Jan 25, 2019

जिस दिन तुम ये कर पाए.






आज पूर्ण स्वराज का दिन है
साहस का दिन
संविधान का दिन
लोकतंत्र का दिन

तुम भी मनाओ इसे भरपूर
इसे पूरे दिल से मनाना
जैसे दिवाली मनाते हो

ये अपनी समस्याओं से दो-दो हाथ करने का दिन है
अपनी समस्या के आगे डट के खड़े हो जाना
अपनी छाती में इतनी गहरी सांस भर लेना
कि
जब सांस छोड़ो तो समस्या हवा में उड़ जाए

घबराना मत
हो सकता है वो तुम्हें डराए
हो सकता है तुम्हारा हौसला किसी पल सुस्त पड़े  
हो सकता है सब कहें ये तुमसे नहीं होगा
हो सकता है तुम ख़ुद को समेटने का मन बना लो
पर तुम ये सब भूल कर
ख़ुद पर भरोसा बनाए रखना

काले बादल आयेंगे
भविष्य तुम्हें चिंतित करेगा
सबसे बुरा क्या हो सकता है
तुम हार भी सकते हो
तुम रो भी सकते हो

लेकिन

तुम आस मत छोड़ना
तुम्हें कुछ नहीं होगा
तुम डटे रहना
जैसे फ़ौजी
अपने पैर जमाए रखना
जैसे अंगद


जिस धरा ने तुम्हें पनाह दी है
वो तुम्हें लड़ना और जीतना भी सीखा देगी

बस आखें सामने
और
अपना सर ऊँचा रखना

लगातार प्रयासों से
तुम ख़ुद को पहचान जाओगे

अब तक तुम दुनिया के हिसाब से चलते आए थे
अब तुम्हें ख़ुद को तलाशना है ख़ुद के लिए
समय लगेगा

परन्तु

यकीन मानो
जिस दिन तुम ये कर पाए
तुम्हारी हंसी अनमोल होगी
आज वो ही दिन है
तुम्हारा पूर्ण स्वराज
तुम्हारा गणतंत्र

मुबारक हो.

26 जनवरी 2019
8.55 AM




No comments: