May 18, 2019

बुरा ना मानों तो एक लास्ट रिक्वेस्ट है





काम से आने के बाद पापा
अपने बच्चे को रोज शाम को पार्क में घुमाते,  
और फ़िर शाम को 10 मिनट भगवान् को
याद करते हुए प्रेयर करते.


ये सब बच्चे के सामने होता
और
उसे भी ये अच्छा लगता.


अब वो भी प्रेयर करना चाहता,
लेकिन पिता की प्रजेंस में
भगवान् से कुछ भी कहने से वो हिचकिचाता.


एक दिन पापा घर आने में लेट हो गए,
बच्चे को मनचाहा चांस मिल गया,
उसने प्रेयर स्टार्ट की,
इतने में पापा घर पहुँच गए
और दीवार के पीछे छुप कर
बच्चे की प्रार्थना सुनने लगे.


बच्चे ने कहा हेलो जी.
आप मेरे पापा की हेल्थ बनाये रखना,
मम्मी की कमर का दर्द ठीक कर देना
अगर उन्हें कुछ हो गया तो मुझे खाना कौन देगा?
और घुमायेगा कौन?
स्कूल पढ़ने भेजेगा कौन?


फ़िर उसने प्रेयर कंटिन्यू की
आप मेरे सभी दोस्तों का भी ख़याल रखना,
वर्ना मेरे साथ खेलेगा कौन
और मेरी बातें कौन सुनेगा?


प्रभु,
आप हमारे डोगी को भी ठीक रखना
क्योंकि उसे कुछ भी हुआ तो
चोरों से हमें कौन बचाएगा?


फ़िर उसने कुछ देर और सोचा
और कहा
भगवान् 
बुरा ना मानों तो एक लास्ट रिक्वेस्ट है
कि
मेरी सभी विश पूरी करने से पहले,
आप अपना ध्यान जरुर रखना
क्योंकि
यदि आप को कुछ हो गया
तो हम सब का क्या होगा?


फ़िर उसने अपने दोनों हाथ जोड़े,
भगवान् की फ़ोटो देखकर मुस्कुराया
और
कमरे से बाहर निकल गया.


उसकी इतनी सहज प्रेयर सुन कर
दीवार के पीछे छुपे पापा की आंखे भर आई.

अब पार्क में घूमने के बाद
अक्सर बच्चे की प्रेयर ही घर में गूंजती है.



चलते-चलते:
आज नहीं तो कल बच्चे से बड़ा 
आपको होना ही होगा, 
लेकिन अगर सहजता से जीया जाए 
तो बड़े से वापिस बच्चे बनने का सफ़र 
और मज़ा ही कुछ और है. 

आप कर के देखना कभी.
ये रिजल्ट ओरिएंटेड मामला होगा.
गारंटीड सफ़ल अफेयर.


इमेज सोर्स: गूगल

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