Jul 21, 2019

20 दिनों में 5 गोल्ड.





मौसम के हिसाब से हम
थोड़े आलसी ही रहे हैं.

इसलिए हम ऐसे खेलों में ज्यादा आक्रामक हैं
जिनमें लगातार दौड़ना ना पड़े या
बीच-बीच में ब्रेक की गुंजाईश हो.

लेकिन कई दफ़ा हौसले हर चीज़ को पीछे छोड़ देते हैं.
ऐसा ही नज़ारा इस जुलाई में भरपूर देखने को मिला है.

भारत की युवा एथलीट हिमा दास ने
20 दिनों में 5 गोल्ड मैडल जीत कर
इतिहास रच दिया है.

कुछ हद तक क्रिकेट वर्ल्ड-कप की सेमीफाइनल की हार का दर्द भी कम सा कर दिया है.

हिमा को ढिंग एक्सप्रेस भी कहा जाता है.
पी. टी. उषा के बाद उन्हें भारत की
नयी उड़न परी कहा जाने लगा है.
ये सही भी है.

इंटरनेशनल लेवल पर ऐसा धमाकेदार प्रदर्शन
हर किसी के बस की बात कहाँ?
वो भी जब आपको अलग-अलग विचारधाराओं के
समंदर में से निकल कर
सूरज को पकड़ना होता हो.
ये कमाल का साहस है और
उतनी ही शानदार उपलब्धि.

टाबोर ग्रां प्री में पहला गोल्ड.
क्लाइनो में दूसरा गोल्ड.
कुंटो एथलेटिक्स मीट में तीसरा गोल्ड.
फ़िर चौथा गोल्ड
और अब
मेटुजी ग्रां प्री में पांचवा गोल्ड.

साधारण सी दिखने वाली एक लड़की का
इतना असाधारण प्रदर्शन ये सोचने पर मजबूर करता ही है कि तमाम मुश्किलों और समस्याओं को 
बौना साबित कर
सपनों की उड़ान हकीकत में बदल सकती है
बशर्ते
आप डटे रहें और विश्वास के साथ
रुकावटों पर स्वच्छता अभियान चलाते रहें.

हिमा दास को वर्ल्ड लेवल पर भारत का नाम रोशन करने पर बधाई और ढेर सारा शुक्रिया.

आपका ये सफ़र अनेकों भारतीयों के मन में
अपार उत्साह और जज्बे का संचार करेगा,
ये ही कामना है.


इमेज सोर्स: गूगल.


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