Mar 26, 2019

तुमने मुझे मेरे भीतर उतारा है.





आज
भले ही मेरी
या
किसी और की
तार्किक बुद्धि
और तर्क से भरी मन की परतें
अजीब सा महसूस करें
कि  
बदलाव हो रहा है
लेकिन चाहे जो हो
मुझे ये अच्छा लगने लगा है

अब मैं देख पाता हूँ वो कुछ-कुछ
जो
मेरे अंदर के जीवन को सहज रखने में मदद करता है

अब पहले जैसा डर नहीं लगता
कि
अगर कुछ मेरे हिसाब से नहीं हुआ
तो क्या होगा

इससे अब मुक्ति है कि कब क्या होगा
यहाँ कभी भी कुछ भी हो सकता है
ये ही यहाँ की सुंदरता है
और ये हमेशा ही ऐसी रहेगी

जीवन के दरवाजे अब खुलने लगे हैं
अब बच्चों सा खिलखिलाने का समय है
महसूस करने का समय है
अद्भुत अनुभव लेने और हैरान होते रहने का समय है

ये जीवन को वैसे ही देखने का जिक्र है
जैसा ये होता है
इसमें “मेरा जीवन या तेरा जीवन” जैसा कुछ भी नहीं है
केवल जीवन है
अंदर से पनपता जीवन और उसकी खूबसूरती

ये किसी भी पैकेज को पा जाने
या
मनचाहा पद प्राप्त कर लेने
और  
किसी भी इच्छा-पूर्ति से भी
अधिक
मूल्यवान रूप से सुंदर है

और 
मुझे इसके लिए हमेशा
तुम्हारा आभारी होना ही चाहिए

तुमने मुझे मेरे भीतर उतारा है
और 
मैं समझने की फ़िराक में हूँ
कि क्या 
ये इतना आसान था भी कभी.

26 March 2019
03.37 PM
Image source: google


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