May 19, 2019

बड़ा भाई ओपिनियन पोल और छोटा भाई एग्जिट पोल.




इलेक्शन के दौरान

वोटर जब अपना वोट देकर बाहर निकल रहा हो
तब उससे पूछा जाए कि
उसने किसे वोट दिया
और 
उसके जवाब को बेस बना कर किये गए
एनालिसिस के रिजल्ट का नाम है एक्जिट पोल.

ये तो रोचक है ही
इसका एक बड़ा भाई भी है
जो है
ओपिनियन पोल.
ये थोड़ा पहले बैटिंग करने क्रीज़ पर आ जाता है
इसमें वोटर से पूछने की ट्राई की जाती है
कि
वो अपना वोट किसे देने जा रहे हैं

वैसे
एग्जिट पोल
सबसे पहले 1967 में
नीदरलैंड से स्टार्ट हुए
समाजशास्त्री और पूर्व राजनेता मार्सेल वान डैम ने
दुनिया को इससे परिचित करवाया.


वहीँ ओपिनियन पोल
के जनक अमेरिका के
क्लॉड रोबिंसन और जॉर्ज गैलप माने जाते हैं.
1937 में इंग्लैंड
और
1938 में फ्रांस में इनका इस्तेमाल किया गया.


भारत में
इस ट्रेंड को लाने का क्रेडिट
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक ओपिनियन के
एरिक डी कोस्टा को दिया जाता है.

जनता के मिजाज को परखने का
ये एक रिसर्च-बेस्ड तरीका है
जो यहाँ 1998 से सुर्ख़ियों में आया.


बात करने से लेकर
अनुमान लगाने तक
और
रिजल्ट आने तक
एग्जिट और ओपिनियन पोल
छाए रहते हैं

इन दिनों
भारत में इनका सफ़र अपनी उड़ान पर है.


देखना दिलचस्प होगा
कि
फाइनल पोल रिजल्ट में
जनता का फ़ैसला क्या होगा

और
देश की नयी दशा और दिशा क्या होगी?

तब तक आप भी अपना टीवी ऑन रखिए.


इंफो/इमेज सोर्स: गूगल



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