मैं उन सबको धन्यवाद दूंगा जो
मुझ पर तब भी अपना यकीन बनाये रखते हैं
जब कुछ अच्छा नहीं चल रहा होता

आज मैं उन सबको भी थैंक यू कहूँगा जो
मेरी कमियों को लेकर चिंतित हो जाते है
यानि कहीं ना कहीं उन्हें मेरी परवाह तो है

आज मैं अपने काम को बेस्ट तरीके से करना चाहूँगा
बजाय इसके कि दूसरे लोग क्या कर रहे हैं और क्या नहीं

आज मैं अपने माइंड की गंदगी को साफ़ रखूंगा
ताकि वो भी मेरे घर जैसा खुबसूरत लगे
और जो भी मुझसे मिले वो दोबारा भी मुझसे मिलना चाहे

आज मैं अपने से जुड़े लोगों की अच्छाइयों का चिंतन करूँगा
और अपनी बुराइयों को दूर कर लेना चाहूँगा

आज मैं अपने शरीर के अंगों को भी थैंक्स करूँगा
अगर वो मेरी सपोर्ट ना करें तो बाकी सब बकवास ही है

आज मैं बिना स्वार्थ किन्ही 3 लोगों की मदद करना चाहूँगा
जो ख़ुशी मिलेगी वो किसी भी पैकेज से कहीं बड़ी होगी

आज मैं जिनसे भी मिलूँगा मुस्कराहट से मिलूँगा
कल क्या हुआ था इसे भूलकर

आज मैं अपने ज्ञान में ये भी जोड़ लेना चाहूँगा कि
कल मैं ना भी रहा तो भी दुनिया चलती रहेगी
और क्या गारंटी है कि कल मैं रहूँगा ही?

आज मैं वो ही करूँगा जो एक समझदार को करना चाहिए
आज मैं जी उठूँगा पूरी तरह खुशनुमा अपूर्णता में भी

आज मैं जीवन के हर पल का लुत्फ़ उठाऊंगा
ये दोबारा लौट कर आने वाला नहीं

आज मैं प्रेम की बारिश करूँगा
बिना ये सोचे-समझे कि कोई और क्या करता है

आज मैं फ़िर से जिंदा हो जाऊंगा जो कल तक नहीं था

बस आज
हे ईश्वर बस आज तुम मेरी मदद करना कि
आज को मैं पूरा जी सकूँ जी भर के

कल अपनी चिंता ख़ुद कर लेगा.

15 January 2019
10.02 AM

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