May 26, 2019

वरना जिंदगी बस एक दुखी सफ़लता होगी.





रिसर्च बताती है 
कि
जिसे अब तक सक्सेस जाना या समझा गया है,
   
उसे पाने के 
एक समय के बाद 
लोगों को
लगने लगता है कि
जिस सक्सेस को पाने के लिए वो इतने पागल थे
वो तो खोखली सफलताएं निकली.


क्योंकि तब तक वो जान चुके होते हैं कि
ये सक्सेस उन्हें उन सब चीज़ों को खो कर मिली जो
सक्सेस से भी कहीं ज्यादा इम्पोर्टेन्ट थी,

फ़िर चाहे वो कोई रिलेशन हो,
मिलना-जुलना हो, हँसना-रोना हो
या के पीसफुलनेस.


हर फील्ड के लोग अक्सर 
सतही चीज़ों के लिए ही लाइफ टाइम
पूरा स्ट्रगल करते रह जाते हैं जैसे कि
ज्यादा इनकम, ज्यादा इज्जत, 
ज्यादा व्यस्तता और 
दुनिया को कुछ दिखा देने का भाव


और इसी दौरान वो मिस कर जाते हैं
लाइफ़ के बेहतरीन लम्हें,
वफ़ादारी की संभावनाए और उससे मिलने वाली ख़ुशी
अपनापन, प्यार, सादगी,
आपसी विश्वास और जीवन से प्रेम
यानि के लाइफ़ के सबसे इम्पोर्टेन्ट कंटेंट
और  
अपनी अंदर की दुनिया.


और जब एक्चुअल पिक्चर क्लियर हो जाती है 
तब अचानक लोग भागते हैं वापिस 
उसे पाने के लिए जो सबसे ज़रूरी था.


बस ये फ़र्क ही समझने की देर है

हो सकता है
इस वक़्त आप दुनिया के सबसे बिजी आदमी हों,

हो सकता है
इस वक़्त तक आपने दुनिया में अपना लोहा मनवा लिया हो,

लेकिन आपकी लाइफ़ का सही मीनिंग
तभी डिफाइन हो सकेगा
जब आप ये जान सकें कि 
सच्चे अर्थों में सफ़लता किस चिड़िया का नाम है.


आपने स्टार्ट चाहे जैसा भी लिया हो,
आपका टर्न चाहे जैसा भी रहा हो
मगर
आपकी नज़रों में
आपका अंत शानदार होना ही चाहिए
बिना लेवल और लेबल की चिंता किये हुए

वरना 
आपकी जिंदगी बस एक दुखी सफ़लता होगी.



इमेज सोर्स: गूगल



No comments: