Jan 6, 2019

आज से अभी से तुम अमूल्य हुए.






वो बात जिस पर आप हमेशा मुस्कुरा सकते हैं
और
गर्व कर सकते हैं

वो है अपने आप से प्यार करते हुए अपने प्रयासों से अपनी पीड़ा कम कर लेना

वो है अपने आस-पास के लोगों को दोष ना देते हुए अपनी झुंझलाहट के समाधान ढूँढ़ लेना

वो है असफ़लता का डर होते हुए भी सफ़ल होने की एक कोशिश और कर लेना

वो है नकलीपन से दूर हो जाने की तरफ़ निरंतर बढ़ते चलना अपने अंदर एक मीठी आज़ादी महसूस करने के लिए

वो है अपने धरातल पर अपने पैर मजबूती से बनाए रखना और घबराहट में भी खिलखिलाते हुए आकाश की ओर देख लेना

वो है किसी भी विपत्ति से सामना होने पर अपने आपको जान लेना और ख़ुद को स्वीकारते हुए ख़ुद पर हंस भी देना

वो है अपने रिश्तों में गरमाहट बनाए रखना तब और भी ज्यादा जब हालात ख़राब होने की संभावना अत्याधिक हो

वो है अस्तित्व के हर पहलू से खुलकर बात कर लेना फ़िर चाहे वो प्रकृति हो कोई मनुष्य या कोई कुत्ता

वो है ये समझ लेना कि कल तुम ना भी रहे तो दुनिया चलती रहेगी अनवरत बिना किसी कठिनाई के

वो है अपने शरीर अपने दिमाग अपने दिल से रोज कुछ सेकंड बात कर लेना और उन्हें धन्यवाद देना

वो है अपनों से लिपट जाना रो देना हंस देना वो कह देना जो तुम कह देना चाहते हो

वो है अपने भीतर और अपने बाहर ख़ुद को एक जैसा रख लेना और फ़िर सो जाना गहरी नींद हर रात

वो है उनकी मदद करते रहना हालचाल जानते रहना मुस्कराहट देना जो तुमसे मिलकर ख़ुश होते हैं

वो है तुलना से दूर भागते रहना ताकि तुम्हें वो बनना ना पड़े जो तुम कभी नहीं बनना चाहते

वो है अपने सपनों अपनी कल्पनाओं को जिंदा रखते रहना ताकि जीवन खिलता रहे हर रोज सुबह तुम्हारे लिए

वो है इतना सा पढ़ लेना कि महसूस कर सको अपना अज्ञान और जान पाओ कि श्वास के बिना कोई कुछ भी नहीं है

वो है अपना धर्म याद रखना उसे अपने तरीके से निभा देना और आनंदित होते हुए अपने गम को छोटा कर लेना

वो है कुछ ऐसा कमा के जाना जिसकी कीमत ना लग सके और बेशकीमती हो जाना ही तुम्हारी असली सफलता होगी

क्या तुम सचमुच ऐसे ही जीना नहीं चाहते?

तो ये ही समय है तुम्हारे मुस्कुराने का, गर्व करने का

आज से अभी से तुम अमूल्य हुए.

06 जनवरी 2019
6.40 PM

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