Jun 1, 2019

तुम जैसे भी हो, बस वैसे ही रहना.






तुम जैसे भी हो, बस वैसे ही रहना,

कोई कुछ भी कहता रहे
साथ कुछ भी होता रहे
कुछ गिरे या गिर के बहे
मोती मिलें या किला ढहे

सब हौले-हौले से चुपचाप सहना,
 तुम जैसे भी हो, बस वैसे ही रहना,



सब कुछ ना कुछ खोते हैं
सब हंसते हैं तो कभी रोते हैं
कई बार वो भी काटते हैं, जो नहीं बोते हैं
सूरज, चंदा, आंधी, तूफ़ान सब अंदर होते हैं

तुम पर किसी से कुछ भी ना कहना,
 तुम जैसे भी हो, बस वैसे ही रहना.


बारिश आये तो भीग जाना
धूप में भी बाहर निकल आना
दर्द में भी थोड़ा मुस्कुराना
ख़ुशी में कुछ मीठा बाट आना

जिसके भी बनो तो पूरा बनना,
 तुम जैसे भी हो, बस वैसे ही रहना.

 बस अपने में.






01.49 PM

31 मई 2019

इमेज सोर्स: गूगल





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