Jun 2, 2019

जून में सूरज के खिलाफ़ कोई चूं करके तो देखे. लू ही लगेगी.






अभी सूरज के पास पूर्ण बहुमत है
और ये उसके स्वभाव से मैच भी करता है
इस समय सूरज सबके साथ 20-20 मैच खेल रहा है
इसे आप उसका स्वाद लेना कांटेस्ट भी कह सकते हैं.


कोई कितना भी चाहे
फिर भी उसके फैसले का विरोध करना
मुश्किल हो ही जाता है.


आजकल तो बादल भी चुपचाप निकल जाते हैं
ज्यादा बातें नहीं करते.
हवा ठंडे होकर बहना तो चाहती है लेकिन
सूरज की तपिश उसे निराश ही कर रही है.


ये जून का महीना भी ना
सूरज के खिलाफ़ कोई चूं करके तो देखे
लू ही लगेगी.


पसीने से भरा जीवन और शरीर में पानी की कमी
इन दिनों तो बच्चों के शकुनि मामा तक बन जाते हैं सूरज जी.


वहीँ डर के मारे घर में ही बैठ जाना चाहता है आदमी
लेकिन 2 रोटी कमाने के लिए बाहर तो 
निकलना ही है.


कुछ लोगों को हॉलीडेज नसीब हो जाती हैं 
तो थोड़ा सुकून हैं
वर्ना
तो गर्मी से ज्यादा इंसान होने की निराशा अधिक है आदमी को
बस वो गाली देकर अपनी कौम की इंसल्ट नहीं करना चाहता
क्योंकि AC चला-चला कर उस कौम ने सूरज को और ज्यादा
गुस्सैल बना दिया है.
भुगतान सभी को बराबर करना पड़ रहा है
ये ही प्रकृति की पीड़ा है.


और देखिए
ये ही सूरज दिसम्बर-जनवरी में
कितना सुहाना लगता है
पहले प्यार से भी अधिक प्यारा
लवेरिया टाइप 


उस दौर में ठंड विलेन बन जाती है
और उसकी सरकार आने पर सूरज को विपक्ष में बैठना पड़ता है


ये ही लाइफ़ है
जो विपक्ष में हो
लोग उसके प्रति नरमदिल रहते ही हैं
और जो सरकार में होते हैं
उनसे सबकी तकरार शुरू हो जाती है. 


और सुनाइये
आप कैसे हैं?
शरबत पीना चाहेंगे?
गर्मी बहुत है.
  
(केवल हास्य-व्यंग्य)  
इमेज सोर्स: गूगल


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