Feb 5, 2019

आओ आधा-आधा कप चाय पीते हैं.






मिट्टी से बाहर आने के बाद

अगर तुम कुछ बन गए हो
अगर तुम कुछ हो गए हो
अगर तुम आगे चले गए हो
अगर तुम एक दूरी पर हो
अगर तुम नए से हो गए हो
अगर तुम समझदार बन गए हो
तो
ये कितनी खुबसूरत बात है?

और
अगर तुम कुछ भी ना बनते
अगर तुम कुछ भी ना होते
अगर तुम आगे भी ना जाते
अगर तुम दूरी भी ना बनाते
अगर तुम पुराने से ही रहते
अगर तुम बुद्धू भी कहलाते
तो भी
क्या ये कम खुबसूरत बात है?

आओ
आधा-आधा कप
चाय पीते हैं
थोड़ा जीते हैं

फिर तुम कहीं भी निकल जाना

मैं रोकूंगा नहीं 

तुम्हारी यात्रा 

मिट्टी के भीतर जाने से पहले.

6 February 2019
8.12 AM.
Image Source: Google




No comments: