Feb 16, 2019

वो चलते-फिरते भगवान् हैं.





हमारे लिए
सिर्फ़ हमारे लिए

हमारे प्रिय बंधु
सैनिक बनते हैं
और
दुश्मन से लोहा लेते हैं  

वो देश और मानवता की रक्षा के लिए जन्म लेते हैं
और
शहीद की तरह कुर्बान हो जाते हैं


हमारे लिए
सिर्फ़ हमारे लिए
वो उन सभी को भूला देते हैं जिनसे उन्हें बेशुमार प्यार होता है
अपना घर
अपना परिवार
अपना जीवन
सिर्फ़ ये सुनिश्चित करने के लिए कि
हम जिंदा रहें और आज़ाद भी


वो हमारे लिए जोख़िम उठाते हैं
अपनी परवाह किये बिना
वो अपना बलिदान देते हैं
हमें बचाने के लिए

वो चलते-फिरते भगवान् हैं
जिन्हें हम देख सकते हैं
छू सकते हैं
जिनसे हाथ मिला सकते हैं
जिनके गले लगकर
उनका शुक्रिया अदा कर सकते हैं
उनका आभार प्रकट कर सकते हैं


हम आने वाली पीढ़ियों को

ये ज़रूर बताएं

कि अपने घर से हजारों किलोमीटर दूर जाकर

अपने चाहने वालों को अकेला छोड़कर


हमारे लिए
सिर्फ़ हमारे लिए

हमारे सभी सैनिक

बहादुरी से

मजबूती से

सच्चे मन से अपनी धरती

और

इस धरती पर रहने

वालों की हिफ़ाजत कैसे करते हैं

और

अपनी जान हथेली पर रख कर

क्यों शहीद हो जाते हैं

ये धरती भी अपने बेटों की शहादत पर

नाज़ करती हैं

हालांकि वो अपना क़र्ज़ उतारना जानती है

उसकी आँखें मगर गीली हो जाती है


समय आने पर वो

माकूल ज़वाब देती है

और तब जीवन फ़िर से मुस्कुराता है


हमारे लिए
सिर्फ़ हमारे लिए


16 February 2019
02.31 PM
Image Source: Google




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