Jun 21, 2019

तुम्हारी जैसी परफेक्ट तो नहीं, लेकिन कुल मिलाकर ठीक-ठाक सी है जिंदगी.





तुम्हारी जैसी परफेक्ट तो नहीं,
लेकिन कुल मिलाकर मेरी हाइट ठीक ही है.
किसी से तुलना ना करूँ तो 
इतनी भद्दी भी नहीं दिखती.
झुककर अपनी ज़िम्मेदारी एक्सेप्ट कर ही लेती है.
दिल टूटने पर भी कमर-दर्द का खतरा 
कम बनाए रखती है.


तुम्हारी जैसी परफेक्ट तो नहीं,
लेकिन कुल मिलाकर मेरी दोनों आँखें 
भी ठीक ही लगती है.
सनलाइट में या कुछ खो जाने पर,
रोने को हो जाती हैं अक्सर.
डरती भी हैं किसी को धोखा देने से. 
चश्मे के प्यार में डूबी रहती हैं.


तुम्हारे जैसे परफेक्ट तो नहीं,
लेकिन कुल मिलाकर मेरे कान भी ठीक ही लगते हैं.
ज्यादा बड़े तो नहीं, 
मगर उतने छोटे भी नहीं हैं.
नार्मल आवाज़ को सुन लेते हैं
चिलचिलाती आवाज़ से खड़े हो जाते हैं 
और भागने लगते हैं.


तुम्हारी जैसी परफेक्ट तो नहीं,
लेकिन कुल मिलाकर मेरी नाक भी ठीक ही लगती है.
खुश्बू और बदबू को पहचान लेती है
कभी गहरे और कभी हलके सांस भी ले लेती है
गर्मियों में घबराती तो ठंड में बंद भी हो जाती है.


तुम्हारी जैसी परफेक्ट तो नहीं,
लेकिन कुल मिलाकर मेरी हड्डियां भी 
ठीक ही लगती है.
ज्यादा कट-कट नहीं करती.
कभी कभी हाथ-पैरों को अकेला ज़रूर छोड़ देती हैं,
पर फ़िर भी नाच लेती हैं किसी तान पर, 
जब मूड में हो.


तुम्हारी जैसा परफेक्ट तो नहीं,
लेकिन कुल मिलाकर मेरा पेट भी ठीक सा ही रहता है.
टेंशन में स्लिम और रिलैक्सिंग में 
भटूरे जैसा लगता है.
भूख के समय जज्बाती से सीधा प्रैक्टिकल हो उठता है.
ज्यादा चटपटे के लिए अब छटपटाता नहीं. 
आलसी सा है.


तुम्हारी जैसी परफेक्ट तो नहीं,
लेकिन कुल मिलाकर मेरी नौकरी भी 
ठीक-ठाक सी लगती है.
ये उतनी महंगी और अपडेटेड तो नहीं,
मगर कुछ नया करने और 
सोचने का समय निकल जाता ही है
घर के लोगों और कामों दोनों की मुस्कान भी 
फ्रेश सी रहती है.


तुम्हारी जैसी परफेक्ट तो नहीं,
लेकिन कुल मिलाकर मेरी जिंदगी भी 
ठीक-ठाक सी लगती है.
ये बुलेट ट्रेन जैसी फ़ास्ट नहीं तो 
बैलगाड़ी सी स्लो भी नहीं.
टाइम टू टाइम, ईश्वर इज्ज़त मैनेज करता ही रहा है.





इमेज सोर्स: गूगल










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