Jan 7, 2019

बस फ़ौरन मुझे बुला लेना तुम





कभी भी तुम्हें जब ये आभास हो  
एक झलक मिल जाए बिना जजमेंटल हुए
कि

क्या है ग़लत और क्या है सही

क्या हैं ज़रूरी और क्यों है जरूरी  

कौन है बड़ा और कौन है छोटा

क्या है सुख और क्या है दुःख

क्या है अनुकूल और क्या है प्रतिकूल  

क्या है हँसना और क्या है रोना

क्या है पाना और क्या है खोना

क्या है प्रेम और क्या है नफरत

क्या है दया और क्या है हिम्मत

क्या है धर्म और क्या अधर्म

क्या है भूख और क्या है ख़ुशी

क्या है धूप और क्या है नमी

क्या है गुण और क्या अवगुण

क्या है कर्म और भाग्य का अंतर
क्या है जिंदगी का जंतर –मंतर


बस फ़ौरन मुझे बुला लेना तुम

मैं भी जानना चाहता हूँ
कि आख़िरकार सच है क्या
ये मुझे अब तक सचमुच नहीं पता.

08 जनवरी 2019
11.34 AM

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